झारज्ञान

पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 5

संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण

नाम, नाम के बदले आने वाले शब्द और नाम की विशेषता बताने वाले शब्द। परीक्षा में भेद पहचानना, भाववाचक संज्ञा या विशेषण बनाना और 'आप', 'कुछ', 'यह' जैसे शब्दों का सही भेद सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

अंतिम अपडेट: 2026-10-14

इस अध्याय में
  1. शब्द के भेद: विकारी और अविकारी
  2. संज्ञा और उसके भेद
  3. एक संज्ञा का दूसरी के रूप में प्रयोग
  4. भाववाचक संज्ञा बनाना
  5. सर्वनाम और उसके भेद
  6. सर्वनाम के रूप
  7. विशेषण और उसके भेद
  8. विशेषण की अवस्थाएँ
  9. विशेषण बनाना
  10. पद-परिचय
  11. सबसे ज़्यादा उलझाने वाले शब्द
  12. अभ्यास प्रश्न

शब्द के भेद: विकारी और अविकारी

वाक्य में प्रयोग के आधार पर शब्द (पद) आठ प्रकार के होते हैं। इन्हें दो बड़े समूहों में बाँटा जाता है — जो लिंग, वचन, कारक या काल के कारण बदलते हैं (विकारी) और जो नहीं बदलते (अविकारी/अव्यय):

विकारी (रूप बदलता है)अविकारी / अव्यय (रूप नहीं बदलता)
1. संज्ञा — लड़का, लड़के, लड़कों5. क्रियाविशेषण — धीरे, आज, यहाँ
2. सर्वनाम — मैं, मुझे, मेरा6. संबंधबोधक — के ऊपर, के पास
3. विशेषण — अच्छा, अच्छी, अच्छे7. समुच्चयबोधक — और, परंतु, क्योंकि
4. क्रिया — जाता, गया, जाएगा8. विस्मयादिबोधक — अरे!, वाह!, हाय!

अविकारी शब्दों के साथ निपात (ही, भी, तो, तक, मात्र) भी अव्यय माने जाते हैं।

शब्द के दूसरे वर्गीकरण भी उत्पत्ति के आधार पर: तत्सम (अग्नि), तद्भव (आग), देशज (लोटा), विदेशज (स्कूल, किताब), संकर (रेलगाड़ी)। रचना के आधार पर: रूढ़ (घर, कमल), यौगिक (विद्यालय, पाठशाला), योगरूढ़ (पंकज = कमल, जलज, लंबोदर)। ये पत्र 2 (हिंदी) में विस्तार से आते हैं।

संज्ञा और उसके भेद

किसी व्यक्ति, प्राणी, वस्तु, स्थान, गुण, भाव या अवस्था के नाम को संज्ञा कहते हैं: राम, गाय, पुस्तक, दिल्ली, सुंदरता, बचपन।

भेदकिसका नामउदाहरण
1. व्यक्तिवाचककिसी एक विशेष व्यक्ति, स्थान, वस्तु, नदी, पर्वत, ग्रंथ, दिन, त्योहार आदि काराम, गांधीजी, राँची, गंगा, हिमालय, रामायण, सोमवार, होली, ताजमहल, भारत
2. जातिवाचकएक ही प्रकार के सभी प्राणियों/वस्तुओं कालड़का, नदी, पहाड़, शहर, गाय, पुस्तक, मनुष्य, पेड़
3. भाववाचकगुण, दशा, भाव, अवस्था का — जिसे देखा-छुआ नहीं जा सकता, केवल अनुभव किया जाता हैसुंदरता, बचपन, मिठास, क्रोध, प्रेम, थकान, दया, बुढ़ापा
4. समूहवाचकव्यक्तियों/वस्तुओं के समूह कासेना, सभा, भीड़, कक्षा, परिवार, दल, गुच्छा, झुंड, समिति
5. द्रव्यवाचकऐसे पदार्थ का जो नापा-तौला जाता है, गिना नहीं जातासोना, पानी, दूध, तेल, गेहूँ, घी, लोहा, हवा
पाँच या तीन भेद? कामताप्रसाद गुरु के अनुसार समूहवाचक और द्रव्यवाचक वास्तव में जातिवाचक के ही प्रकार हैं, इसलिए परंपरा में संज्ञा के तीन मुख्य भेद हैं। आधुनिक पाठ्यक्रम और परीक्षाएँ पाँच भेद मानती हैं — विकल्पों के अनुसार उत्तर दें।
द्रव्यवाचक की पहचान जिसे गिना नहीं, तौला/नापा जाता है, वह द्रव्यवाचक है: "दो लीटर दूध", "एक किलो सोना"। पर "सोने का हार" में हार जातिवाचक है। पहचान: "कितने?" पूछ सकें तो जातिवाचक, "कितना?" पूछें तो द्रव्यवाचक।

