पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 5
संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण
नाम, नाम के बदले आने वाले शब्द और नाम की विशेषता बताने वाले शब्द। परीक्षा में भेद पहचानना, भाववाचक संज्ञा या विशेषण बनाना और 'आप', 'कुछ', 'यह' जैसे शब्दों का सही भेद सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।
अंतिम अपडेट: 2026-10-14
इस अध्याय में
शब्द के भेद: विकारी और अविकारी
वाक्य में प्रयोग के आधार पर शब्द (पद) आठ प्रकार के होते हैं। इन्हें दो बड़े समूहों में बाँटा जाता है — जो लिंग, वचन, कारक या काल के कारण बदलते हैं (विकारी) और जो नहीं बदलते (अविकारी/अव्यय):
| विकारी (रूप बदलता है) | अविकारी / अव्यय (रूप नहीं बदलता) |
|---|---|
| 1. संज्ञा — लड़का, लड़के, लड़कों | 5. क्रियाविशेषण — धीरे, आज, यहाँ |
| 2. सर्वनाम — मैं, मुझे, मेरा | 6. संबंधबोधक — के ऊपर, के पास |
| 3. विशेषण — अच्छा, अच्छी, अच्छे | 7. समुच्चयबोधक — और, परंतु, क्योंकि |
| 4. क्रिया — जाता, गया, जाएगा | 8. विस्मयादिबोधक — अरे!, वाह!, हाय! |
अविकारी शब्दों के साथ निपात (ही, भी, तो, तक, मात्र) भी अव्यय माने जाते हैं।
संज्ञा और उसके भेद
किसी व्यक्ति, प्राणी, वस्तु, स्थान, गुण, भाव या अवस्था के नाम को संज्ञा कहते हैं: राम, गाय, पुस्तक, दिल्ली, सुंदरता, बचपन।
| भेद | किसका नाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. व्यक्तिवाचक | किसी एक विशेष व्यक्ति, स्थान, वस्तु, नदी, पर्वत, ग्रंथ, दिन, त्योहार आदि का | राम, गांधीजी, राँची, गंगा, हिमालय, रामायण, सोमवार, होली, ताजमहल, भारत |
| 2. जातिवाचक | एक ही प्रकार के सभी प्राणियों/वस्तुओं का | लड़का, नदी, पहाड़, शहर, गाय, पुस्तक, मनुष्य, पेड़ |
| 3. भाववाचक | गुण, दशा, भाव, अवस्था का — जिसे देखा-छुआ नहीं जा सकता, केवल अनुभव किया जाता है | सुंदरता, बचपन, मिठास, क्रोध, प्रेम, थकान, दया, बुढ़ापा |
| 4. समूहवाचक | व्यक्तियों/वस्तुओं के समूह का | सेना, सभा, भीड़, कक्षा, परिवार, दल, गुच्छा, झुंड, समिति |
| 5. द्रव्यवाचक | ऐसे पदार्थ का जो नापा-तौला जाता है, गिना नहीं जाता | सोना, पानी, दूध, तेल, गेहूँ, घी, लोहा, हवा |
एक संज्ञा का दूसरी के रूप में प्रयोग
संज्ञा का भेद शब्द से नहीं, वाक्य में उसके प्रयोग से तय होता है:
| बदलाव | कब | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्यक्तिवाचक → जातिवाचक | जब व्यक्ति का नाम उसके विशेष गुण के लिए आए, या एक नाम के कई व्यक्ति हों | "वह कलियुग का भीम है।" (बहुत बलवान) · "देश को जयचंदों से बचाओ।" (गद्दार) · "कक्षा में तीन राम हैं।" |
| जातिवाचक → व्यक्तिवाचक | जब सामान्य नाम किसी एक विशेष के लिए रूढ़ हो जाए | पुरी (जगन्नाथ पुरी), गांधी (महात्मा गांधी), नेताजी (सुभाषचंद्र बोस), देवी (दुर्गा), गोस्वामी (तुलसीदास) |
