झारज्ञान

पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 4

उपसर्ग और प्रत्यय

शब्द के आगे जुड़कर अर्थ बदलने वाले उपसर्ग और पीछे जुड़कर नया शब्द बनाने वाले प्रत्यय। परीक्षा में पूछा जाता है: 'उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए', 'किस शब्द में यह उपसर्ग है', 'कितने उपसर्ग हैं'।

अंतिम अपडेट: 2026-10-14

इस अध्याय में
  1. उपसर्ग क्या है
  2. संस्कृत के 22 उपसर्ग
  3. उपसर्ग की तरह प्रयुक्त संस्कृत अव्यय
  4. हिंदी के उपसर्ग
  5. उर्दू-फ़ारसी के उपसर्ग
  6. एक शब्द में एक से अधिक उपसर्ग
  7. प्रत्यय क्या है
  8. कृत् प्रत्यय
  9. तद्धित प्रत्यय
  10. उर्दू-फ़ारसी के प्रत्यय
  11. उपसर्ग और प्रत्यय दोनों वाले शब्द
  12. उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास में अंतर
  13. अभ्यास प्रश्न

उपसर्ग क्या है

जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में बदलाव या विशेषता लाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। उपसर्ग का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता — वे हमेशा किसी शब्द के साथ ही आते हैं।

एक ही मूल शब्द "हार" से अलग-अलग उपसर्ग जुड़कर बिल्कुल अलग अर्थ बने। उपसर्ग अर्थ पर तीन तरह से असर डालते हैं:

असरउदाहरण
अर्थ बदल देनाहार → प्रहार (चोट), विहार (घूमना)
अर्थ में विशेषता लानाबल → प्रबल (अधिक बलवान)
अर्थ उलटा कर देनामान → अपमान, जय → पराजय
उपसर्ग अलग करने का तरीका शब्द के आगे का हिस्सा हटाकर देखें कि बचा भाग सार्थक शब्द है या नहीं, और जोड़ पर संधि हुई है तो उसे खोलें: अत्यंत = अति + अंत (यण संधि), उन्नति = उत् + नति, संस्कार = सम् + कार (बीच में स् आया)।

संस्कृत के 22 उपसर्ग

पाणिनि के व्याकरण में 22 उपसर्ग (प्रादि) गिनाए गए हैं, और तत्सम शब्दों में यही आते हैं: प्र, परा, अप, सम्, अनु, अव, निस्, निर्, दुस्, दुर्, वि, आ, नि, अधि, अपि, अति, सु, उत्, अभि, प्रति, परि, उप।

22 या 20? कुछ किताबें निस्-निर् और दुस्-दुर् को एक-एक मानकर 20 गिनती हैं। विकल्पों में 22 हो तो 22 चुनें; केवल 20 हो तो वही।
उपसर्गअर्थउदाहरण
अतिअधिक, परे, उस पारअत्यंत, अतिरिक्त, अत्याचार, अतिक्रमण, अतिशय, अत्यधिक
अधिऊपर, श्रेष्ठ, मुख्यअधिकार, अधिपति, अध्यक्ष, अधिनियम, अध्यात्म, अधिकरण
अनुपीछे, बाद में, समानअनुज, अनुकरण, अनुसार, अनुशासन, अनुवाद, अनुराग
अपबुरा, हीन, विपरीत, दूरअपमान, अपयश, अपशब्द, अपकार, अपव्यय, अपहरण
अपिभी, ढकना (कम प्रयोग)अपितु, अपिधान
अभिसामने, ओर, पास, अच्छी तरहअभियान, अभिमान, अभिनय, अभिलाषा, अभ्यास, अभिषेक
अवनीचे, हीन, बुराअवगुण, अवनति, अवतार, अवशेष, अवमान, अवलोकन
आतक, से लेकर, ओर, उलटाआजीवन, आजन्म, आगमन, आक्रमण, आदान, आरक्षण
उत् / उद्ऊपर, ऊँचा, श्रेष्ठउत्कर्ष, उत्थान, उद्गम, उन्नति, उत्पत्ति, उल्लेख
उपनिकट, सहायक, छोटा, गौणउपकार, उपवन, उपमंत्री, उपनाम, उपग्रह, उपस्थित
दुर् / दुस्बुरा, कठिनदुर्दशा, दुर्गम, दुर्जन, दुस्साहस, दुष्कर, दुश्चरित्र
निनीचे, भीतर, अधिकनिवास, निपात, निबंध, निदान, नियुक्त, निमग्न
निर् / निस्रहित, बिना, बाहरनिर्दोष, निर्भय, निर्जन, निश्चल, निष्काम, निस्संदेह
पराउलटा, पीछे, पूर्णपराजय, पराक्रम, पराभव, परामर्श, पराधीन
परिचारों ओर, पूर्णपरिक्रमा, परिवार, परिपूर्ण, परिश्रम, परिवर्तन, परिणाम
प्रअधिक, आगे, प्रकर्षप्रगति, प्रबल, प्रचार, प्रयोग, प्रहार, प्रसिद्ध
प्रतिप्रत्येक, विरुद्ध, बराबर, बदले मेंप्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिनिधि, प्रतिध्वनि, प्रत्येक, प्रत्युत्तर
विविशेष, भिन्न, अभावविज्ञान, वियोग, विदेश, विनाश, विशेष, विख्यात
सम्अच्छी तरह, साथ, पूर्णसंगम, संतोष, संस्कार, संयोग, संपूर्ण, सम्मान
सुअच्छा, सरल, सुंदरसुगम, सुयश, स्वागत, सुपुत्र, सुशील, सुलभ
दुर्/दुस् और निर्/निस् — रूप बदलते हैं ये विसर्ग संधि से अपना रूप बदलते हैं: दुः → दुर् (दुर्गम), दुश् (दुश्चरित्र), दुष् (दुष्कर), दुस् (दुस्साहस); निः → निर् (निर्भय), निश् (निश्चल), निष् (निष्काम), नी (नीरोग)। सभी में मूल उपसर्ग एक ही है।

उपसर्ग की तरह प्रयुक्त संस्कृत अव्यय

ये 22 उपसर्गों में नहीं गिने जाते, पर शब्दों के आगे उपसर्ग की तरह जुड़ते हैं, और परीक्षा में इन्हें भी "उपसर्ग" कहकर पूछा जाता है:

उपसर्गअर्थउदाहरण
अ / अन्नहीं, अभावअज्ञान, अधर्म, असत्य, अनादि, अनंत, अनुपस्थित
कुबुराकुपुत्र, कुकर्म, कुमार्ग, कुरूप
सहसाथसहयोग, सहपाठी, सहकारी, सहानुभूति
ससहितसजीव, सफल, सपरिवार, सरस
सत्अच्छा, सच्चासज्जन, सत्कर्म, सद्भावना, सदाचार
अंतर् / अंतःभीतरअंतर्गत, अंतर्राष्ट्रीय, अंतःकरण, अंतर्मन
पुनर् / पुनःफिर सेपुनर्जन्म, पुनर्विवाह, पुनरागमन, पुनर्निर्माण
पुरापुरानापुरातत्त्व, पुरातन
चिरबहुत दिनों तकचिरकाल, चिरंजीव, चिरस्थायी
बहिर् / बहिःबाहरबहिष्कार, बहिर्गमन, बहिरंग
स्वअपनास्वदेश, स्वतंत्र, स्वराज्य, स्वाभिमान
प्रादुर्प्रकटप्रादुर्भाव
तिरस्तिरछा, अनादरतिरस्कार

हिंदी के उपसर्ग

तद्भव और देशज शब्दों में जुड़ने वाले उपसर्ग:

उपसर्गअर्थउदाहरण
अनहींअछूता, अथाह, अजान, अटल
अननहींअनपढ़, अनबन, अनमोल, अनजान, अनसुना
अधआधाअधमरा, अधपका, अधखिला, अधजला
उनएक कमउन्नीस, उनतीस, उनचास, उनसठ
औहीन, बुराऔगुन, औघट, औढर
कु / कबुराकुपूत, कुढंग, कपूत
दुबुरा, कमदुबला, दुकाल
निरहितनिकम्मा, निडर, निहत्था, निधड़क
बिनबिनाबिनब्याहा, बिनमाँगा, बिनबोले
भरपूराभरपेट, भरपूर, भरसक, भरमार
स / सुअच्छा, सहितसपूत, सुडौल, सजग, सुघड़