एक संज्ञा का दूसरी के रूप में प्रयोग

संज्ञा का भेद शब्द से नहीं, वाक्य में उसके प्रयोग से तय होता है:

बदलावकबउदाहरण
व्यक्तिवाचक → जातिवाचकजब व्यक्ति का नाम उसके विशेष गुण के लिए आए, या एक नाम के कई व्यक्ति हों"वह कलियुग का भीम है।" (बहुत बलवान) · "देश को जयचंदों से बचाओ।" (गद्दार) · "कक्षा में तीन राम हैं।"
जातिवाचक → व्यक्तिवाचकजब सामान्य नाम किसी एक विशेष के लिए रूढ़ हो जाएपुरी (जगन्नाथ पुरी), गांधी (महात्मा गांधी), नेताजी (सुभाषचंद्र बोस), देवी (दुर्गा), गोस्वामी (तुलसीदास)
भाववाचक → जातिवाचकभाववाचक संज्ञा बहुवचन में या किसी ठोस वस्तु के लिए आए"शहर में कई चोरियाँ हुईं।" · "उसकी बुराइयाँ गिनाओ।" · "पहनावा सुंदर है।"

भाववाचक संज्ञा बनाना

भाववाचक संज्ञाएँ पाँच तरह के शब्दों से बनती हैं। परीक्षा में "भाववाचक संज्ञा का सही रूप चुनिए" सबसे आम प्रश्न है:

किससेमूल शब्द → भाववाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञा सेमनुष्य → मनुष्यता · बच्चा → बचपन · मित्र → मित्रता · पशु → पशुता · दास → दासता · लड़का → लड़कपन · बूढ़ा → बुढ़ापा · गुरु → गुरुत्व, गौरव · पुरुष → पुरुषत्व · प्रभु → प्रभुता · शत्रु → शत्रुता · नारी → नारीत्व · दानव → दानवता · मानव → मानवता · चोर → चोरी · ठग → ठगी
सर्वनाम सेअपना → अपनापन, अपनत्व · मम → ममता, ममत्व · निज → निजत्व · स्व → स्वत्व · सर्व → सर्वस्व · अहं → अहंकार · पराया → परायापन
विशेषण सेसुंदर → सुंदरता, सौंदर्य · मीठा → मिठास · खट्टा → खटास · चतुर → चतुराई · लंबा → लंबाई · मोटा → मोटापा · गरम → गरमी · सरल → सरलता · अच्छा → अच्छाई · बुरा → बुराई · हरा → हरियाली · बुद्धिमान → बुद्धिमत्ता · वीर → वीरता · धीर → धैर्य · मधुर → माधुर्य · गंभीर → गंभीरता · शूर → शौर्य · कठोर → कठोरता · निर्बल → निर्बलता · काला → कालापन, कालिमा · लाल → लाली, लालिमा · चौड़ा → चौड़ाई · गहरा → गहराई
क्रिया सेपढ़ना → पढ़ाई · लिखना → लिखावट · हँसना → हँसी · घबराना → घबराहट · चलना → चाल, चलन · थकना → थकान, थकावट · सजाना → सजावट · उड़ना → उड़ान · बहना → बहाव · बचना → बचाव · मिलना → मेल, मिलन · जीतना → जीत · हारना → हार · लड़ना → लड़ाई · गाना → गान · कमाना → कमाई · सुनना → सुनवाई · रोना → रुलाई · बोलना → बोली · पीटना → पिटाई
अव्यय सेदूर → दूरी · निकट → निकटता · शीघ्र → शीघ्रता · धिक् → धिक्कार · वाह → वाहवाही · समीप → सामीप्य · मना → मनाही
दोहरा प्रत्यय नहीं "सौंदर्यता", "माधुर्यता", "गौरवता" गलत हैं — सौंदर्य, माधुर्य, गौरव स्वयं भाववाचक हैं। इसी तरह "बुद्धिमानता" नहीं, बुद्धिमत्ता।