| भाववाचक → जातिवाचक | भाववाचक संज्ञा बहुवचन में या किसी ठोस वस्तु के लिए आए | "शहर में कई चोरियाँ हुईं।" · "उसकी बुराइयाँ गिनाओ।" · "पहनावा सुंदर है।" |
भाववाचक संज्ञा बनाना
भाववाचक संज्ञाएँ पाँच तरह के शब्दों से बनती हैं। परीक्षा में "भाववाचक संज्ञा का सही रूप चुनिए" सबसे आम प्रश्न है:
| किससे | मूल शब्द → भाववाचक संज्ञा |
|---|---|
| जातिवाचक संज्ञा से | मनुष्य → मनुष्यता · बच्चा → बचपन · मित्र → मित्रता · पशु → पशुता · दास → दासता · लड़का → लड़कपन · बूढ़ा → बुढ़ापा · गुरु → गुरुत्व, गौरव · पुरुष → पुरुषत्व · प्रभु → प्रभुता · शत्रु → शत्रुता · नारी → नारीत्व · दानव → दानवता · मानव → मानवता · चोर → चोरी · ठग → ठगी |
| सर्वनाम से | अपना → अपनापन, अपनत्व · मम → ममता, ममत्व · निज → निजत्व · स्व → स्वत्व · सर्व → सर्वस्व · अहं → अहंकार · पराया → परायापन |
| विशेषण से | सुंदर → सुंदरता, सौंदर्य · मीठा → मिठास · खट्टा → खटास · चतुर → चतुराई · लंबा → लंबाई · मोटा → मोटापा · गरम → गरमी · सरल → सरलता · अच्छा → अच्छाई · बुरा → बुराई · हरा → हरियाली · बुद्धिमान → बुद्धिमत्ता · वीर → वीरता · धीर → धैर्य · मधुर → माधुर्य · गंभीर → गंभीरता · शूर → शौर्य · कठोर → कठोरता · निर्बल → निर्बलता · काला → कालापन, कालिमा · लाल → लाली, लालिमा · चौड़ा → चौड़ाई · गहरा → गहराई |
| क्रिया से | पढ़ना → पढ़ाई · लिखना → लिखावट · हँसना → हँसी · घबराना → घबराहट · चलना → चाल, चलन · थकना → थकान, थकावट · सजाना → सजावट · उड़ना → उड़ान · बहना → बहाव · बचना → बचाव · मिलना → मेल, मिलन · जीतना → जीत · हारना → हार · लड़ना → लड़ाई · गाना → गान · कमाना → कमाई · सुनना → सुनवाई · रोना → रुलाई · बोलना → बोली · पीटना → पिटाई |
| अव्यय से | दूर → दूरी · निकट → निकटता · शीघ्र → शीघ्रता · धिक् → धिक्कार · वाह → वाहवाही · समीप → सामीप्य · मना → मनाही |
सर्वनाम और उसके भेद
संज्ञा के स्थान पर आने वाले शब्द सर्वनाम हैं। ये संज्ञा की बार-बार आवृत्ति रोकते हैं: "राम आया। वह थका था।"
हिंदी में 11 मूल सर्वनाम माने जाते हैं: मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या।
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. पुरुषवाचक | बोलने वाले, सुनने वाले या जिसके बारे में बात हो, उसके लिए | उत्तम पुरुष (बोलने वाला): मैं, हम · मध्यम पुरुष (सुनने वाला): तू, तुम, आप · अन्य पुरुष (जिसकी बात हो): वह, वे, यह, ये |
| 2. निश्चयवाचक | किसी निश्चित व्यक्ति/वस्तु की ओर संकेत | यह, ये (निकट) · वह, वे (दूर) — "यह मेरी पुस्तक है।" |
| 3. अनिश्चयवाचक | किसी अनिश्चित की ओर संकेत | कोई (प्राणी के लिए) · कुछ (वस्तु के लिए) — "कोई आया है।" "कुछ खा लो।" |
