पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 10
पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी और युग्म शब्द
शब्द-भंडार का अध्याय: समान अर्थ, उलटा अर्थ, कई अर्थ और मिलती-जुलती आवाज़ वाले शब्द। हर परीक्षा में इससे 4-6 प्रश्न आते हैं।
अंतिम अपडेट: 2026-10-14
इस अध्याय में
पर्यायवाची शब्द
समान अर्थ वाले शब्दों को पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द कहते हैं। पूरी तरह समान अर्थ दुर्लभ है — हर पर्याय में हल्का अंतर होता है, पर परीक्षा में इन्हें एक ही अर्थ का माना जाता है।
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| अग्नि | आग, अनल, पावक, वह्नि, कृशानु, हुताशन, दहन, ज्वाला, वैश्वानर |
| अमृत | सुधा, पीयूष, सोम, अमिय, सुरभोग |
| असुर | दानव, दैत्य, राक्षस, निशाचर, दनुज, रजनीचर |
| आकाश | गगन, नभ, आसमान, व्योम, अंबर, अंतरिक्ष, अनंत, शून्य |
| आँख | नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु, दृग, अक्षि |
| इंद्र | सुरेश, सुरपति, देवराज, पुरंदर, शचीपति, वासव, मघवा, सहस्राक्ष |
| कमल | जलज, पंकज, नीरज, सरोज, अरविंद, राजीव, अंबुज, पद्म, सरसिज, कंज |
| कामदेव | मदन, मनोज, अनंग, कंदर्प, मन्मथ, रतिपति, मीनकेतु, पुष्पधन्वा |
| किरण | रश्मि, अंशु, मरीचि, कर, मयूख |
| गंगा | भागीरथी, मंदाकिनी, जाह्नवी, देवनदी, सुरसरि, त्रिपथगा |
| गणेश | गजानन, लंबोदर, विनायक, एकदंत, गणपति, विघ्नेश्वर, मूषकवाहन |
| घर | गृह, सदन, भवन, आलय, निकेतन, आवास, निवास, धाम |
| चंद्रमा | चाँद, शशि, इंदु, सोम, राकेश, हिमांशु, सुधाकर, निशाकर, मयंक, विधु |
| जल | पानी, नीर, सलिल, अंबु, तोय, वारि, उदक, जीवन, अप् |
| तालाब | सरोवर, सर, ताल, जलाशय, पुष्कर, तड़ाग |
| दिन | दिवस, वासर, दिवा, अहन् |
| देवता | सुर, देव, अमर, विबुध, त्रिदश, अजर |
| धन | दौलत, संपत्ति, वित्त, द्रव्य, अर्थ, वैभव |
| नदी | सरिता, तटिनी, तरंगिणी, निम्नगा, आपगा, सलिला |
| पत्नी | भार्या, वामा, गृहिणी, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, दारा |
| पवन | हवा, वायु, समीर, अनिल, वात, मारुत, पवमान, बयार |
| पहाड़ | पर्वत, गिरि, अचल, शैल, भूधर, नग, महीधर |
| पृथ्वी | धरती, धरा, भू, भूमि, वसुधा, वसुंधरा, मही, अवनि, इला |
| फूल | पुष्प, सुमन, कुसुम, प्रसून |
| बादल | मेघ, घन, जलद, नीरद, पयोद, अंबुद, जलधर, वारिद |
| बिजली | विद्युत, दामिनी, तड़ित, चपला, चंचला, सौदामिनी |
