पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 4
उपसर्ग और प्रत्यय
शब्द के आगे जुड़कर अर्थ बदलने वाले उपसर्ग और पीछे जुड़कर नया शब्द बनाने वाले प्रत्यय। परीक्षा में पूछा जाता है: 'उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए', 'किस शब्द में यह उपसर्ग है', 'कितने उपसर्ग हैं'।
अंतिम अपडेट: 2026-10-14
इस अध्याय में
उपसर्ग क्या है
जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में बदलाव या विशेषता लाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। उपसर्ग का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता — वे हमेशा किसी शब्द के साथ ही आते हैं।
- प्र + हार = प्रहार
- वि + हार = विहार
- सम् + हार = संहार
- आ + हार = आहार
- उप + हार = उपहार
- परि + हार = परिहार
एक ही मूल शब्द "हार" से अलग-अलग उपसर्ग जुड़कर बिल्कुल अलग अर्थ बने। उपसर्ग अर्थ पर तीन तरह से असर डालते हैं:
| असर | उदाहरण |
|---|---|
| अर्थ बदल देना | हार → प्रहार (चोट), विहार (घूमना) |
| अर्थ में विशेषता लाना | बल → प्रबल (अधिक बलवान) |
| अर्थ उलटा कर देना | मान → अपमान, जय → पराजय |
संस्कृत के 22 उपसर्ग
पाणिनि के व्याकरण में 22 उपसर्ग (प्रादि) गिनाए गए हैं, और तत्सम शब्दों में यही आते हैं: प्र, परा, अप, सम्, अनु, अव, निस्, निर्, दुस्, दुर्, वि, आ, नि, अधि, अपि, अति, सु, उत्, अभि, प्रति, परि, उप।
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अति | अधिक, परे, उस पार | अत्यंत, अतिरिक्त, अत्याचार, अतिक्रमण, अतिशय, अत्यधिक |
| अधि | ऊपर, श्रेष्ठ, मुख्य | अधिकार, अधिपति, अध्यक्ष, अधिनियम, अध्यात्म, अधिकरण |
| अनु | पीछे, बाद में, समान | अनुज, अनुकरण, अनुसार, अनुशासन, अनुवाद, अनुराग |
| अप | बुरा, हीन, विपरीत, दूर | अपमान, अपयश, अपशब्द, अपकार, अपव्यय, अपहरण |
| अपि | भी, ढकना (कम प्रयोग) | अपितु, अपिधान |
| अभि | सामने, ओर, पास, अच्छी तरह | अभियान, अभिमान, अभिनय, अभिलाषा, अभ्यास, अभिषेक |
| अव | नीचे, हीन, बुरा | अवगुण, अवनति, अवतार, अवशेष, अवमान, अवलोकन |
| आ | तक, से लेकर, ओर, उलटा | आजीवन, आजन्म, आगमन, आक्रमण, आदान, आरक्षण |
| उत् / उद् | ऊपर, ऊँचा, श्रेष्ठ | उत्कर्ष, उत्थान, उद्गम, उन्नति, उत्पत्ति, उल्लेख |
| उप | निकट, सहायक, छोटा, गौण | उपकार, उपवन, उपमंत्री, उपनाम, उपग्रह, उपस्थित |
| दुर् / दुस् | बुरा, कठिन | दुर्दशा, दुर्गम, दुर्जन, दुस्साहस, दुष्कर, दुश्चरित्र |
| नि | नीचे, भीतर, अधिक | निवास, निपात, निबंध, निदान, नियुक्त, निमग्न |
| निर् / निस् | रहित, बिना, बाहर | निर्दोष, निर्भय, निर्जन, निश्चल, निष्काम, निस्संदेह |
| परा | उलटा, पीछे, पूर्ण | पराजय, पराक्रम, पराभव, परामर्श, पराधीन |