सर्वनाम और उसके भेद

संज्ञा के स्थान पर आने वाले शब्द सर्वनाम हैं। ये संज्ञा की बार-बार आवृत्ति रोकते हैं: "राम आया। वह थका था।"

हिंदी में 11 मूल सर्वनाम माने जाते हैं: मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या।

भेदपहचानउदाहरण
1. पुरुषवाचकबोलने वाले, सुनने वाले या जिसके बारे में बात हो, उसके लिएउत्तम पुरुष (बोलने वाला): मैं, हम · मध्यम पुरुष (सुनने वाला): तू, तुम, आप · अन्य पुरुष (जिसकी बात हो): वह, वे, यह, ये
2. निश्चयवाचककिसी निश्चित व्यक्ति/वस्तु की ओर संकेतयह, ये (निकट) · वह, वे (दूर) — "यह मेरी पुस्तक है।"
3. अनिश्चयवाचककिसी अनिश्चित की ओर संकेतकोई (प्राणी के लिए) · कुछ (वस्तु के लिए) — "कोई आया है।" "कुछ खा लो।"
4. संबंधवाचकदो वाक्यांशों का संबंध जोड़ते हैंजो-सो, जो-वह, जिसकी-उसकी — "जो परिश्रम करेगा, वह सफल होगा।"
5. प्रश्नवाचकप्रश्न पूछने के लिएकौन (प्राणी) · क्या (वस्तु/भाव) — "कौन आया?" "क्या लाए?"
6. निजवाचककर्ता स्वयं के लिएआप, स्वयं, खुद, अपने आप — "मैं यह काम आप कर लूँगा।"
"आप" के दो रूप आदरसूचक (मध्यम पुरुष): सुनने वाले के लिए आदर से — "आप कहाँ जा रहे हैं?" · निजवाचक: "स्वयं" के अर्थ में — "मैं आप ही चला जाऊँगा।", "वह अपने आप आ गया।" पहचान: "आप" की जगह "स्वयं" रखकर अर्थ ठीक रहे तो निजवाचक।
"कौन" और "क्या" कौन — प्राणियों के लिए, क्या — वस्तु, भाव या क्रिया के लिए। "बाहर कौन है?" (व्यक्ति) · "थैले में क्या है?" (वस्तु)।

सर्वनाम के रूप

सर्वनाम कारक-चिह्न लगने पर रूप बदलते हैं। मानक वर्तनी के अनुसार सर्वनाम के साथ विभक्ति मिलाकर लिखी जाती है (उसने, मुझको), दो चिह्न हों तो दूसरा अलग (उसके लिए)।

कारकमैंतूवहयहकौन
कर्ता (ने)मैंनेतूनेउसनेइसनेकिसने
कर्म (को)मुझे, मुझकोतुझे, तुझकोउसे, उसकोइसे, इसकोकिसे, किसको
करण/अपादान (से)मुझसेतुझसेउससेइससेकिससे
संप्रदान (के लिए)मेरे लिएतेरे लिएउसके लिएइसके लिएकिसके लिए
संबंध (का, के, की)मेरा, मेरे, मेरीतेरा, तेरे, तेरीउसकाइसकाकिसका
अधिकरण (में, पर)मुझमें, मुझ परतुझमेंउसमेंइसमेंकिसमें

बहुवचन: हम → हमने, हमें, हमारा · तुम → तुमने, तुम्हें, तुम्हारा · वे → उन्होंने, उन्हें, उनका · ये → इन्होंने, इन्हें, इनका।