| 4. संबंधवाचक | दो वाक्यांशों का संबंध जोड़ते हैं | जो-सो, जो-वह, जिसकी-उसकी — "जो परिश्रम करेगा, वह सफल होगा।" |
| 5. प्रश्नवाचक | प्रश्न पूछने के लिए | कौन (प्राणी) · क्या (वस्तु/भाव) — "कौन आया?" "क्या लाए?" |
| 6. निजवाचक | कर्ता स्वयं के लिए | आप, स्वयं, खुद, अपने आप — "मैं यह काम आप कर लूँगा।" |
सर्वनाम के रूप
सर्वनाम कारक-चिह्न लगने पर रूप बदलते हैं। मानक वर्तनी के अनुसार सर्वनाम के साथ विभक्ति मिलाकर लिखी जाती है (उसने, मुझको), दो चिह्न हों तो दूसरा अलग (उसके लिए)।
| कारक | मैं | तू | वह | यह | कौन |
|---|---|---|---|---|---|
| कर्ता (ने) | मैंने | तूने | उसने | इसने | किसने |
| कर्म (को) | मुझे, मुझको | तुझे, तुझको | उसे, उसको | इसे, इसको | किसे, किसको |
| करण/अपादान (से) | मुझसे | तुझसे | उससे | इससे | किससे |
| संप्रदान (के लिए) | मेरे लिए | तेरे लिए | उसके लिए | इसके लिए | किसके लिए |
| संबंध (का, के, की) | मेरा, मेरे, मेरी | तेरा, तेरे, तेरी | उसका | इसका | किसका |
| अधिकरण (में, पर) | मुझमें, मुझ पर | तुझमें | उसमें | इसमें | किसमें |
बहुवचन: हम → हमने, हमें, हमारा · तुम → तुमने, तुम्हें, तुम्हारा · वे → उन्होंने, उन्हें, उनका · ये → इन्होंने, इन्हें, इनका।
विशेषण और उसके भेद
संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, मात्रा आदि) बताने वाले शब्द विशेषण हैं। जिसकी विशेषता बताई जाए, वह विशेष्य है: "काली (विशेषण) गाय (विशेष्य)"।
प्रविशेषण — विशेषण की भी विशेषता बताने वाले शब्द: "बहुत सुंदर", "अत्यंत तेज़", "बड़ा अच्छा"।
1. गुणवाचक विशेषण
गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, स्थान, समय, स्वाद आदि बताते हैं — सबसे बड़ा वर्ग:
| क्या बताता है | उदाहरण |
|---|---|
| गुण | अच्छा, ईमानदार, दयालु, वीर, सुशील |
| दोष | बुरा, कपटी, आलसी, क्रूर |
| रंग | लाल, काला, पीला, हरा, सुनहरा |
| आकार | गोल, लंबा, चौड़ा, मोटा, चौकोर |
| दशा | बीमार, गरीब, अमीर, गीला, सूखा |
| स्थान | भारतीय, ग्रामीण, शहरी, पहाड़ी, बाहरी |
| समय | नया, पुराना, प्राचीन, वार्षिक, ताज़ा |
| स्वाद/गंध | मीठा, खट्टा, तीखा, सुगंधित |
2. संख्यावाचक विशेषण
| प्रकार | उदाहरण |
|---|---|
| निश्चित — गणनावाचक | एक, दो, दस, सौ (दो लड़के) |
| निश्चित — क्रमवाचक | पहला, दूसरा, तीसरा, दसवाँ |
| निश्चित — आवृत्तिवाचक | दुगुना, तिगुना, चौगुना |
| निश्चित — समूहवाचक | दोनों, तीनों, चारों, दर्जन, जोड़ा |
| निश्चित — प्रत्येकबोधक | हर, प्रत्येक, एक-एक |
| अनिश्चित संख्यावाचक | कई, कुछ, अनेक, बहुत-से, थोड़े-से (कुछ लड़के) |
3. परिमाणवाचक विशेषण
नाप-तौल या मात्रा बताते हैं। निश्चित: दो किलो चीनी, एक लीटर दूध, चार मीटर कपड़ा। अनिश्चित: थोड़ा पानी, बहुत दूध, कुछ घी, ज़्यादा नमक।