| परि | चारों ओर, पूर्ण | परिक्रमा, परिवार, परिपूर्ण, परिश्रम, परिवर्तन, परिणाम |
| प्र | अधिक, आगे, प्रकर्ष | प्रगति, प्रबल, प्रचार, प्रयोग, प्रहार, प्रसिद्ध |
| प्रति | प्रत्येक, विरुद्ध, बराबर, बदले में | प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिनिधि, प्रतिध्वनि, प्रत्येक, प्रत्युत्तर |
| वि | विशेष, भिन्न, अभाव | विज्ञान, वियोग, विदेश, विनाश, विशेष, विख्यात |
| सम् | अच्छी तरह, साथ, पूर्ण | संगम, संतोष, संस्कार, संयोग, संपूर्ण, सम्मान |
| सु | अच्छा, सरल, सुंदर | सुगम, सुयश, स्वागत, सुपुत्र, सुशील, सुलभ |
उपसर्ग की तरह प्रयुक्त संस्कृत अव्यय
ये 22 उपसर्गों में नहीं गिने जाते, पर शब्दों के आगे उपसर्ग की तरह जुड़ते हैं, और परीक्षा में इन्हें भी "उपसर्ग" कहकर पूछा जाता है:
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ / अन् | नहीं, अभाव | अज्ञान, अधर्म, असत्य, अनादि, अनंत, अनुपस्थित |
| कु | बुरा | कुपुत्र, कुकर्म, कुमार्ग, कुरूप |
| सह | साथ | सहयोग, सहपाठी, सहकारी, सहानुभूति |
| स | सहित | सजीव, सफल, सपरिवार, सरस |
| सत् | अच्छा, सच्चा | सज्जन, सत्कर्म, सद्भावना, सदाचार |
| अंतर् / अंतः | भीतर | अंतर्गत, अंतर्राष्ट्रीय, अंतःकरण, अंतर्मन |
| पुनर् / पुनः | फिर से | पुनर्जन्म, पुनर्विवाह, पुनरागमन, पुनर्निर्माण |
| पुरा | पुराना | पुरातत्त्व, पुरातन |
| चिर | बहुत दिनों तक | चिरकाल, चिरंजीव, चिरस्थायी |
| बहिर् / बहिः | बाहर | बहिष्कार, बहिर्गमन, बहिरंग |
| स्व | अपना | स्वदेश, स्वतंत्र, स्वराज्य, स्वाभिमान |
| प्रादुर् | प्रकट | प्रादुर्भाव |
| तिरस् | तिरछा, अनादर | तिरस्कार |
हिंदी के उपसर्ग
तद्भव और देशज शब्दों में जुड़ने वाले उपसर्ग:
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ | नहीं | अछूता, अथाह, अजान, अटल |
| अन | नहीं | अनपढ़, अनबन, अनमोल, अनजान, अनसुना |
| अध | आधा | अधमरा, अधपका, अधखिला, अधजला |
| उन | एक कम | उन्नीस, उनतीस, उनचास, उनसठ |
| औ | हीन, बुरा | औगुन, औघट, औढर |
| कु / क | बुरा | कुपूत, कुढंग, कपूत |
| दु | बुरा, कम | दुबला, दुकाल |
| नि | रहित | निकम्मा, निडर, निहत्था, निधड़क |
| बिन | बिना | बिनब्याहा, बिनमाँगा, बिनबोले |
| भर | पूरा | भरपेट, भरपूर, भरसक, भरमार |
| स / सु | अच्छा, सहित | सपूत, सुडौल, सजग, सुघड़ |
उर्दू-फ़ारसी के उपसर्ग
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अल | निश्चित, विशेष | अलबत्ता, अलविदा, अलगरज़ |
| कम | थोड़ा, कम | कमज़ोर, कमबख़्त, कमसिन, कमउम्र |
| खुश | अच्छा | खुशबू, खुशकिस्मत, खुशमिज़ाज, खुशहाल |
| गैर | भिन्न, नहीं | गैरहाज़िर, गैरकानूनी, गैरज़िम्मेदार, गैरसरकारी |
| दर | में | दरअसल, दरकार, दरमियान |
| ना | नहीं | नापसंद, नालायक, नासमझ, नाकाम, नामुमकिन |