| ब्रह्मा | विधाता, चतुरानन, स्वयंभू, पितामह, प्रजापति, अज |
| मनुष्य | मानव, मनुज, नर, आदमी, जन, मर्त्य |
| मोर | मयूर, शिखी, केकी, नीलकंठ, कलापी |
| राजा | नृप, भूप, भूपाल, नरेश, महीप, राव, सम्राट |
| रात | रात्रि, निशा, रजनी, यामिनी, विभावरी, शर्वरी, क्षणदा |
| लक्ष्मी | कमला, रमा, श्री, पद्मा, इंदिरा, हरिप्रिया |
| वृक्ष | पेड़, तरु, विटप, पादप, द्रुम, रूख |
| शिव | शंकर, महादेव, महेश, शंभु, भोलेनाथ, त्रिलोचन, नीलकंठ, पशुपति, चंद्रशेखर |
| समुद्र | सागर, सिंधु, जलधि, उदधि, रत्नाकर, पयोधि, वारिधि, अर्णव, नीरनिधि |
| सरस्वती | शारदा, भारती, वीणापाणि, वागीश्वरी, हंसवाहिनी, गिरा |
| सूर्य | रवि, दिनकर, दिवाकर, भानु, भास्कर, आदित्य, सविता, प्रभाकर, मार्तंड, अंशुमाली |
| सोना | स्वर्ण, कनक, कंचन, हेम, हिरण्य, सुवर्ण |
| स्त्री | नारी, महिला, वनिता, ललना, अबला, कामिनी |
| हाथी | गज, हस्ती, कुंजर, करी, द्विप, मतंग, सिंधुर |
| हिमालय | हिमाद्रि, हिमगिरि, नगराज, गिरिराज, हिमाचल |
| बंदर | वानर, कपि, मर्कट, शाखामृग, कीश |
| सिंह | शेर, केसरी, मृगराज, वनराज, केहरि, मृगेंद्र, पंचानन |
| घोड़ा | अश्व, तुरंग, घोटक, हय, वाजि, सैंधव |
| पुत्र | बेटा, सुत, तनय, आत्मज, वत्स |
| पुत्री | बेटी, सुता, तनया, आत्मजा, दुहिता |
| विष्णु | नारायण, चक्रपाणि, जनार्दन, केशव, हरि, लक्ष्मीपति, पीतांबर |
| कृष्ण | गोपाल, कन्हैया, माधव, मुरारी, गिरिधर, केशव, नंदनंदन, मुरलीधर |
| युद्ध | लड़ाई, समर, संग्राम, रण, जंग, संघर्ष |
| शरीर | देह, काया, तन, वपु, गात, कलेवर |
विलोम बनाने के नियम
उलटा अर्थ देने वाले शब्द विलोम (विपरीतार्थक) कहलाते हैं। कई विलोम उपसर्ग बदलकर बनते हैं:
| तरीका | उदाहरण |
|---|---|
| अ/अन् उपसर्ग जोड़कर | सत्य → असत्य, ज्ञान → अज्ञान, उपस्थित → अनुपस्थित, आदर → अनादर |
| निर्/निस् जोड़कर | आशा → निराशा, सगुण → निर्गुण, साकार → निराकार, सजीव → निर्जीव |
| उपसर्ग बदलकर | आयात ↔ निर्यात, उत्थान ↔ पतन, उत्कर्ष ↔ अपकर्ष, अनुकूल ↔ प्रतिकूल, सुगंध ↔ दुर्गंध, स्वदेश ↔ विदेश, मान ↔ अपमान, संयोग ↔ वियोग |
| वि/अप/दुर्/कु जोड़कर | राग → विराग, यश → अपयश, गुण → अवगुण, पुत्र → कुपुत्र |
| बिल्कुल अलग शब्द | दिन ↔ रात, जय ↔ पराजय, अमृत ↔ विष, हर्ष ↔ शोक |
विलोम शब्द
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| अमृत | विष | अनुराग | विराग |
| अवनति | उन्नति | आदान | प्रदान |
| आयात | निर्यात | आस्तिक | नास्तिक |
| आशा | निराशा | उत्थान | पतन |