4. सार्वनामिक (संकेतवाचक) विशेषण
जब सर्वनाम संज्ञा से पहले आकर उसकी ओर संकेत करे: "यह किताब", "वह लड़का", "कोई आदमी", "कौन छात्र?"। मौलिक: यह, वह, कोई, कौन (मूल रूप में) · यौगिक: ऐसा, वैसा, जैसा, इतना, उतना, कितना (सर्वनाम से बने)।
विशेषण का स्थान
उद्देश्य विशेषण — विशेष्य से पहले: "मेहनती छात्र सफल होते हैं।" · विधेय विशेषण — विशेष्य के बाद, क्रिया के पास: "यह छात्र मेहनती है।"
विशेषण की अवस्थाएँ (तुलना)
| अवस्था | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| मूलावस्था | कोई तुलना नहीं | राम अच्छा लड़का है। |
| उत्तरावस्था | दो की तुलना में एक बढ़कर (-तर, "से अधिक") | राम श्याम से अच्छा है। · यह उससे लघुतर है। |
| उत्तमावस्था | सबकी तुलना में सबसे बढ़कर (-तम, "सबसे") | राम कक्षा में सबसे अच्छा है। · लघुतम समापवर्त्य |
| मूलावस्था | उत्तरावस्था | उत्तमावस्था |
|---|---|---|
| लघु | लघुतर | लघुतम |
| अधिक | अधिकतर | अधिकतम |
| उच्च | उच्चतर | उच्चतम |
| निम्न | निम्नतर | निम्नतम |
| प्रिय | प्रियतर | प्रियतम |
| सुंदर | सुंदरतर | सुंदरतम |
| महत् | महत्तर | महत्तम |
| कोमल | कोमलतर | कोमलतम |
| गुरु | गुरुतर | गुरुतम |
| तीव्र | तीव्रतर | तीव्रतम |
| निकट | निकटतर | निकटतम |
| वृहत् | वृहत्तर | वृहत्तम |
विशेषण बनाना
| किससे | मूल शब्द → विशेषण |
|---|---|
| संज्ञा से | धन → धनी, धनवान · दया → दयालु · इतिहास → ऐतिहासिक · भारत → भारतीय · रंग → रंगीन, रंगीला · पुष्प → पुष्पित · विष → विषैला · ग्राम → ग्रामीण · समाज → सामाजिक · लोभ → लोभी · बल → बलवान · बुद्धि → बुद्धिमान · प्रकृति → प्राकृतिक · नगर → नागरिक · धर्म → धार्मिक · वर्ष → वार्षिक · मास → मासिक · सप्ताह → साप्ताहिक · गुण → गुणी, गुणवान · कृपा → कृपालु · स्वर्ग → स्वर्गीय · राष्ट्र → राष्ट्रीय · पर्वत → पर्वतीय · आदर → आदरणीय · लज्जा → लज्जित · आनंद → आनंदित · शक्ति → शक्तिशाली · उद्योग → औद्योगिक · अर्थ → आर्थिक · विज्ञान → वैज्ञानिक |
| सर्वनाम से | मैं → मेरा · तू → तेरा · यह → ऐसा, इतना · वह → वैसा, उतना · जो → जैसा, जितना · कौन → कैसा, कितना |
| क्रिया से | बिकना → बिकाऊ · टिकना → टिकाऊ · लड़ना → लड़ाकू · पढ़ना → पढ़ाकू · भागना → भगोड़ा · खेलना → खिलाड़ी · पीना → पियक्कड़ · चलना → चालू · झगड़ना → झगड़ालू · देखना → दर्शनीय · पूजना → पूज्य, पूजनीय |
| अव्यय से | ऊपर → ऊपरी · भीतर → भीतरी · बाहर → बाहरी · पीछे → पिछला · आगे → अगला · नीचे → निचला |
पद-परिचय
वाक्य में आए किसी शब्द का पूरा व्याकरणिक परिचय देना पद-परिचय है। इसका क्रम याद रखें:
| पद | क्या-क्या लिखें | उदाहरण: "राम ने मीठे आम खाए।" |
|---|---|---|
| संज्ञा | भेद, लिंग, वचन, कारक, क्रिया से संबंध | राम — व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक, "खाए" क्रिया का कर्ता |
| सर्वनाम | भेद (पुरुष भी), लिंग, वचन, कारक, क्रिया से संबंध | "वह" — पुरुषवाचक (अन्य पुरुष), पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक |
| विशेषण | भेद, लिंग, वचन, अवस्था, विशेष्य | मीठे — गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहुवचन, मूलावस्था, विशेष्य "आम" |
सबसे ज़्यादा उलझाने वाले शब्द
| शब्द / वाक्य | सही भेद | क्यों |
|---|---|---|
| "भीड़", "सेना" | समूहवाचक संज्ञा | समूह का नाम |
| "पानी", "सोना" | द्रव्यवाचक संज्ञा | तौला/नापा जाता है |
| "बचपन", "मिठास" | भाववाचक संज्ञा | अनुभव की बात |
| "हमारे देश में अनेक जयचंद हैं।" | जातिवाचक (व्यक्तिवाचक से बनी) | गुण के अर्थ में (गद्दार) |
| "आप ही सब कर लूँगा।" | निजवाचक सर्वनाम | "स्वयं" के अर्थ में |
| "आप कब आए?" | पुरुषवाचक (मध्यम पुरुष, आदरसूचक) | सुनने वाले के लिए |
| "वह लड़का दौड़ा।" | "वह" = सार्वनामिक विशेषण | संज्ञा से पहले आया |
| "कुछ लोग आए।" | अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण | गिने जा सकते हैं |
| "थोड़ा दूध लाओ।" | अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण | मात्रा |
| "बहुत सुंदर" में "बहुत" | प्रविशेषण | विशेषण की विशेषता |
अभ्यास प्रश्न
उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।
इनमें से अविकारी शब्द कौन-सा है?
- (क) लड़का
- (ख) सुंदर
- (ग) धीरे
- (घ) जाना
उत्तर देखें
(ग) धीरे — क्रियाविशेषण, अव्यय; रूप नहीं बदलता।
"हिमालय" किस प्रकार की संज्ञा है?
- (क) जातिवाचक
- (ख) व्यक्तिवाचक
- (ग) समूहवाचक
- (घ) द्रव्यवाचक
उत्तर देखें
(ख) एक विशेष पर्वत का नाम — व्यक्तिवाचक।
"भीड़" किस संज्ञा का उदाहरण है?
- (क) समूहवाचक
- (ख) भाववाचक
- (ग) जातिवाचक
- (घ) व्यक्तिवाचक
उत्तर देखें
(क) लोगों के समूह का नाम।
"सोना" (धातु) किस प्रकार की संज्ञा है?
- (क) जातिवाचक
- (ख) भाववाचक
- (ग) व्यक्तिवाचक
- (घ) द्रव्यवाचक
उत्तर देखें
(घ) तौला जाता है, गिना नहीं — द्रव्यवाचक।
"वह कलियुग का भीम है।" — "भीम" किस संज्ञा के रूप में प्रयुक्त है?
- (क) व्यक्तिवाचक
- (ख) जातिवाचक
- (ग) भाववाचक
- (घ) समूहवाचक
उत्तर देखें
(ख) विशेष गुण (बल) के अर्थ में — व्यक्तिवाचक से जातिवाचक।
"मित्र" की भाववाचक संज्ञा है —
- (क) मित्रत्व
- (ख) मित्रपन
- (ग) मैत्रता
- (घ) मित्रता
उत्तर देखें
(घ) मित्र → मित्रता (मैत्री भी सही रूप है, पर "मैत्रता" गलत)।
"घबराना" से भाववाचक संज्ञा बनेगी —
- (क) घबराई
- (ख) घबराव
- (ग) घबराहट
- (घ) घबराना
उत्तर देखें
(ग) क्रिया + आहट = घबराहट।
"सुंदर" की शुद्ध भाववाचक संज्ञा कौन-सी है?