| ब | से, के साथ, अनुसार | बदौलत, बनाम, बखूबी, बमुश्किल |
| बद | बुरा | बदनाम, बदकिस्मत, बदबू, बदतमीज़ |
| बर | ऊपर, बाहर | बरख़ास्त, बरकरार, बरदाश्त |
| बा | सहित | बाकायदा, बाइज़्ज़त, बाअदब |
| बिला | बिना | बिलावजह, बिलाशक, बिलानागा |
| बे | बिना | बेईमान, बेचारा, बेशक, बेरहम, बेकार |
| ला | बिना, नहीं | लापरवाह, लाजवाब, लावारिस, लापता |
| सर | मुख्य | सरपंच, सरताज, सरहद |
| हम | साथ, समान | हमदर्द, हमउम्र, हमसफ़र, हमशक्ल |
| हर | प्रत्येक | हरदिन, हरघड़ी, हरसाल, हरकोई |
एक शब्द में एक से अधिक उपसर्ग
"इस शब्द में कितने उपसर्ग हैं?" — ऐसे प्रश्नों के लिए शब्द को परत-दर-परत खोलें:
| शब्द | विच्छेद | उपसर्ग |
|---|---|---|
| प्रत्युपकार | प्रति + उप + कार | 2 (प्रति, उप) |
| अनुपस्थित | अन् + उप + स्थित | 2 (अन्, उप) |
| निराकरण | निर् + आ + करण | 2 (निर्, आ) |
| समालोचना | सम् + आ + लोचना | 2 (सम्, आ) |
| अभ्युदय | अभि + उत् + अय | 2 (अभि, उत्) |
| सुसंगति | सु + सम् + गति | 2 (सु, सम्) |
| अनध्याय | अन् + अधि + आय | 2 (अन्, अधि) |
| व्याकरण | वि + आ + करण | 2 (वि, आ) |
| समाधान | सम् + आ + धान | 2 (सम्, आ) |
| अत्युत्तम | अति + उत् + तम | 2 (अति, उत्) |
प्रत्यय क्या है
जो शब्दांश किसी शब्द या धातु के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं या अर्थ बदलते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं। उपसर्ग की तरह इनका भी स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता।
- लिख + आवट = लिखावट
- सुंदर + ता = सुंदरता
- दया + आलु = दयालु
प्रत्यय किस शब्द के साथ जुड़ता है, इसके आधार पर दो भेद:
| भेद | किसके साथ | उदाहरण |
|---|---|---|
| कृत् प्रत्यय | क्रिया की धातु के साथ; बने शब्द को कृदंत कहते हैं | पढ़ + आई = पढ़ाई, लिख + अक = लेखक |
| तद्धित प्रत्यय | संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के साथ; बने शब्द को तद्धितांत कहते हैं | बच्चा + पन = बचपन, मीठा + आस = मिठास |
कृत् प्रत्यय
1. कर्तृवाचक (काम करने वाला)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -अक | लेखक, गायक, पाठक, नायक, धावक |
| -ता | दाता, कर्ता, वक्ता, श्रोता, नेता |
| -वाला | पढ़नेवाला, गानेवाला, रखवाला |
| -हार / -हारा | पालनहार, राखनहार, होनहार |
| -आक / -आकू | तैराक, लड़ाकू, उड़ाकू, पढ़ाकू |
| -ऐया / -वैया | गवैया, रखवैया, खिवैया |
| -एरा | लुटेरा, कमेरा |
| -इयल | अड़ियल, मरियल, सड़ियल |
2. कर्मवाचक (जिस पर काम हो)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -औना | खिलौना, बिछौना |
| -नी | सुँघनी, ओढ़नी |
| -य | पूज्य, पेय, गेय, खाद्य |
| -अनीय | पूजनीय, दर्शनीय, आदरणीय, स्मरणीय |
| -तव्य | कर्तव्य, दातव्य, ज्ञातव्य |
