पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 12
मुहावरे और लोकोक्तियाँ
भाषा को जीवंत बनाने वाले वाक्यांश और कहावतें। परीक्षा में 'मुहावरे का सही अर्थ', 'उपयुक्त मुहावरे से रिक्त स्थान भरिए' और 'लोकोक्ति का अर्थ' पूछे जाते हैं।
अंतिम अपडेट: 2026-10-14
इस अध्याय में
मुहावरा और लोकोक्ति में अंतर
| मुहावरा | लोकोक्ति (कहावत) | |
|---|---|---|
| स्वरूप | वाक्यांश — अधूरा, अकेले पूरा अर्थ नहीं देता | पूरा वाक्य — स्वतंत्र रूप से पूरा अर्थ |
| प्रयोग | वाक्य का हिस्सा बनकर आता है | स्वतंत्र रूप से, प्रायः किसी बात के समर्थन में |
| परिवर्तन | लिंग, वचन, काल के अनुसार बदलता है (आँखें चुराता है, चुराई) | प्रायः ज्यों का त्यों रहता है |
| अर्थ | लक्षणा/व्यंजना से विशेष अर्थ | जीवन के अनुभव का निचोड़ |
| उदाहरण | आँखों का तारा होना | अधजल गगरी छलकत जाय |
शरीर के अंगों से जुड़े मुहावरे
परीक्षा में सबसे ज़्यादा यही आते हैं। हर मुहावरे का अर्थ और वाक्य में प्रयोग:
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|
| आँख का तारा | बहुत प्यारा | इकलौता बेटा माँ की आँख का तारा है। |
| आँखें चुराना | सामने आने से बचना | गलती करने के बाद वह मुझसे आँखें चुराने लगा। |
| आँखें खुलना | सच्चाई का पता चलना | धोखा खाने के बाद उसकी आँखें खुलीं। |
| आँखों में धूल झोंकना | धोखा देना | चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग गया। |
| आँखें बिछाना | प्रेम से स्वागत करना | गाँव वालों ने नेताजी के लिए आँखें बिछा दीं। |
| आँख लगना | नींद आना | रात देर से आँख लगी। |
| कान भरना | चुगली करना | किसी ने मालिक के कान भर दिए। |
| कान खड़े होना | सावधान हो जाना | आहट सुनते ही चौकीदार के कान खड़े हो गए। |
| कानों कान खबर न होना | बिल्कुल पता न चलना | उसने ऐसा काम किया कि किसी को कानों कान खबर न हुई। |
| कान पर जूँ न रेंगना | कुछ असर न होना | बार-बार समझाने पर भी उसके कान पर जूँ न रेंगी। |
| नाक कटना | इज़्ज़त जाना | बेटे की करतूत से पिता की नाक कट गई। |
| नाक में दम करना | बहुत परेशान करना | शरारती बच्चों ने नाक में दम कर रखा है। |
| नाक रखना | इज़्ज़त बचाना | खिलाड़ियों ने अंतिम मैच जीतकर देश की नाक रख ली। |
| मुँह की खाना | हार जाना | घमंडी पहलवान को मुँह की खानी पड़ी। |
| मुँह में पानी आना | लालच आना | मिठाई देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गया। |
| मुँह पर ताला लगाना | चुप रहना | अधिकारी के आते ही सबने मुँह पर ताला लगा लिया। |
| दाँत खट्टे करना | बुरी तरह हराना | सैनिकों ने दुश्मन के दाँत खट्टे कर दिए। |
| दाँतों तले उँगली दबाना | हैरान होना | जादूगर का खेल देखकर लोग दाँतों तले उँगली दबाने लगे। |
| गला काटना | धोखे से नुकसान पहुँचाना | व्यापारी ने साझेदार का गला काट दिया। |
| सिर पर चढ़ाना | बहुत लाड़-प्यार से बिगाड़ना | ज़्यादा लाड़ ने बच्चे को सिर पर चढ़ा दिया। |
| सिर धुनना | पछताना | परीक्षा का परिणाम देखकर वह सिर धुनने लगा। |
| सिर आँखों पर रखना | आदर से स्वीकार करना | आपकी आज्ञा सिर आँखों पर। |
| हाथ धोकर पीछे पड़ना | पूरी ताकत से किसी काम में लग जाना | वह नौकरी के लिए हाथ धोकर पीछे पड़ा है। |