| उदार | अनुदार | उपकार | अपकार |
| उत्तम | अधम | एकता | अनेकता |
| कठोर | कोमल | कृतज्ञ | कृतघ्न |
| क्रय | विक्रय | गुण | दोष |
| घृणा | प्रेम | जय | पराजय |
| जीवन | मरण | ज्ञान | अज्ञान |
| दाता | याचक | दिन | रात |
| धर्म | अधर्म | नूतन | पुरातन |
| निंदा | स्तुति | निर्माण | विनाश |
| पाप | पुण्य | प्रश्न | उत्तर |
| प्राचीन | अर्वाचीन, नवीन | मान | अपमान |
| मित्र | शत्रु | मौखिक | लिखित |
| यश | अपयश | राग | द्वेष |
| लाभ | हानि | विधि | निषेध |
| विस्तार | संक्षेप | शांति | अशांति |
| शुक्ल | कृष्ण | सगुण | निर्गुण |
| सजीव | निर्जीव | सत्य | असत्य |
| सम्मान | अपमान | साकार | निराकार |
| सुबह | शाम | सुगंध | दुर्गंध |
| स्वदेश | विदेश | स्वतंत्र | परतंत्र |
| स्वाधीन | पराधीन | हर्ष | शोक, विषाद |
| आदि | अंत | आरोह | अवरोह |
| उत्कर्ष | अपकर्ष | उन्मुख | विमुख |
| कनिष्ठ | ज्येष्ठ, वरिष्ठ | कृत्रिम | प्राकृतिक |
| खंडन | मंडन | गुप्त | प्रकट |
| तिमिर | प्रकाश | दुर्लभ | सुलभ |
| दृश्य | अदृश्य | निरक्षर | साक्षर |
| पूर्ववर्ती | परवर्ती | प्रत्यक्ष | परोक्ष |
| बहिरंग | अंतरंग | मूक | वाचाल |
| योगी | भोगी | लघु | गुरु, दीर्घ |
| वृद्धि | ह्रास | व्यष्टि | समष्टि |
| शुष्क | आर्द्र | सापेक्ष | निरपेक्ष |
| सृष्टि | प्रलय | स्थावर | जंगम |
| ऋणी | उऋण | अनुकूल | प्रतिकूल |
| अथ | इति | अग्रज | अनुज |
| अधिक | न्यून | अल्पज्ञ | सर्वज्ञ |
| आकर्षण | विकर्षण | आविर्भाव | तिरोभाव |
| उपसर्ग | प्रत्यय | एकत्र | विकीर्ण |
| कुटिल | सरल | जंगम | स्थावर |
| तरल | ठोस | दुराचारी | सदाचारी |
| नैसर्गिक | कृत्रिम | मितव्ययी | अपव्ययी |
| संयोग | वियोग | सामिष | निरामिष |
| स्वार्थ | परमार्थ | उपस्थित | अनुपस्थित |
| अभिज्ञ | अनभिज्ञ | सक्रिय | निष्क्रिय |
अनेकार्थी शब्द
जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ हों, वे अनेकार्थी हैं। वाक्य के संदर्भ से अर्थ तय होता है: "राजा ने कर (टैक्स) बढ़ा दिया।" "उसने कर (हाथ) जोड़े।"
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अंबर | आकाश, वस्त्र |
| अर्थ | धन, मतलब, प्रयोजन |
| कर | हाथ, किरण, टैक्स, सूँड़ |
| कल | बीता/आने वाला दिन, मशीन, चैन |
| कनक | सोना, धतूरा, गेहूँ |
| काल | समय, मृत्यु, यमराज |
| गुरु | शिक्षक, भारी, बृहस्पति, बड़ा |
| घन | बादल, हथौड़ा, घना, घनफल |
| जीवन | ज़िंदगी, जल, प्राण |