3. करणवाचक (काम का साधन)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -अन | बेलन, झाड़न, ढक्कन, चलन |
| -नी | कतरनी, छलनी, मथनी, धौंकनी |
| -ई | रेती, फाँसी, धुनकी |
| -ना | बेलना |
4. भाववाचक (क्रिया का भाव)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -आई | लड़ाई, पढ़ाई, लिखाई, चढ़ाई, कमाई |
| -आव | बहाव, चढ़ाव, बचाव, पड़ाव, घुमाव |
| -आवट | सजावट, लिखावट, थकावट, रुकावट, बनावट |
| -आहट | घबराहट, चिल्लाहट, मुस्कुराहट, गड़गड़ाहट |
| -अन | चलन, मिलन, लगन |
| -ति | गति, मति, कृति, स्मृति |
| -ना | पढ़ना, लिखना (क्रियार्थक संज्ञा) |
5. क्रियाद्योतक / विशेषणवाचक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -ता (वर्तमान) | बहता पानी, चलता, दौड़ता |
| -आ / -हुआ (भूत) | पढ़ा हुआ, लिखा, खोया |
| -कर (पूर्वकालिक) | पढ़कर, खाकर, सोकर |
| -त | गत, नत, विकसित (संस्कृत) |
तद्धित प्रत्यय
1. कर्तृवाचक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -आर | सुनार, लुहार, कुम्हार |
| -एरा | सँपेरा, ठठेरा, चितेरा |
| -ई | तेली, माली, धोबी |
| -कार | चित्रकार, कलाकार, ग्रंथकार, स्वर्णकार |
| -वाला | दूधवाला, घरवाला, सब्ज़ीवाला |
| -इया | दुखिया, सुखिया, मुखिया |
2. भाववाचक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -ता | सुंदरता, मित्रता, मानवता, वीरता |
| -त्व | मनुष्यत्व, बंधुत्व, गुरुत्व, नेतृत्व |
| -पन | बचपन, लड़कपन, पागलपन, अपनापन |
| -आई | भलाई, बुराई, चतुराई, ऊँचाई |
| -आस | मिठास, खटास, भड़ास |
| -इमा | लालिमा, महिमा, गरिमा, कालिमा |
| -य | सौंदर्य, माधुर्य, धैर्य, शौर्य |
| -हट | कड़वाहट, चिकनाहट |
3. संबंधवाचक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -इक | धार्मिक, सामाजिक, ऐतिहासिक, मासिक |
| -ईय | भारतीय, राष्ट्रीय, नाटकीय, स्वर्गीय |
| -एरा | चचेरा, ममेरा, फुफेरा |
| -आल | ससुराल, ननिहाल |
| -ई | देशी, विदेशी, बंगाली, गुजराती |
4. गुणवाचक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -वान / -मान | धनवान, गुणवान, बुद्धिमान, शक्तिमान |
| -ईला | रंगीला, सजीला, चमकीला, ज़हरीला |
| -आलु | दयालु, कृपालु, झगड़ालु |
| -ई | क्रोधी, लोभी, धनी, गुणी |
| -इत | पुष्पित, प्रचलित, पीड़ित, आनंदित |
| -मय | आनंदमय, तेजोमय, दयामय |
| -वी | मायावी, तेजस्वी, यशस्वी |
5. ऊनवाचक (लघुतावाचक)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -इया | डिबिया, खटिया, लुटिया, चुहिया |
| -ई | पहाड़ी, रस्सी, टोकरी, कटोरी |
| -ड़ा / -ड़ी | मुखड़ा, बछड़ा, टुकड़ा, पगड़ी |
| -ओला / -ओली | खटोला, सँपोला, हथौली |
6. संख्यावाचक
पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा (-ला, -रा, -था), पाँचवाँ (-वाँ), दुगुना, तिगुना (-गुना), इकहरा, दोहरा (-हरा)।