| हाथ पीले करना | विवाह करना | इस वर्ष वे अपनी बेटी के हाथ पीले करेंगे। |
| हाथ-पाँव फूलना | घबरा जाना | आग देखकर उसके हाथ-पाँव फूल गए। |
| हाथ खींचना | सहायता बंद करना | मुसीबत में दोस्तों ने हाथ खींच लिया। |
| हाथों-हाथ लेना | बहुत आदर से स्वागत करना | विजेता खिलाड़ियों को लोगों ने हाथों-हाथ लिया। |
| पाँव उखड़ना | टिक न पाना, भाग खड़े होना | सेना के हमले से शत्रु के पाँव उखड़ गए। |
| पैरों तले ज़मीन खिसकना | बहुत घबरा जाना | दुर्घटना की खबर सुनकर उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। |
| पेट में चूहे दौड़ना | बहुत भूख लगना | सुबह से कुछ नहीं खाया, पेट में चूहे दौड़ रहे हैं। |
| कलेजा मुँह को आना | बहुत डर जाना | शेर की दहाड़ सुनकर कलेजा मुँह को आ गया। |
| छाती पर साँप लोटना | ईर्ष्या करना | पड़ोसी की तरक्की देखकर उसकी छाती पर साँप लोटने लगा। |
| कमर टूटना | बहुत नुकसान होना | बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी। |
| पीठ दिखाना | हारकर भागना | वीर कभी युद्ध में पीठ नहीं दिखाते। |
| उँगली उठाना | दोष लगाना | ईमानदार व्यक्ति पर कोई उँगली नहीं उठा सकता। |
| गर्दन पर सवार होना | पीछा न छोड़ना | कर्ज़ वाले उसकी गर्दन पर सवार हैं। |
| खून खौलना | बहुत क्रोध आना | अन्याय देखकर उसका खून खौल उठा। |
| बाल बाँका न होना | कुछ भी नुकसान न होना | भगवान की कृपा से उसका बाल भी बाँका न हुआ। |
| दिल टूटना | निराश होना | असफलता से उसका दिल टूट गया। |
| जी चुराना | काम से बचना | आलसी छात्र पढ़ाई से जी चुराता है। |
अन्य प्रमुख मुहावरे
| मुहावरा | अर्थ | मुहावरा | अर्थ |
|---|---|---|---|
| अंगारे बरसना | बहुत गर्मी पड़ना | अक्ल पर पत्थर पड़ना | बुद्धि भ्रष्ट होना |
| अपना उल्लू सीधा करना | स्वार्थ सिद्ध करना | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना | अपनी प्रशंसा स्वयं करना |
| आसमान सिर पर उठाना | बहुत शोर करना | आग बबूला होना | बहुत क्रोधित होना |
| आग में घी डालना | झगड़ा और भड़काना | आटे-दाल का भाव मालूम होना | कठिनाई का अनुभव होना |
| ईद का चाँद होना | बहुत दिनों बाद दिखाई देना | ईंट से ईंट बजाना | पूरी तरह नष्ट कर देना |
| उल्टी गंगा बहाना | नियम के विरुद्ध काम करना | एक और एक ग्यारह होना | एकता में शक्ति होना |
| ऊँट के मुँह में जीरा | आवश्यकता से बहुत कम | कलई खुलना | भेद खुल जाना |
| काम तमाम करना | मार डालना | कुएँ का मेंढक | सीमित ज्ञान वाला |
| कोल्हू का बैल | दिन-रात कड़ी मेहनत करने वाला | खाक छानना | इधर-उधर भटकना |
| खून-पसीना एक करना | बहुत परिश्रम करना | गागर में सागर भरना | थोड़े में बहुत कहना |
| गिरगिट की तरह रंग बदलना | बार-बार सिद्धांत बदलना | घड़ों पानी पड़ना | बहुत लज्जित होना |
| घी के दीये जलाना | खुशियाँ मनाना | चादर से बाहर पैर फैलाना | आय से अधिक खर्च करना |
| चिकना घड़ा होना | कुछ असर न होना | चैन की बंसी बजाना | सुख से रहना |
| छक्के छुड़ाना | बुरी तरह हराना | टस से मस न होना | अपनी बात पर अड़े रहना |
| टेढ़ी खीर | कठिन काम | तिल का ताड़ बनाना | छोटी बात को बड़ा बनाना |
| तूती बोलना | बहुत प्रभाव होना | थाली का बैंगन | सिद्धांतहीन/अवसरवादी व्यक्ति |