उर्दू-फ़ारसी के उपसर्ग

उपसर्गअर्थउदाहरण
अलनिश्चित, विशेषअलबत्ता, अलविदा, अलगरज़
कमथोड़ा, कमकमज़ोर, कमबख़्त, कमसिन, कमउम्र
खुशअच्छाखुशबू, खुशकिस्मत, खुशमिज़ाज, खुशहाल
गैरभिन्न, नहींगैरहाज़िर, गैरकानूनी, गैरज़िम्मेदार, गैरसरकारी
दरमेंदरअसल, दरकार, दरमियान
नानहींनापसंद, नालायक, नासमझ, नाकाम, नामुमकिन
बसे, के साथ, अनुसारबदौलत, बनाम, बखूबी, बमुश्किल
बदबुराबदनाम, बदकिस्मत, बदबू, बदतमीज़
बरऊपर, बाहरबरख़ास्त, बरकरार, बरदाश्त
बासहितबाकायदा, बाइज़्ज़त, बाअदब
बिलाबिनाबिलावजह, बिलाशक, बिलानागा
बेबिनाबेईमान, बेचारा, बेशक, बेरहम, बेकार
लाबिना, नहींलापरवाह, लाजवाब, लावारिस, लापता
सरमुख्यसरपंच, सरताज, सरहद
हमसाथ, समानहमदर्द, हमउम्र, हमसफ़र, हमशक्ल
हरप्रत्येकहरदिन, हरघड़ी, हरसाल, हरकोई
अंग्रेज़ी के उपसर्ग भी हिंदी में घुले अंग्रेज़ी शब्दों में: सब (सब-इंस्पेक्टर), वाइस (वाइस-चांसलर), हेड (हेडमास्टर), हाफ़ (हाफ़-टिकट)।

एक शब्द में एक से अधिक उपसर्ग

"इस शब्द में कितने उपसर्ग हैं?" — ऐसे प्रश्नों के लिए शब्द को परत-दर-परत खोलें:

शब्दविच्छेदउपसर्ग
प्रत्युपकारप्रति + उप + कार2 (प्रति, उप)
अनुपस्थितअन् + उप + स्थित2 (अन्, उप)
निराकरणनिर् + आ + करण2 (निर्, आ)
समालोचनासम् + आ + लोचना2 (सम्, आ)
अभ्युदयअभि + उत् + अय2 (अभि, उत्)
सुसंगतिसु + सम् + गति2 (सु, सम्)
अनध्यायअन् + अधि + आय2 (अन्, अधि)
व्याकरणवि + आ + करण2 (वि, आ)
समाधानसम् + आ + धान2 (सम्, आ)
अत्युत्तमअति + उत् + तम2 (अति, उत्)

प्रत्यय क्या है

जो शब्दांश किसी शब्द या धातु के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं या अर्थ बदलते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं। उपसर्ग की तरह इनका भी स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता।

प्रत्यय किस शब्द के साथ जुड़ता है, इसके आधार पर दो भेद:

भेदकिसके साथउदाहरण
कृत् प्रत्ययक्रिया की धातु के साथ; बने शब्द को कृदंत कहते हैंपढ़ + आई = पढ़ाई, लिख + अक = लेखक
तद्धित प्रत्ययसंज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के साथ; बने शब्द को तद्धितांत कहते हैंबच्चा + पन = बचपन, मीठा + आस = मिठास
पहचान का तरीका प्रत्यय हटाकर बचा भाग देखें: अगर वह क्रिया का मूल रूप (पढ़, लिख, खेल, चल) है तो कृत्; अगर संज्ञा/विशेषण (बच्चा, मीठा, धन, सुंदर) है तो तद्धित।

कृत् प्रत्यय

1. कर्तृवाचक (काम करने वाला)

प्रत्ययउदाहरण
-अकलेखक, गायक, पाठक, नायक, धावक
-तादाता, कर्ता, वक्ता, श्रोता, नेता
-वालापढ़नेवाला, गानेवाला, रखवाला
-हार / -हारापालनहार, राखनहार, होनहार
-आक / -आकूतैराक, लड़ाकू, उड़ाकू, पढ़ाकू
-ऐया / -वैयागवैया, रखवैया, खिवैया
-एरालुटेरा, कमेरा
-इयलअड़ियल, मरियल, सड़ियल

2. कर्मवाचक (जिस पर काम हो)

प्रत्ययउदाहरण
-औनाखिलौना, बिछौना
-नीसुँघनी, ओढ़नी
-यपूज्य, पेय, गेय, खाद्य
-अनीयपूजनीय, दर्शनीय, आदरणीय, स्मरणीय
-तव्यकर्तव्य, दातव्य, ज्ञातव्य

3. करणवाचक (काम का साधन)

प्रत्ययउदाहरण
-अनबेलन, झाड़न, ढक्कन, चलन
-नीकतरनी, छलनी, मथनी, धौंकनी
-ईरेती, फाँसी, धुनकी
-नाबेलना

4. भाववाचक (क्रिया का भाव)

प्रत्ययउदाहरण
-आईलड़ाई, पढ़ाई, लिखाई, चढ़ाई, कमाई
-आवबहाव, चढ़ाव, बचाव, पड़ाव, घुमाव
-आवटसजावट, लिखावट, थकावट, रुकावट, बनावट
-आहटघबराहट, चिल्लाहट, मुस्कुराहट, गड़गड़ाहट
-अनचलन, मिलन, लगन
-तिगति, मति, कृति, स्मृति
-नापढ़ना, लिखना (क्रियार्थक संज्ञा)

5. क्रियाद्योतक / विशेषणवाचक

प्रत्ययउदाहरण
-ता (वर्तमान)बहता पानी, चलता, दौड़ता
-आ / -हुआ (भूत)पढ़ा हुआ, लिखा, खोया
-कर (पूर्वकालिक)पढ़कर, खाकर, सोकर
-तगत, नत, विकसित (संस्कृत)

तद्धित प्रत्यय

1. कर्तृवाचक

प्रत्ययउदाहरण
-आरसुनार, लुहार, कुम्हार
-एरासँपेरा, ठठेरा, चितेरा
-ईतेली, माली, धोबी
-कारचित्रकार, कलाकार, ग्रंथकार, स्वर्णकार
-वालादूधवाला, घरवाला, सब्ज़ीवाला
-इयादुखिया, सुखिया, मुखिया

2. भाववाचक

प्रत्ययउदाहरण
-तासुंदरता, मित्रता, मानवता, वीरता
-त्वमनुष्यत्व, बंधुत्व, गुरुत्व, नेतृत्व
-पनबचपन, लड़कपन, पागलपन, अपनापन
-आईभलाई, बुराई, चतुराई, ऊँचाई
-आसमिठास, खटास, भड़ास
-इमालालिमा, महिमा, गरिमा, कालिमा
-यसौंदर्य, माधुर्य, धैर्य, शौर्य
-हटकड़वाहट, चिकनाहट

3. संबंधवाचक

प्रत्ययउदाहरण
-इकधार्मिक, सामाजिक, ऐतिहासिक, मासिक
-ईयभारतीय, राष्ट्रीय, नाटकीय, स्वर्गीय
-एराचचेरा, ममेरा, फुफेरा
-आलससुराल, ननिहाल
-ईदेशी, विदेशी, बंगाली, गुजराती

4. गुणवाचक

प्रत्ययउदाहरण
-वान / -मानधनवान, गुणवान, बुद्धिमान, शक्तिमान
-ईलारंगीला, सजीला, चमकीला, ज़हरीला
-आलुदयालु, कृपालु, झगड़ालु
-ईक्रोधी, लोभी, धनी, गुणी
-इतपुष्पित, प्रचलित, पीड़ित, आनंदित
-मयआनंदमय, तेजोमय, दयामय
-वीमायावी, तेजस्वी, यशस्वी

5. ऊनवाचक (लघुतावाचक)

प्रत्ययउदाहरण
-इयाडिबिया, खटिया, लुटिया, चुहिया
-ईपहाड़ी, रस्सी, टोकरी, कटोरी
-ड़ा / -ड़ीमुखड़ा, बछड़ा, टुकड़ा, पगड़ी
-ओला / -ओलीखटोला, सँपोला, हथौली

6. संख्यावाचक

पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा (-ला, -रा, -था), पाँचवाँ (-वाँ), दुगुना, तिगुना (-गुना), इकहरा, दोहरा (-हरा)।

7. स्त्रीलिंगवाचक

-ई (लड़की, देवी), -इया (बुढ़िया, चिड़िया), -इन (धोबिन, मालिन), -आनी (सेठानी, देवरानी), -नी (शेरनी, मोरनी), -आ (छात्रा, बाला), -इका (गायिका, लेखिका)। विस्तार से "लिंग और वचन" अध्याय में।

उर्दू-फ़ारसी के प्रत्यय

प्रत्ययउदाहरण
-दारदुकानदार, ज़मींदार, ईमानदार, समझदार
-गरकारीगर, जादूगर, सौदागर
-चीखज़ांची, तबलची, बावर्ची, तोपची
-बाज़धोखेबाज़, चालबाज़, नशेबाज़
-खानादवाखाना, डाकखाना, कारखाना
-दानकलमदान, पीकदान, खानदान
-आनासालाना, रोज़ाना, मर्दाना
-गीज़िंदगी, मर्दानगी, सादगी
-मंदअक्लमंद, ज़रूरतमंद, दौलतमंद
-इशनालिश, कोशिश, बारिश

उपसर्ग और प्रत्यय दोनों वाले शब्द

शब्दउपसर्ग + मूल + प्रत्यय
अभिमानीअभि + मान + ई
अत्याचारीअति + आचार + ई
उपकारीउप + कार + ई
सुगंधितसु + गंध + इत
निर्दयतानिर् + दया + ता
अपमानितअप + मान + इत
परिश्रमीपरि + श्रम + ई
अनुशासितअनु + शासन + इत
प्रचलितप्र + चल + इत
बेईमानीबे + ईमान + ई
अधार्मिकअ + धर्म + इक
असफलताअ + सफल + ता

उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास में अंतर

कहाँ जुड़तास्वतंत्र प्रयोगउदाहरण
उपसर्गशब्द के आगेनहींप्र + बल = प्रबल
प्रत्ययशब्द के पीछेनहींबल + वान = बलवान
संधिदो वर्णों का मेल—विद्या + आलय = विद्यालय
समासदो सार्थक शब्दों का मेलहाँ, दोनों पदराजा का पुत्र = राजपुत्र
उपसर्ग बनाम समास का पूर्वपद "महा" (महापुरुष), "सत्" (सज्जन), "स्व" (स्वदेश) जैसे शब्द स्वतंत्र अर्थ रखते हैं — कई बार ये समास का पद माने जाते हैं, कई बार उपसर्ग-समान अव्यय। प्रश्न में जो पूछा गया हो (उपसर्ग या समास), उसी के अनुसार उत्तर दें।

अभ्यास प्रश्न

उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।

  1. संस्कृत के उपसर्गों की संख्या (पाणिनि के अनुसार) है —

    1. (क) 20
    2. (ख) 22
    3. (ग) 24
    4. (घ) 18
    उत्तर देखें

    (ख) प्र, परा, अप, सम् … उप — कुल 22 (कुछ पुस्तकें 20 भी गिनती हैं)।

  2. "अत्यंत" में उपसर्ग है —

    1. (क) अत्
    2. (ख) अति
    3. (ग) अत्य
    4. (घ) अ
    उत्तर देखें

    (ख) अति + अंत (यण संधि)।

  3. "उन्नति" में उपसर्ग कौन-सा है?

    1. (क) उन
    2. (ख) उन्
    3. (ग) उ
    4. (घ) उत्
    उत्तर देखें

    (घ) उत् + नति — संधि से त् → न्।

  4. "पराजय" में "परा" उपसर्ग का अर्थ है —

    1. (क) पूरा
    2. (ख) उलटा
    3. (ग) ऊपर
    4. (घ) साथ
    उत्तर देखें

    (ख) जय का उलटा — पराजय।

  5. इनमें से किस शब्द में "अप" उपसर्ग नहीं है?

    1. (क) अपमान
    2. (ख) अपयश
    3. (ग) अपना
    4. (घ) अपव्यय
    उत्तर देखें

    (ग) "अपना" स्वतंत्र सर्वनाम है, उपसर्ग वाला शब्द नहीं।

  6. "प्रत्युपकार" में कितने उपसर्ग हैं?

    1. (क) एक
    2. (ख) दो
    3. (ग) तीन
    4. (घ) कोई नहीं
    उत्तर देखें

    (ख) प्रति + उप + कार — दो उपसर्ग।

  7. "अधमरा" में "अध" किस भाषा का उपसर्ग है?

    1. (क) संस्कृत
    2. (ख) उर्दू
    3. (ग) अंग्रेज़ी
    4. (घ) हिंदी
    उत्तर देखें

    (घ) "अध" (आधा) हिंदी का उपसर्ग है।

  8. "नापसंद" में उपसर्ग है —

    1. (क) ना
    2. (ख) नाप
    3. (ग) न
    4. (घ) पसंद
    उत्तर देखें

    (क) ना (नहीं) — उर्दू-फ़ारसी उपसर्ग।

  9. "उनतीस" में "उन" का अर्थ है —

    1. (क) एक अधिक
    2. (ख) एक कम
    3. (ग) आधा
    4. (घ) दुगुना
    उत्तर देखें

    (ख) उन = एक कम: उनतीस = तीस से एक कम।

  10. "लिखावट" में प्रत्यय है —

    1. (क) -वट
    2. (ख) -आवट
    3. (ग) -खावट
    4. (घ) -ट
    उत्तर देखें

    (ख) लिख + आवट — कृत् प्रत्यय (भाववाचक)।

  11. "बचपन" में कौन-सा प्रत्यय है?

    1. (क) -अपन
    2. (ख) -चपन
    3. (ग) -न
    4. (घ) -पन
    उत्तर देखें

    (घ) बच्चा + पन — तद्धित (भाववाचक)।

  12. "लेखक" शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?

    1. (क) -क
    2. (ख) -अक
    3. (ग) -एक
    4. (घ) -लेख
    उत्तर देखें

    (ख) लिख + अक = लेखक — कृत् प्रत्यय (कर्तृवाचक); लिख का इ गुण होकर ए बना।

  13. इनमें से कृत् प्रत्यय से बना शब्द कौन-सा है?

    1. (क) मिठास
    2. (ख) बुढ़ापा
    3. (ग) पढ़ाई
    4. (घ) सुंदरता
    उत्तर देखें

    (ग) पढ़ (धातु) + आई — कृत्। बाकी संज्ञा/विशेषण से बने (तद्धित)।

  14. "दयालु" में प्रत्यय है —

    1. (क) -लु
    2. (ख) -आलु
    3. (ग) -यालु
    4. (घ) -उ
    उत्तर देखें

    (ख) दया + आलु — तद्धित (गुणवाचक)।

  15. "भारतीय" में प्रत्यय है —

    1. (क) -ईय
    2. (ख) -य
    3. (ग) -तीय
    4. (घ) -इय
    उत्तर देखें

    (क) भारत + ईय — संबंधवाचक तद्धित।

  16. "डिबिया" किस प्रकार के प्रत्यय का उदाहरण है?

    1. (क) भाववाचक
    2. (ख) संख्यावाचक
    3. (ग) कर्तृवाचक
    4. (घ) ऊनवाचक (लघुतावाचक)
    उत्तर देखें

    (घ) डिब्बा का छोटा रूप — ऊनवाचक।

  17. "दुकानदार" में "-दार" किस भाषा का प्रत्यय है?

    1. (क) संस्कृत
    2. (ख) हिंदी
    3. (ग) उर्दू-फ़ारसी
    4. (घ) अंग्रेज़ी
    उत्तर देखें

    (ग) -दार उर्दू-फ़ारसी का प्रत्यय है।

  18. "अभिमानी" शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय क्रमशः हैं —

    1. (क) अभि, ई
    2. (ख) अ, नी
    3. (ग) अभि, मानी
    4. (घ) अभिमा, नी
    उत्तर देखें

    (क) अभि + मान + ई।

  19. "सुगंधित" का सही विच्छेद है —

    1. (क) सुगंध + इत
    2. (ख) सुग + अंध + इत
    3. (ग) सु + गंधि + त
    4. (घ) सु + गंध + इत
    उत्तर देखें

    (घ) उपसर्ग सु, मूल गंध, प्रत्यय इत।

  20. उपसर्ग और प्रत्यय में मुख्य अंतर क्या है?

    1. (क) उपसर्ग स्वतंत्र शब्द है, प्रत्यय नहीं
    2. (ख) उपसर्ग शब्द के आगे, प्रत्यय पीछे जुड़ता है
    3. (ग) दोनों एक ही हैं
    4. (घ) प्रत्यय केवल धातु से जुड़ता है
    उत्तर देखें

    (ख) उपसर्ग आगे, प्रत्यय पीछे — दोनों का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता।

साथ में पढ़ेंसंधि (उपसर्ग जुड़ने पर संधि होती है) · समास