| तात | पिता, भाई, प्रिय व्यक्ति |
| पत्र | चिट्ठी, पत्ता, पंख, समाचार-पत्र |
| पद | पैर, स्थान/ओहदा, कविता का चरण, शब्द |
| फल | परिणाम, खाने का फल, हथियार की नोक |
| मधु | शहद, मदिरा, वसंत, मीठा |
| वर | दूल्हा, वरदान, श्रेष्ठ |
| सारंग | मोर, हिरन, बादल, कोयल, भौंरा |
| हरि | विष्णु, इंद्र, सिंह, बंदर, घोड़ा, साँप |
| हार | माला, पराजय |
| तीर | किनारा, बाण |
| उत्तर | जवाब, उत्तर दिशा, बाद का |
| अंक | संख्या, गोद, नाटक का अंश, चिह्न |
| कुल | वंश, सब, योग |
| गति | चाल, दशा, मोक्ष |
| द्विज | ब्राह्मण, पक्षी, दाँत, चंद्रमा |
| पयोधर | बादल, स्तन, तालाब |
श्रुतिसम-भिन्नार्थक (युग्म) शब्द
जो शब्द सुनने में लगभग समान हों पर अर्थ में भिन्न, उन्हें श्रुतिसम-भिन्नार्थक या युग्म शब्द कहते हैं। इनमें छोटी-सी मात्रा या वर्ण का अंतर अर्थ बदल देता है।
| शब्द | अर्थ | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|---|
| अनल | आग | अनिल | हवा |
| अंश | भाग | अंस | कंधा |
| अन्न | अनाज | अन्य | दूसरा |
| आदि | आरंभ | आदी | अभ्यस्त |
| कुल | वंश | कूल | किनारा |
| कृति | रचना | कृती | कुशल व्यक्ति |
| ग्रह | नक्षत्र | गृह | घर |
| चिर | पुराना/देर तक | चीर | वस्त्र |
| दिन | दिवस | दीन | गरीब |
| नीर | पानी | नीड़ | घोंसला |
| परिणाम | नतीजा | परिमाण | मात्रा |
| प्रसाद | कृपा/भोग | प्रासाद | महल |
| बलि | बलिदान | बली | बलवान |
| भवन | घर | भुवन | संसार |
| शुक्ल | सफ़ेद | शुल्क | फ़ीस |
| सुत | पुत्र | सूत | धागा/सारथी |
| अपेक्षा | आशा/तुलना में | उपेक्षा | अनादर |
| अवधि | समय-सीमा | अवधी | अवध की बोली |
| ओर | तरफ़ | और | तथा |
| अभिराम | सुंदर | अविराम | लगातार |
| कोष | खज़ाना | कोश | शब्दकोश |
| चरम | अंतिम | चर्म | चमड़ा |
| निर्माण | बनाना | निर्वाण | मोक्ष |
| पानी | जल | पाणि | हाथ |
| प्रणाम | नमस्कार | प्रमाण | सबूत |
| लक्ष | लाख | लक्ष्य | उद्देश्य |
| शर | बाण | सर | तालाब/सिर |
| सकल | सब | शकल | टुकड़ा |
| हंस | पक्षी | हँस | हँसना |
| अचर | स्थिर | अनुचर | सेवक |
अभ्यास प्रश्न
उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।
"अग्नि" का पर्यायवाची नहीं है —
- (क) अनल
- (ख) पावक
- (ग) अनिल
- (घ) कृशानु
उत्तर देखें
(ग) अनिल = हवा।
"कमल" का पर्यायवाची है —
- (क) जलद
- (ख) जलधि
- (ग) जलज
- (घ) जलचर
उत्तर देखें
(ग) जलज = जल में जन्मा (कमल); जलद = बादल।
"बादल" का पर्यायवाची कौन-सा है?