| दाल में काला होना | संदेह की बात होना | दिन में तारे दिखना | बहुत घबरा जाना |
| दूध का दूध पानी का पानी करना | ठीक-ठीक न्याय करना | नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना |
| पानी-पानी होना | बहुत लज्जित होना | पापड़ बेलना | कठिन परिश्रम करना/कष्ट सहना |
| फूला न समाना | बहुत प्रसन्न होना | बाएँ हाथ का खेल | बहुत आसान काम |
| बात का बतंगड़ बनाना | छोटी बात को बहुत बढ़ाना | भीगी बिल्ली बनना | डरकर सहम जाना |
| मिट्टी में मिलना | नष्ट हो जाना | रंग में भंग पड़ना | आनंद में बाधा आना |
| लोहे के चने चबाना | बहुत कठिन काम करना | श्रीगणेश करना | शुरुआत करना |
| हवा से बातें करना | बहुत तेज़ दौड़ना | हक्का-बक्का रह जाना | चकित रह जाना |
| होश उड़ जाना | घबरा जाना | अंधे की लकड़ी | एकमात्र सहारा |
| अँगूठा दिखाना | मना कर देना | आँसू पोंछना | सांत्वना देना |
| कमर कसना | तैयार होना | कीचड़ उछालना | बदनाम करना |
| खाला का घर | आसान काम | गड़े मुर्दे उखाड़ना | पुरानी बातें दोहराना |
| घाव पर नमक छिड़कना | दुखी को और दुखी करना | चार चाँद लगाना | शोभा बढ़ाना |
| छाती पर मूँग दलना | सामने रहकर दुख देना | जान पर खेलना | प्राणों को खतरे में डालना |
| ठिकाने लगाना | मार डालना / सही जगह पहुँचाना | दो नावों पर पैर रखना | दोनों ओर लाभ उठाने की कोशिश करना |
| पत्थर की लकीर | पक्की बात | मक्खियाँ मारना | बेकार बैठे रहना |
| लकीर का फ़कीर | पुरानी परंपरा पर चलने वाला | सोने पे सुहागा | अच्छे में और अच्छा |
| हाथ मलना | पछताना | हथेली पर सरसों उगाना | असंभव काम जल्दी करना |
प्रमुख लोकोक्तियाँ
| लोकोक्ति | अर्थ |
|---|---|
| अधजल गगरी छलकत जाय | कम ज्ञान वाला अधिक दिखावा करता है |
| अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत | समय बीतने पर पछताना बेकार |
| अंधों में काना राजा | मूर्खों में थोड़ा जानने वाला भी श्रेष्ठ |
| आम के आम गुठलियों के दाम | दोहरा लाभ |
| आ बैल मुझे मार | जान-बूझकर मुसीबत मोल लेना |
| ऊँची दुकान फीका पकवान | दिखावा अधिक, गुण कम |
| एक अनार सौ बीमार | चीज़ एक, चाहने वाले अनेक |
| एक पंथ दो काज | एक साथ दो काम |
| उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे | दोषी ही निर्दोष पर दोष लगाए |
| ओखली में सिर दिया तो मूसल से क्या डरना | कठिन काम शुरू कर दिया तो कष्ट से क्या डरना |
| का बरखा जब कृषि सुखाने | समय बीतने पर सहायता बेकार |
| काला अक्षर भैंस बराबर | बिल्कुल अनपढ़ |
| खोदा पहाड़ निकली चुहिया | बहुत परिश्रम, थोड़ा फल |
| घर का भेदी लंका ढाए | आपसी फूट से नाश |
| घर की मुर्गी दाल बराबर | घर की चीज़ का आदर नहीं |
| चोर की दाढ़ी में तिनका | दोषी व्यक्ति स्वयं संकेत दे देता है |
| जल में रहकर मगर से बैर | शक्तिशाली आश्रयदाता से शत्रुता |
| जिसकी लाठी उसकी भैंस | शक्तिशाली की ही जीत |
| जैसी करनी वैसी भरनी | जैसा कर्म वैसा फल |
| थोथा चना बाजे घना | गुणहीन व्यक्ति अधिक बोलता है |
| दूर के ढोल सुहावने | दूर से चीज़ें अच्छी लगती हैं |
| नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी कमी दूसरों पर डालना |
| नौ नकद न तेरह उधार | नकद का थोड़ा भी उधार के अधिक से अच्छा |
| बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद | मूर्ख गुण की कद्र नहीं जानता |