- (क) सौंदर्यता
- (ख) सुंदरताई
- (ग) सुंदरपन
- (घ) सौंदर्य
उत्तर देखें
(घ) सौंदर्य (या सुंदरता); "सौंदर्यता" में दोहरा प्रत्यय है।
हिंदी में मूल सर्वनामों की संख्या है —
- (क) 8
- (ख) 10
- (ग) 11
- (घ) 12
उत्तर देखें
(ग) मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या — 11।
"मैं आप ही चला जाऊँगा।" में "आप" है —
- (क) पुरुषवाचक
- (ख) निजवाचक
- (ग) निश्चयवाचक
- (घ) प्रश्नवाचक
उत्तर देखें
(ख) "स्वयं" के अर्थ में — निजवाचक।
"जो सोएगा, सो खोएगा।" — रेखांकित सर्वनाम का भेद?
- (क) संबंधवाचक
- (ख) अनिश्चयवाचक
- (ग) निश्चयवाचक
- (घ) प्रश्नवाचक
उत्तर देखें
(क) जो-सो दो वाक्यांशों को जोड़ते हैं — संबंधवाचक।
"कोई आ रहा है।" में "कोई" है —
- (क) निश्चयवाचक
- (ख) प्रश्नवाचक
- (ग) सार्वनामिक विशेषण
- (घ) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
उत्तर देखें
(घ) अकेला आया, अनिश्चित प्राणी के लिए — अनिश्चयवाचक सर्वनाम।
"यह किताब मेरी है।" में "यह" है —
- (क) पुरुषवाचक सर्वनाम
- (ख) निश्चयवाचक सर्वनाम
- (ग) सार्वनामिक विशेषण
- (घ) संज्ञा
उत्तर देखें
(ग) संज्ञा "किताब" से पहले आकर संकेत करता है — सार्वनामिक विशेषण।
"कुछ दूध दे दो।" में "कुछ" है —
- (क) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
- (ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
- (ग) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
- (घ) क्रियाविशेषण
उत्तर देखें
(ग) दूध की मात्रा — परिमाणवाचक।
"तिगुना" किस प्रकार का विशेषण है?
- (क) क्रमवाचक
- (ख) आवृत्तिवाचक संख्यावाचक
- (ग) परिमाणवाचक
- (घ) गुणवाचक
उत्तर देखें
(ख) कितने गुना — आवृत्तिवाचक।
"वह बहुत तेज़ दौड़ता है।" — "बहुत" है —
- (क) विशेषण
- (ख) सर्वनाम
- (ग) संज्ञा
- (घ) प्रविशेषण
उत्तर देखें
(घ) "तेज़" की विशेषता — प्रविशेषण।
"उच्च" की उत्तमावस्था है —
- (क) उच्चतर
- (ख) अत्युच्च
- (ग) उच्चतम
- (घ) सर्वोच्चतम
उत्तर देखें
(ग) उच्च – उच्चतर – उच्चतम।
शुद्ध रूप कौन-सा है?
- (क) श्रेष्ठतम
- (ख) सर्वश्रेष्ठतम
- (ग) श्रेष्ठतर
- (घ) सर्वश्रेष्ठ
उत्तर देखें
(घ) "श्रेष्ठ" स्वयं उत्तमावस्था है; सर्वश्रेष्ठ सही, श्रेष्ठतम दोहरा प्रयोग।
"इतिहास" से विशेषण बनेगा —
- (क) इतिहासिक
- (ख) ऐतिहासिक
- (ग) इतिहासी
- (घ) एतिहासिक
उत्तर देखें
(ख) -इक लगने पर पहला स्वर वृद्धि: इ → ऐ।
"टिकना" से बना विशेषण है —
- (क) टिकाव
- (ख) टिकन
- (ग) टिकट
- (घ) टिकाऊ
उत्तर देखें
(घ) क्रिया + आऊ = टिकाऊ (टिकाव भाववाचक संज्ञा है)।
संदर्भ
ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:
- कामताप्रसाद गुरु, संक्षिप्त हिंदी व्याकरण, काशी नागरी प्रचारिणी सभा — शब्द-भेद और संज्ञा
- केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार — देवनागरी लिपि एवं हिंदी वर्तनी का मानकीकरण (2024): सर्वनाम के साथ विभक्ति लेखन