- (क) नीरज
- (ख) नीड़
- (ग) नीरधि
- (घ) नीरद
उत्तर देखें
(घ) नीरद = जल देने वाला (बादल)।
"समुद्र" का पर्यायवाची नहीं है —
- (क) जलधि
- (ख) रत्नाकर
- (ग) उदधि
- (घ) जलज
उत्तर देखें
(घ) जलज = कमल।
"सूर्य" का पर्यायवाची है —
- (क) सुधाकर
- (ख) दिवाकर
- (ग) निशाकर
- (घ) राकेश
उत्तर देखें
(ख) दिवाकर = दिन करने वाला; बाकी चंद्रमा के पर्याय।
"रात" का पर्यायवाची नहीं है —
- (क) यामिनी
- (ख) रजनी
- (ग) दामिनी
- (घ) विभावरी
उत्तर देखें
(ग) दामिनी = बिजली।
"आकाश" का पर्यायवाची है —
- (क) अचल
- (ख) अंबु
- (ग) अनल
- (घ) अंबर
उत्तर देखें
(घ) अंबर = आकाश/वस्त्र; अंबु = जल।
"कृतज्ञ" का विलोम है —
- (क) अज्ञ
- (ख) अकृतज्ञ
- (ग) कृतघ्न
- (घ) कृतार्थ
उत्तर देखें
(ग) कृतज्ञ (उपकार मानने वाला) ↔ कृतघ्न।
"आविर्भाव" का विलोम है —
- (क) तिरोभाव
- (ख) अभाव
- (ग) प्रादुर्भाव
- (घ) विभाव
उत्तर देखें
(क) प्रकट होना ↔ छिप जाना।
"व्यष्टि" का विलोम है —
- (क) समष्टि
- (ख) सृष्टि
- (ग) दृष्टि
- (घ) पुष्टि
उत्तर देखें
(क) व्यक्ति ↔ समूह।
"स्थावर" का विलोम है —
- (क) गतिमान
- (ख) चल
- (ग) अस्थिर
- (घ) जंगम
उत्तर देखें
(घ) अचल ↔ चलने वाला (जंगम)।
"सामिष" का विलोम है —
- (क) आमिष
- (ख) निरामिष
- (ग) निर्मिष
- (घ) अमिष
उत्तर देखें
(ख) मांस सहित ↔ मांस रहित।
"ऋणी" का विलोम है —
- (क) अऋणी
- (ख) धनी
- (ग) उऋण
- (घ) दाता
उत्तर देखें
(ग) ऋणी ↔ उऋण (ऋण से मुक्त)।
"अथ" का विलोम है —
- (क) अंत
- (ख) इति
- (ग) समाप्त
- (घ) आदि
उत्तर देखें
(ख) आरंभ (अथ) ↔ समाप्ति (इति)।
"कर" शब्द का अर्थ नहीं है —
- (क) हाथ
- (ख) किरण
- (ग) टैक्स
- (घ) कमर
उत्तर देखें
(घ) कर = हाथ, किरण, टैक्स, सूँड़।
"हरि" का अर्थ नहीं है —
- (क) विष्णु
- (ख) सिंह
- (ग) बंदर
- (घ) हिरन
उत्तर देखें
(घ) हिरन का पर्याय सारंग/मृग है, हरि नहीं।
"अनल" और "अनिल" का अर्थ क्रमशः है —
- (क) हवा, आग
- (ख) आग, हवा
- (ग) पानी, आग
- (घ) आग, पानी
उत्तर देखें
(ख) अनल = आग, अनिल = हवा।
"प्रसाद" और "प्रासाद" का अर्थ क्रमशः है —
- (क) महल, कृपा
- (ख) कृपा, महल
- (ग) भोग, मंदिर
- (घ) मंदिर, महल
उत्तर देखें
(ख) प्रसाद = कृपा/भोग, प्रासाद = महल।
"परिणाम" और "परिमाण" का अर्थ क्रमशः है —
- (क) मात्रा, नतीजा
- (ख) नाप, नतीजा
- (ग) नतीजा, नाप
- (घ) नतीजा, मात्रा
उत्तर देखें
(घ) परिणाम = नतीजा, परिमाण = मात्रा।
"कुल" और "कूल" का अर्थ क्रमशः है —
- (क) किनारा, वंश
- (ख) वंश, किनारा
- (ग) सब, ठंडा
- (घ) वंश, ठंडा
उत्तर देखें
(ख) कुल = वंश, कूल = किनारा।