| बोए पेड़ बबूल का, आम कहाँ से होय | बुरे कर्म का अच्छा फल नहीं |
| भैंस के आगे बीन बजाए, भैंस खड़ी पगुराय | मूर्ख को उपदेश देना बेकार |
| मन चंगा तो कठौती में गंगा | मन पवित्र तो सब पवित्र |
| मुँह में राम बगल में छुरी | ऊपर से मित्र, भीतर से शत्रु |
| साँच को आँच नहीं | सत्य को हानि नहीं |
| हाथ कंगन को आरसी क्या | प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं |
| होनहार बिरवान के होत चीकने पात | महान व्यक्ति के लक्षण बचपन से दिखते हैं |
| जहाँ चाह वहाँ राह | इच्छा हो तो रास्ता निकल आता है |
| दाल-भात में मूसलचंद | बेवजह दखल देने वाला |
| एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है | एक बुरा व्यक्ति पूरे समूह को बदनाम करता है |
| बिन माँगे मोती मिले, माँगे मिले न भीख | भाग्य से बिना माँगे मिल जाता है |
| तेते पाँव पसारिए जेती लांबी सौर | आय के अनुसार खर्च करो |
| सावन के अंधे को हरा ही हरा दिखता है | सुखी व्यक्ति को सब सुखी लगते हैं |
| अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है | अपने क्षेत्र में कमज़ोर भी बलवान |
| कोयले की दलाली में हाथ काले | बुरी संगत से कलंक |
| नेकी कर दरिया में डाल | भलाई करके भूल जाओ |
| मान न मान मैं तेरा मेहमान | ज़बरदस्ती गले पड़ना |
| अंत भला सो सब भला | परिणाम अच्छा तो सब अच्छा |
| ढाक के तीन पात | सदा एक-सी स्थिति |
| गुड़ खाए गुलगुलों से परहेज़ | दिखावटी परहेज़ |
मिलते-जुलते अर्थ वाले मुहावरे
| अर्थ | मुहावरे |
|---|---|
| बहुत परिश्रम करना | खून-पसीना एक करना, एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना, पापड़ बेलना, लोहे के चने चबाना |
| भाग जाना | नौ दो ग्यारह होना, रफ़ूचक्कर होना, पीठ दिखाना, सिर पर पाँव रखकर भागना |
| बहुत लज्जित होना | पानी-पानी होना, घड़ों पानी पड़ना, गड़ जाना, सिर नीचा होना |
| बहुत प्रसन्न होना | फूला न समाना, बाग-बाग होना, घी के दीये जलाना |
| बहुत क्रोधित होना | आग बबूला होना, खून खौलना, आँखें लाल होना, आपे से बाहर होना |
| घबरा जाना | हाथ-पाँव फूलना, होश उड़ना, दिन में तारे दिखना, पैरों तले ज़मीन खिसकना |
| धोखा देना | आँखों में धूल झोंकना, गला काटना, पीठ में छुरा भोंकना |
| बुरी तरह हराना | दाँत खट्टे करना, छक्के छुड़ाना, धूल चटाना |
अभ्यास प्रश्न
उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।
"नौ दो ग्यारह होना" का अर्थ है —
- (क) गिनती करना
- (ख) लाभ होना
- (ग) हिसाब लगाना
- (घ) भाग जाना
उत्तर देखें
(घ) भाग जाना।
"आँखों में धूल झोंकना" का अर्थ है —
- (क) धोखा देना
- (ख) आँख में चोट
- (ग) अंधा होना
- (घ) सफ़ाई करना
उत्तर देखें
(क) धोखा देना।
"दाँत खट्टे करना" का अर्थ है —
- (क) खट्टा खाना
- (ख) दाँत दर्द होना
- (ग) बुरी तरह हराना
- (घ) डराना
उत्तर देखें
(ग) बुरी तरह हराना।
"ईद का चाँद होना" का अर्थ है —
- (क) बहुत सुंदर होना
- (ख) बहुत दिनों बाद दिखाई देना
- (ग) त्योहार मनाना
- (घ) चमकना
उत्तर देखें
(ख) बहुत दिनों बाद दिखाई देना।
"टेढ़ी खीर" का अर्थ है —
- (क) स्वादिष्ट भोजन
- (ख) मीठी बात
- (ग) टेढ़ा बर्तन
- (घ) कठिन काम
उत्तर देखें
(घ) कठिन काम।
"थाली का बैंगन" किसे कहते हैं?
- (क) बहुत मोटा व्यक्ति
- (ख) सिद्धांतहीन व्यक्ति
- (ग) भोजन-प्रेमी
- (घ) गरीब व्यक्ति
उत्तर देखें
(ख) जो लाभ देखकर पक्ष बदल ले।
"गागर में सागर भरना" का अर्थ है —
- (क) असंभव काम
- (ख) पानी भरना
- (ग) थोड़े में बहुत कहना
- (घ) बड़ा काम
उत्तर देखें
(ग) थोड़े शब्दों में बहुत कहना।
"हाथ पीले करना" का अर्थ है —
- (क) हल्दी लगाना
- (ख) विवाह करना
- (ग) बीमार होना
- (घ) रंगना
उत्तर देखें
(ख) विवाह करना।
"कान भरना" का अर्थ है —
- (क) सुनना
- (ख) सलाह देना
- (ग) कान साफ़ करना
- (घ) चुगली करना
उत्तर देखें
(घ) किसी के विरुद्ध चुगली करना।
"अधजल गगरी छलकत जाय" का अर्थ है —
- (क) पानी बेकार बहाना
- (ख) कम ज्ञानी अधिक दिखावा करता है
- (ग) मटका टूटना
- (घ) आधा काम करना
उत्तर देखें
(ख) कम ज्ञान, अधिक प्रदर्शन।
"नाच न जाने आँगन टेढ़ा" का अर्थ है —
- (क) आँगन ठीक न होना
- (ख) नाचना न आना
- (ग) अपनी कमी दूसरों पर डालना
- (घ) घर टेढ़ा होना
उत्तर देखें
(ग) अपना दोष दूसरों पर डालना।
"का बरखा जब कृषि सुखाने" का अर्थ है —
- (क) वर्षा का न होना
- (ख) समय बीतने पर सहायता बेकार
- (ग) सूखा पड़ना
- (घ) खेती करना
उत्तर देखें
(ख) अवसर निकल जाने पर सहायता व्यर्थ।
"जिसकी लाठी उसकी भैंस" का अर्थ है —
- (क) पशुपालन
- (ख) भैंस खरीदना
- (ग) लाठी चलाना
- (घ) शक्तिशाली की जीत
उत्तर देखें
(घ) बलवान का ही बोलबाला।
"हाथ कंगन को आरसी क्या" का अर्थ है —
- (क) प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं
- (ख) गहनों का शौक
- (ग) शीशा देखना
- (घ) हाथ सजाना
उत्तर देखें
(क) जो सामने है, उसके लिए प्रमाण क्यों।
"बहुत परिश्रम करना" अर्थ वाला मुहावरा है —
- (क) मक्खियाँ मारना
- (ख) हाथ मलना
- (ग) खून-पसीना एक करना
- (घ) चैन की बंसी बजाना
उत्तर देखें
(ग) खून-पसीना एक करना।
"भाग जाना" अर्थ वाला मुहावरा नहीं है —
- (क) नौ दो ग्यारह होना
- (ख) रफ़ूचक्कर होना
- (ग) पीठ दिखाना
- (घ) पानी-पानी होना
उत्तर देखें
(घ) पानी-पानी होना = लज्जित होना।
मुहावरा और लोकोक्ति में मुख्य अंतर है —
- (क) दोनों एक ही हैं
- (ख) मुहावरा वाक्यांश है, लोकोक्ति पूरा वाक्य
- (ग) लोकोक्ति वाक्यांश है
- (घ) मुहावरा कभी नहीं बदलता
उत्तर देखें
(ख) मुहावरा वाक्य का अंश बनकर आता है।
"परीक्षा में अच्छे अंक पाकर रमेश ______।" — उपयुक्त मुहावरा?
- (क) फूला न समाया
- (ख) पानी-पानी हुआ
- (ग) आग बबूला हुआ
- (घ) हाथ मलता रहा
उत्तर देखें
(क) बहुत प्रसन्न होना।
"सारी तैयारी के बाद भी समय पर न पहुँचने से वह ______।" — उपयुक्त मुहावरा?
- (क) चैन की बंसी बजाता रहा
- (ख) हाथ मलता रह गया
- (ग) फूला न समाया
- (घ) घी के दीये जलाता रहा
उत्तर देखें
(ख) हाथ मलना = पछताना।
"होनहार बिरवान के होत चीकने पात" का अर्थ है —
- (क) पेड़ के पत्ते चिकने होते हैं
- (ख) पेड़ लगाना चाहिए
- (ग) महान व्यक्ति के लक्षण बचपन से दिखते हैं
- (घ) बच्चे शरारती होते हैं
उत्तर देखें
(ग) प्रतिभा बचपन से झलकती है।