7. स्त्रीलिंगवाचक
-ई (लड़की, देवी), -इया (बुढ़िया, चिड़िया), -इन (धोबिन, मालिन), -आनी (सेठानी, देवरानी), -नी (शेरनी, मोरनी), -आ (छात्रा, बाला), -इका (गायिका, लेखिका)। विस्तार से "लिंग और वचन" अध्याय में।
उर्दू-फ़ारसी के प्रत्यय
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -दार | दुकानदार, ज़मींदार, ईमानदार, समझदार |
| -गर | कारीगर, जादूगर, सौदागर |
| -ची | खज़ांची, तबलची, बावर्ची, तोपची |
| -बाज़ | धोखेबाज़, चालबाज़, नशेबाज़ |
| -खाना | दवाखाना, डाकखाना, कारखाना |
| -दान | कलमदान, पीकदान, खानदान |
| -आना | सालाना, रोज़ाना, मर्दाना |
| -गी | ज़िंदगी, मर्दानगी, सादगी |
| -मंद | अक्लमंद, ज़रूरतमंद, दौलतमंद |
| -इश | नालिश, कोशिश, बारिश |
उपसर्ग और प्रत्यय दोनों वाले शब्द
| शब्द | उपसर्ग + मूल + प्रत्यय |
|---|---|
| अभिमानी | अभि + मान + ई |
| अत्याचारी | अति + आचार + ई |
| उपकारी | उप + कार + ई |
| सुगंधित | सु + गंध + इत |
| निर्दयता | निर् + दया + ता |
| अपमानित | अप + मान + इत |
| परिश्रमी | परि + श्रम + ई |
| अनुशासित | अनु + शासन + इत |
| प्रचलित | प्र + चल + इत |
| बेईमानी | बे + ईमान + ई |
| अधार्मिक | अ + धर्म + इक |
| असफलता | अ + सफल + ता |
उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास में अंतर
| कहाँ जुड़ता | स्वतंत्र प्रयोग | उदाहरण | |
|---|---|---|---|
| उपसर्ग | शब्द के आगे | नहीं | प्र + बल = प्रबल |
| प्रत्यय | शब्द के पीछे | नहीं | बल + वान = बलवान |
| संधि | दो वर्णों का मेल | — | विद्या + आलय = विद्यालय |
| समास | दो सार्थक शब्दों का मेल | हाँ, दोनों पद | राजा का पुत्र = राजपुत्र |
अभ्यास प्रश्न
उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।
संस्कृत के उपसर्गों की संख्या (पाणिनि के अनुसार) है —
- (क) 20
- (ख) 22
- (ग) 24
- (घ) 18
उत्तर देखें
(ख) प्र, परा, अप, सम् … उप — कुल 22 (कुछ पुस्तकें 20 भी गिनती हैं)।
"अत्यंत" में उपसर्ग है —
- (क) अत्
- (ख) अति
- (ग) अत्य
- (घ) अ
उत्तर देखें
(ख) अति + अंत (यण संधि)।
"उन्नति" में उपसर्ग कौन-सा है?
- (क) उन
- (ख) उन्
- (ग) उ
- (घ) उत्
उत्तर देखें
(घ) उत् + नति — संधि से त् → न्।
"पराजय" में "परा" उपसर्ग का अर्थ है —
- (क) पूरा
- (ख) उलटा
- (ग) ऊपर
- (घ) साथ
उत्तर देखें
(ख) जय का उलटा — पराजय।
इनमें से किस शब्द में "अप" उपसर्ग नहीं है?
- (क) अपमान
- (ख) अपयश
- (ग) अपना
- (घ) अपव्यय
उत्तर देखें
(ग) "अपना" स्वतंत्र सर्वनाम है, उपसर्ग वाला शब्द नहीं।
"प्रत्युपकार" में कितने उपसर्ग हैं?
- (क) एक
- (ख) दो
- (ग) तीन
- (घ) कोई नहीं
उत्तर देखें
(ख) प्रति + उप + कार — दो उपसर्ग।
"अधमरा" में "अध" किस भाषा का उपसर्ग है?