"मैंने" और "उन्होंने" मानक रूप "मैंने" (चंद्रबिंदु नहीं, बिंदु) और "उन्होंने"। "मेने", "उनने", "उन्होनें" गलत हैं।

विशेषण और उसके भेद

संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, मात्रा आदि) बताने वाले शब्द विशेषण हैं। जिसकी विशेषता बताई जाए, वह विशेष्य है: "काली (विशेषण) गाय (विशेष्य)"।

प्रविशेषण — विशेषण की भी विशेषता बताने वाले शब्द: "बहुत सुंदर", "अत्यंत तेज़", "बड़ा अच्छा"।

1. गुणवाचक विशेषण

गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, स्थान, समय, स्वाद आदि बताते हैं — सबसे बड़ा वर्ग:

क्या बताता हैउदाहरण
गुणअच्छा, ईमानदार, दयालु, वीर, सुशील
दोषबुरा, कपटी, आलसी, क्रूर
रंगलाल, काला, पीला, हरा, सुनहरा
आकारगोल, लंबा, चौड़ा, मोटा, चौकोर
दशाबीमार, गरीब, अमीर, गीला, सूखा
स्थानभारतीय, ग्रामीण, शहरी, पहाड़ी, बाहरी
समयनया, पुराना, प्राचीन, वार्षिक, ताज़ा
स्वाद/गंधमीठा, खट्टा, तीखा, सुगंधित

2. संख्यावाचक विशेषण

प्रकारउदाहरण
निश्चित — गणनावाचकएक, दो, दस, सौ (दो लड़के)
निश्चित — क्रमवाचकपहला, दूसरा, तीसरा, दसवाँ
निश्चित — आवृत्तिवाचकदुगुना, तिगुना, चौगुना
निश्चित — समूहवाचकदोनों, तीनों, चारों, दर्जन, जोड़ा
निश्चित — प्रत्येकबोधकहर, प्रत्येक, एक-एक
अनिश्चित संख्यावाचककई, कुछ, अनेक, बहुत-से, थोड़े-से (कुछ लड़के)

3. परिमाणवाचक विशेषण

नाप-तौल या मात्रा बताते हैं। निश्चित: दो किलो चीनी, एक लीटर दूध, चार मीटर कपड़ा। अनिश्चित: थोड़ा पानी, बहुत दूध, कुछ घी, ज़्यादा नमक।

4. सार्वनामिक (संकेतवाचक) विशेषण

जब सर्वनाम संज्ञा से पहले आकर उसकी ओर संकेत करे: "यह किताब", "वह लड़का", "कोई आदमी", "कौन छात्र?"। मौलिक: यह, वह, कोई, कौन (मूल रूप में) · यौगिक: ऐसा, वैसा, जैसा, इतना, उतना, कितना (सर्वनाम से बने)।

सर्वनाम या सार्वनामिक विशेषण? अकेला आए तो सर्वनाम: "यह मेरी है।" संज्ञा से पहले आए तो सार्वनामिक विशेषण: "यह किताब मेरी है।"
"कुछ" के तीन रूप "कुछ खा लो।" → अनिश्चयवाचक सर्वनाम · "कुछ लड़के आए।" → अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण (गिने जा सकते हैं) · "कुछ दूध दो।" → अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण (तौला जाता है)। यही नियम "थोड़ा", "बहुत" पर भी: "थोड़े आम" (संख्या), "थोड़ा पानी" (परिमाण)।

विशेषण का स्थान

उद्देश्य विशेषण — विशेष्य से पहले: "मेहनती छात्र सफल होते हैं।" · विधेय विशेषण — विशेष्य के बाद, क्रिया के पास: "यह छात्र मेहनती है।"

विशेषण की अवस्थाएँ (तुलना)

अवस्थाअर्थउदाहरण
मूलावस्थाकोई तुलना नहींराम अच्छा लड़का है।
उत्तरावस्थादो की तुलना में एक बढ़कर (-तर, "से अधिक")राम श्याम से अच्छा है। · यह उससे लघुतर है।
उत्तमावस्थासबकी तुलना में सबसे बढ़कर (-तम, "सबसे")राम कक्षा में सबसे अच्छा है। · लघुतम समापवर्त्य
मूलावस्थाउत्तरावस्थाउत्तमावस्था
लघुलघुतरलघुतम
अधिकअधिकतरअधिकतम
उच्चउच्चतरउच्चतम
निम्ननिम्नतरनिम्नतम
प्रियप्रियतरप्रियतम
सुंदरसुंदरतरसुंदरतम
महत्महत्तरमहत्तम
कोमलकोमलतरकोमलतम
गुरुगुरुतरगुरुतम
तीव्रतीव्रतरतीव्रतम
निकटनिकटतरनिकटतम
वृहत्वृहत्तरवृहत्तम
"श्रेष्ठतम" क्यों गलत? "श्रेष्ठ" अपने-आप में उत्तमावस्था है (प्रशस्य → श्रेयस् → श्रेष्ठ)। इसलिए "श्रेष्ठतम", "सर्वश्रेष्ठतम" दोहरा प्रयोग है। इसी तरह "ज्येष्ठ" भी। सही: श्रेष्ठ, सर्वश्रेष्ठ।

विशेषण बनाना

किससेमूल शब्द → विशेषण
संज्ञा सेधन → धनी, धनवान · दया → दयालु · इतिहास → ऐतिहासिक · भारत → भारतीय · रंग → रंगीन, रंगीला · पुष्प → पुष्पित · विष → विषैला · ग्राम → ग्रामीण · समाज → सामाजिक · लोभ → लोभी · बल → बलवान · बुद्धि → बुद्धिमान · प्रकृति → प्राकृतिक · नगर → नागरिक · धर्म → धार्मिक · वर्ष → वार्षिक · मास → मासिक · सप्ताह → साप्ताहिक · गुण → गुणी, गुणवान · कृपा → कृपालु · स्वर्ग → स्वर्गीय · राष्ट्र → राष्ट्रीय · पर्वत → पर्वतीय · आदर → आदरणीय · लज्जा → लज्जित · आनंद → आनंदित · शक्ति → शक्तिशाली · उद्योग → औद्योगिक · अर्थ → आर्थिक · विज्ञान → वैज्ञानिक
सर्वनाम सेमैं → मेरा · तू → तेरा · यह → ऐसा, इतना · वह → वैसा, उतना · जो → जैसा, जितना · कौन → कैसा, कितना
क्रिया सेबिकना → बिकाऊ · टिकना → टिकाऊ · लड़ना → लड़ाकू · पढ़ना → पढ़ाकू · भागना → भगोड़ा · खेलना → खिलाड़ी · पीना → पियक्कड़ · चलना → चालू · झगड़ना → झगड़ालू · देखना → दर्शनीय · पूजना → पूज्य, पूजनीय
अव्यय सेऊपर → ऊपरी · भीतर → भीतरी · बाहर → बाहरी · पीछे → पिछला · आगे → अगला · नीचे → निचला

पद-परिचय

वाक्य में आए किसी शब्द का पूरा व्याकरणिक परिचय देना पद-परिचय है। इसका क्रम याद रखें:

पदक्या-क्या लिखेंउदाहरण: "राम ने मीठे आम खाए।"
संज्ञाभेद, लिंग, वचन, कारक, क्रिया से संबंधराम — व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक, "खाए" क्रिया का कर्ता
सर्वनामभेद (पुरुष भी), लिंग, वचन, कारक, क्रिया से संबंध"वह" — पुरुषवाचक (अन्य पुरुष), पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक
विशेषणभेद, लिंग, वचन, अवस्था, विशेष्यमीठे — गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहुवचन, मूलावस्था, विशेष्य "आम"

सबसे ज़्यादा उलझाने वाले शब्द

शब्द / वाक्यसही भेदक्यों
"भीड़", "सेना"समूहवाचक संज्ञासमूह का नाम
"पानी", "सोना"द्रव्यवाचक संज्ञातौला/नापा जाता है
"बचपन", "मिठास"भाववाचक संज्ञाअनुभव की बात
"हमारे देश में अनेक जयचंद हैं।"जातिवाचक (व्यक्तिवाचक से बनी)गुण के अर्थ में (गद्दार)
"आप ही सब कर लूँगा।"निजवाचक सर्वनाम"स्वयं" के अर्थ में
"आप कब आए?"पुरुषवाचक (मध्यम पुरुष, आदरसूचक)सुनने वाले के लिए
"वह लड़का दौड़ा।""वह" = सार्वनामिक विशेषणसंज्ञा से पहले आया
"कुछ लोग आए।"अनिश्चित संख्यावाचक विशेषणगिने जा सकते हैं
"थोड़ा दूध लाओ।"अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषणमात्रा
"बहुत सुंदर" में "बहुत"प्रविशेषणविशेषण की विशेषता

अभ्यास प्रश्न

उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।

  1. इनमें से अविकारी शब्द कौन-सा है?

    1. (क) लड़का
    2. (ख) सुंदर
    3. (ग) धीरे
    4. (घ) जाना
    उत्तर देखें

    (ग) धीरे — क्रियाविशेषण, अव्यय; रूप नहीं बदलता।

  2. "हिमालय" किस प्रकार की संज्ञा है?

    1. (क) जातिवाचक
    2. (ख) व्यक्तिवाचक
    3. (ग) समूहवाचक
    4. (घ) द्रव्यवाचक
    उत्तर देखें

    (ख) एक विशेष पर्वत का नाम — व्यक्तिवाचक।

  3. "भीड़" किस संज्ञा का उदाहरण है?

    1. (क) समूहवाचक
    2. (ख) भाववाचक
    3. (ग) जातिवाचक
    4. (घ) व्यक्तिवाचक
    उत्तर देखें

    (क) लोगों के समूह का नाम।

  4. "सोना" (धातु) किस प्रकार की संज्ञा है?

    1. (क) जातिवाचक
    2. (ख) भाववाचक
    3. (ग) व्यक्तिवाचक
    4. (घ) द्रव्यवाचक
    उत्तर देखें

    (घ) तौला जाता है, गिना नहीं — द्रव्यवाचक।

  5. "वह कलियुग का भीम है।" — "भीम" किस संज्ञा के रूप में प्रयुक्त है?

    1. (क) व्यक्तिवाचक
    2. (ख) जातिवाचक
    3. (ग) भाववाचक
    4. (घ) समूहवाचक
    उत्तर देखें

    (ख) विशेष गुण (बल) के अर्थ में — व्यक्तिवाचक से जातिवाचक।

  6. "मित्र" की भाववाचक संज्ञा है —

    1. (क) मित्रत्व
    2. (ख) मित्रपन
    3. (ग) मैत्रता
    4. (घ) मित्रता
    उत्तर देखें

    (घ) मित्र → मित्रता (मैत्री भी सही रूप है, पर "मैत्रता" गलत)।

  7. "घबराना" से भाववाचक संज्ञा बनेगी —

    1. (क) घबराई
    2. (ख) घबराव
    3. (ग) घबराहट
    4. (घ) घबराना
    उत्तर देखें

    (ग) क्रिया + आहट = घबराहट।

  8. "सुंदर" की शुद्ध भाववाचक संज्ञा कौन-सी है?

    1. (क) सौंदर्यता
    2. (ख) सुंदरताई
    3. (ग) सुंदरपन
    4. (घ) सौंदर्य
    उत्तर देखें

    (घ) सौंदर्य (या सुंदरता); "सौंदर्यता" में दोहरा प्रत्यय है।

  9. हिंदी में मूल सर्वनामों की संख्या है —

    1. (क) 8
    2. (ख) 10
    3. (ग) 11
    4. (घ) 12
    उत्तर देखें

    (ग) मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या — 11।

  10. "मैं आप ही चला जाऊँगा।" में "आप" है —

    1. (क) पुरुषवाचक
    2. (ख) निजवाचक
    3. (ग) निश्चयवाचक
    4. (घ) प्रश्नवाचक
    उत्तर देखें

    (ख) "स्वयं" के अर्थ में — निजवाचक।

  11. "जो सोएगा, सो खोएगा।" — रेखांकित सर्वनाम का भेद?

    1. (क) संबंधवाचक
    2. (ख) अनिश्चयवाचक
    3. (ग) निश्चयवाचक
    4. (घ) प्रश्नवाचक
    उत्तर देखें

    (क) जो-सो दो वाक्यांशों को जोड़ते हैं — संबंधवाचक।

  12. "कोई आ रहा है।" में "कोई" है —

    1. (क) निश्चयवाचक
    2. (ख) प्रश्नवाचक
    3. (ग) सार्वनामिक विशेषण
    4. (घ) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
    उत्तर देखें

    (घ) अकेला आया, अनिश्चित प्राणी के लिए — अनिश्चयवाचक सर्वनाम।

  13. "यह किताब मेरी है।" में "यह" है —

    1. (क) पुरुषवाचक सर्वनाम
    2. (ख) निश्चयवाचक सर्वनाम
    3. (ग) सार्वनामिक विशेषण
    4. (घ) संज्ञा
    उत्तर देखें

    (ग) संज्ञा "किताब" से पहले आकर संकेत करता है — सार्वनामिक विशेषण।

  14. "कुछ दूध दे दो।" में "कुछ" है —

    1. (क) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
    2. (ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
    3. (ग) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
    4. (घ) क्रियाविशेषण
    उत्तर देखें

    (ग) दूध की मात्रा — परिमाणवाचक।

  15. "तिगुना" किस प्रकार का विशेषण है?

    1. (क) क्रमवाचक
    2. (ख) आवृत्तिवाचक संख्यावाचक
    3. (ग) परिमाणवाचक
    4. (घ) गुणवाचक
    उत्तर देखें

    (ख) कितने गुना — आवृत्तिवाचक।

  16. "वह बहुत तेज़ दौड़ता है।" — "बहुत" है —

    1. (क) विशेषण
    2. (ख) सर्वनाम
    3. (ग) संज्ञा
    4. (घ) प्रविशेषण
    उत्तर देखें

    (घ) "तेज़" की विशेषता — प्रविशेषण।

  17. "उच्च" की उत्तमावस्था है —

    1. (क) उच्चतर
    2. (ख) अत्युच्च
    3. (ग) उच्चतम
    4. (घ) सर्वोच्चतम
    उत्तर देखें

    (ग) उच्च – उच्चतर – उच्चतम।

  18. शुद्ध रूप कौन-सा है?

    1. (क) श्रेष्ठतम
    2. (ख) सर्वश्रेष्ठतम
    3. (ग) श्रेष्ठतर
    4. (घ) सर्वश्रेष्ठ
    उत्तर देखें

    (घ) "श्रेष्ठ" स्वयं उत्तमावस्था है; सर्वश्रेष्ठ सही, श्रेष्ठतम दोहरा प्रयोग।

  19. "इतिहास" से विशेषण बनेगा —

    1. (क) इतिहासिक
    2. (ख) ऐतिहासिक
    3. (ग) इतिहासी
    4. (घ) एतिहासिक
    उत्तर देखें

    (ख) -इक लगने पर पहला स्वर वृद्धि: इ → ऐ।

  20. "टिकना" से बना विशेषण है —

    1. (क) टिकाव
    2. (ख) टिकन
    3. (ग) टिकट
    4. (घ) टिकाऊ
    उत्तर देखें

    (घ) क्रिया + आऊ = टिकाऊ (टिकाव भाववाचक संज्ञा है)।

साथ में पढ़ेंउपसर्ग और प्रत्यय (भाववाचक संज्ञा और विशेषण प्रत्ययों से बनते हैं) · वर्ण विचार और वर्तनी

संदर्भ

ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:

  • कामताप्रसाद गुरु, संक्षिप्त हिंदी व्याकरण, काशी नागरी प्रचारिणी सभा — शब्द-भेद और संज्ञा
  • केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार — देवनागरी लिपि एवं हिंदी वर्तनी का मानकीकरण (2024): सर्वनाम के साथ विभक्ति लेखन