- (क) संस्कृत
- (ख) उर्दू
- (ग) अंग्रेज़ी
- (घ) हिंदी
उत्तर देखें
(घ) "अध" (आधा) हिंदी का उपसर्ग है।
"नापसंद" में उपसर्ग है —
- (क) ना
- (ख) नाप
- (ग) न
- (घ) पसंद
उत्तर देखें
(क) ना (नहीं) — उर्दू-फ़ारसी उपसर्ग।
"उनतीस" में "उन" का अर्थ है —
- (क) एक अधिक
- (ख) एक कम
- (ग) आधा
- (घ) दुगुना
उत्तर देखें
(ख) उन = एक कम: उनतीस = तीस से एक कम।
"लिखावट" में प्रत्यय है —
- (क) -वट
- (ख) -आवट
- (ग) -खावट
- (घ) -ट
उत्तर देखें
(ख) लिख + आवट — कृत् प्रत्यय (भाववाचक)।
"बचपन" में कौन-सा प्रत्यय है?
- (क) -अपन
- (ख) -चपन
- (ग) -न
- (घ) -पन
उत्तर देखें
(घ) बच्चा + पन — तद्धित (भाववाचक)।
"लेखक" शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
- (क) -क
- (ख) -अक
- (ग) -एक
- (घ) -लेख
उत्तर देखें
(ख) लिख + अक = लेखक — कृत् प्रत्यय (कर्तृवाचक); लिख का इ गुण होकर ए बना।
इनमें से कृत् प्रत्यय से बना शब्द कौन-सा है?
- (क) मिठास
- (ख) बुढ़ापा
- (ग) पढ़ाई
- (घ) सुंदरता
उत्तर देखें
(ग) पढ़ (धातु) + आई — कृत्। बाकी संज्ञा/विशेषण से बने (तद्धित)।
"दयालु" में प्रत्यय है —
- (क) -लु
- (ख) -आलु
- (ग) -यालु
- (घ) -उ
उत्तर देखें
(ख) दया + आलु — तद्धित (गुणवाचक)।
"भारतीय" में प्रत्यय है —
- (क) -ईय
- (ख) -य
- (ग) -तीय
- (घ) -इय
उत्तर देखें
(क) भारत + ईय — संबंधवाचक तद्धित।
"डिबिया" किस प्रकार के प्रत्यय का उदाहरण है?
- (क) भाववाचक
- (ख) संख्यावाचक
- (ग) कर्तृवाचक
- (घ) ऊनवाचक (लघुतावाचक)
उत्तर देखें
(घ) डिब्बा का छोटा रूप — ऊनवाचक।
"दुकानदार" में "-दार" किस भाषा का प्रत्यय है?
- (क) संस्कृत
- (ख) हिंदी
- (ग) उर्दू-फ़ारसी
- (घ) अंग्रेज़ी
उत्तर देखें
(ग) -दार उर्दू-फ़ारसी का प्रत्यय है।
"अभिमानी" शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय क्रमशः हैं —
- (क) अभि, ई
- (ख) अ, नी
- (ग) अभि, मानी
- (घ) अभिमा, नी
उत्तर देखें
(क) अभि + मान + ई।
"सुगंधित" का सही विच्छेद है —
- (क) सुगंध + इत
- (ख) सुग + अंध + इत
- (ग) सु + गंधि + त
- (घ) सु + गंध + इत
उत्तर देखें
(घ) उपसर्ग सु, मूल गंध, प्रत्यय इत।
उपसर्ग और प्रत्यय में मुख्य अंतर क्या है?
- (क) उपसर्ग स्वतंत्र शब्द है, प्रत्यय नहीं
- (ख) उपसर्ग शब्द के आगे, प्रत्यय पीछे जुड़ता है
- (ग) दोनों एक ही हैं
- (घ) प्रत्यय केवल धातु से जुड़ता है
उत्तर देखें
(ख) उपसर्ग आगे, प्रत्यय पीछे — दोनों का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता।