पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 6
क्रिया, काल और वाच्य
काम बताने वाले शब्द, उनका समय और वाक्य में कर्ता-कर्म-भाव की प्रधानता। परीक्षा में क्रिया का भेद, काल का भेद और वाच्य बदलना सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।
अंतिम अपडेट: 2026-10-14
इस अध्याय में
क्रिया और धातु
जिस शब्द से किसी काम के करने या होने का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं: पढ़ना, खेलना, सोना, बरसना। क्रिया विकारी शब्द है — लिंग, वचन, पुरुष और काल के अनुसार बदलती है।
धातु — क्रिया का मूल रूप, जिससे उसके सारे रूप बनते हैं। क्रिया के सामान्य रूप से "-ना" हटाने पर धातु मिलती है: पढ़ना → पढ़, लिखना → लिख, खाना → खा।
| धातु का प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| मूल (रूढ़) धातु | किसी दूसरे शब्द से नहीं बनी | पढ़, लिख, जा, खा, सो |
| यौगिक धातु | दूसरे शब्दों या प्रत्ययों से बनी | प्रेरणार्थक (पढ़ा, पढ़वा), नामधातु (हथिया), संयुक्त (खा ले) |
कर्म के आधार पर: सकर्मक और अकर्मक
| अकर्मक क्रियाएँ (सामान्यतः) | सकर्मक क्रियाएँ (सामान्यतः) |
|---|---|
| सोना, जागना, हँसना, रोना, दौड़ना, चलना, उठना, बैठना, गिरना, मरना, होना, आना, जाना, तैरना, नाचना, शरमाना, ठहरना, बरसना, चमकना, उगना | पढ़ना, लिखना, खाना, पीना, देखना, सुनना, करना, लाना, देना, लेना, बनाना, खरीदना, मारना, पकड़ना, बोना, सीना, धोना, काटना, भेजना |
सकर्मक के दो रूप
- एककर्मक — एक कर्म: "माँ खाना बनाती है।"
- द्विकर्मक — दो कर्म; प्राणीवाचक गौण कर्म (प्रायः "को" के साथ) और वस्तुवाचक मुख्य कर्म: "अध्यापक ने छात्रों को (गौण) गणित (मुख्य) पढ़ाया।" "माँ ने बच्चे को दूध पिलाया।"
उभयविध क्रियाएँ (दोनों तरह प्रयुक्त)
| क्रिया | अकर्मक प्रयोग | सकर्मक प्रयोग |
|---|---|---|
| खुजलाना | मेरा सिर खुजला रहा है। | वह अपना सिर खुजला रहा है। |
| भरना | घड़ा भर गया। | उसने घड़ा भरा। |
| ललचाना | उसका मन ललचाया। | मिठाई ने उसे ललचाया। |
| घिसना | चप्पल घिस गई। | उसने चंदन घिसा। |
| बदलना | मौसम बदल गया। | उसने कपड़े बदले। |
रचना के आधार पर भेद
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| सामान्य क्रिया | एक ही क्रिया-पद | वह आया। तुम खेलो। |
| संयुक्त क्रिया | दो या अधिक क्रियाएँ मिलकर एक काम | वह खा चुका। बच्चा सो गया। |
| नामधातु क्रिया | संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बनी | हाथ → हथियाना, बात → बतियाना, लाज → लजाना, अपना → अपनाना, चिकना → चिकनाना, गरम → गरमाना, फ़िल्म → फ़िल्माना |
| प्रेरणार्थक क्रिया | कर्ता स्वयं न करके दूसरे से करवाता है | पढ़ाना, पढ़वाना |
| पूर्वकालिक क्रिया | मुख्य क्रिया से पहले पूरी हुई क्रिया; धातु + कर/करके | वह नहाकर पूजा करता है। खाकर सो जाओ। |
| अनुकरणात्मक क्रिया | ध्वनि की नकल से बनी | खटखटाना, थपथपाना, भनभनाना, हिनहिनाना, टनटनाना |
| सहायक क्रिया | मुख्य क्रिया के साथ काल/अर्थ बताती है | है, था, थी, थे, गा, गी — "वह पढ़ रहा है।" |
प्रेरणार्थक क्रिया
जब कर्ता काम स्वयं न करके किसी को प्रेरित करे। मूल क्रिया से दो प्रेरणार्थक रूप बनते हैं — पहला (-आ) और दूसरा (-वा):
| मूल क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक | द्वितीय प्रेरणार्थक |
|---|---|---|
| पढ़ना | पढ़ाना | पढ़वाना |
| लिखना | लिखाना | लिखवाना |
| करना | कराना | करवाना |
| सोना | सुलाना | सुलवाना |
| पीना | पिलाना | पिलवाना |
| खाना | खिलाना | खिलवाना |
| देना | दिलाना | दिलवाना |
| जागना | जगाना | जगवाना |
| बैठना | बिठाना | बिठवाना |
| देखना | दिखाना | दिखवाना |
| सीखना | सिखाना | सिखवाना |
| रोना | रुलाना | रुलवाना |
| जीतना | जिताना | जितवाना |
| सुनना | सुनाना | सुनवाना |
| उठना | उठाना | उठवाना |
| धोना | धुलाना | धुलवाना |
संयुक्त क्रिया
मुख्य क्रिया के साथ सहायक क्रिया जुड़कर अर्थ में विशेषता लाती है। मानक वर्तनी के अनुसार दोनों भाग अलग-अलग लिखे जाते हैं: "पढ़ा करता है", "जा सकता है"।
| अर्थ | सहायक क्रिया | उदाहरण |
|---|---|---|
| आरंभबोधक | लगना | वह पढ़ने लगा। |
| समाप्तिबोधक | चुकना | मैं खाना खा चुका। |
| अवकाशबोधक | पाना | वह समय पर पहुँच न पाया। |
| अनुमतिबोधक | देना | मुझे जाने दो। |
| शक्तिबोधक | सकना | वह तैर सकता है। |
| नित्यताबोधक | करना | तुम रोज़ आया करो। |
| आवश्यकताबोधक | पड़ना, होना, चाहिए | मुझे जाना पड़ा। तुम्हें पढ़ना चाहिए। |
| निश्चयबोधक | डालना, देना, लेना, बैठना, उठना | उसने साँप मार डाला। वह गिर पड़ा। |
| इच्छाबोधक | चाहना | मैं घर जाना चाहता हूँ। |
| अभ्यासबोधक | करना (भूतकालिक रूप के साथ) | वह पढ़ा करता था। |
| पुनरुक्त | दो क्रियाओं की आवृत्ति | वह पढ़ता-लिखता है। बच्चे खेलते-कूदते हैं। |
काल और उसके भेद
क्रिया के जिस रूप से काम के होने का समय पता चले, उसे काल कहते हैं। मुख्य काल तीन हैं: वर्तमान, भूत, भविष्यत्।
1. वर्तमान काल (5 भेद)
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| सामान्य वर्तमान | ता है, ती है, ते हैं | वह पढ़ता है। |
| अपूर्ण (तात्कालिक) वर्तमान | रहा है, रही है, रहे हैं | वह पढ़ रहा है। |
| पूर्ण वर्तमान | चुका है, चुकी है | वह पढ़ चुका है। |
| संदिग्ध वर्तमान | ता होगा, रहा होगा | वह पढ़ता होगा। वह पढ़ रहा होगा। |
| संभाव्य वर्तमान | ता हो, रहा हो | शायद वह पढ़ता हो। |
2. भूतकाल (6 भेद) — परीक्षा में सबसे ज़्यादा
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| सामान्य भूत | आ, ई, ए (केवल क्रिया) | वह गया। सीता ने पत्र लिखा। |
| आसन्न भूत | आ है, ई है, ए हैं — काम अभी-अभी पूरा हुआ | वह गया है। मैंने खाना खा लिया है। |
| पूर्ण भूत | आ था, ई थी, ए थे — काम बहुत पहले पूरा | वह गया था। उसने पत्र लिखा था। |
| अपूर्ण भूत | रहा था, ता था — काम चल रहा था | वह जा रहा था। वह पढ़ता था। |
| संदिग्ध भूत | आ होगा, ई होगी | वह गया होगा। उसने खाना खाया होगा। |
| हेतुहेतुमद् भूत | ता तो … ता — एक काम दूसरे पर निर्भर था (पर हुआ नहीं) | यदि तुम पढ़ते तो पास हो जाते। |
3. भविष्यत् काल (3 भेद)
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| सामान्य भविष्यत् | एगा, एगी, एँगे | वह कल जाएगा। |
| संभाव्य भविष्यत् | ए, एँ (संभावना) | शायद वह कल आए। |
| हेतुहेतुमद् भविष्यत् | एगा तो … एगा | वह परिश्रम करेगा तो सफल होगा। |
"ने" कब लगता है
- अकर्मक क्रिया के साथ "ने" नहीं: "राम गया।" (राम ने गया — गलत)।
- वर्तमान, भविष्यत् और अपूर्ण भूत में "ने" नहीं: "राम पत्र लिखता है / लिखेगा / लिख रहा था।"
- अपवाद (सकर्मक, फिर भी "ने" नहीं): लाना, बोलना, भूलना, बकना — "वह किताब लाया।" (उसने किताब लाया — गलत)। "वह सच बोला।"
- अपवाद (अकर्मक, फिर भी "ने" लग सकता है): नहाना, छींकना, खाँसना, थूकना — "उसने छींका।", "उसने नहाया।"
- संयुक्त क्रिया में अंतिम (सहायक) क्रिया सकर्मक हो तो "ने": "उसने खा लिया।"; अकर्मक हो तो नहीं: "वह खा गया।"
वाच्य
क्रिया के जिस रूप से पता चले कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं।
| वाच्य | प्रधान | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| कर्तृवाच्य | कर्ता | क्रिया प्रायः कर्ता के लिंग-वचन के अनुसार; सकर्मक और अकर्मक दोनों | राम पत्र लिखता है। बच्चा सोता है। |
| कर्मवाच्य | कर्म | केवल सकर्मक; कर्ता के साथ "से/द्वारा"; क्रिया कर्म के अनुसार + "जाना" का रूप | राम द्वारा पत्र लिखा गया। मुझसे पुस्तक पढ़ी गई। |
| भाववाच्य | भाव (क्रिया का भाव) | केवल अकर्मक; कर्ता के साथ "से"; क्रिया सदा अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन; प्रायः असमर्थता/निषेध | मुझसे चला नहीं जाता। बच्चे से सोया नहीं जाता। |
वाच्य परिवर्तन
कर्तृवाच्य → कर्मवाच्य
- कर्ता के साथ "से" या "के द्वारा" लगाएँ ("ने" हटाएँ)।
- कर्म के साथ "को" हो तो प्रायः हटा दें।
- मुख्य क्रिया को सामान्य भूत रूप में बदलकर उसके साथ "जाना" क्रिया का रूप काल के अनुसार जोड़ें।
- क्रिया कर्म के लिंग-वचन के अनुसार होगी।
| कर्तृवाच्य | कर्मवाच्य |
|---|---|
| राम पत्र लिखता है। | राम द्वारा पत्र लिखा जाता है। |
| सीता ने गीत गाया। | सीता द्वारा गीत गाया गया। |
| मैंने पुस्तक पढ़ी। | मुझसे पुस्तक पढ़ी गई। |
| पुलिस चोर को पकड़ेगी। | पुलिस द्वारा चोर पकड़ा जाएगा। |
| मैं यह बोझ नहीं उठा सकता। | मुझसे यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। |
कर्तृवाच्य → भाववाच्य (केवल अकर्मक)
| कर्तृवाच्य | भाववाच्य |
|---|---|
| मैं नहीं चल सकता। | मुझसे चला नहीं जाता। |
| बच्चा रात भर नहीं सोया। | बच्चे से रात भर सोया नहीं गया। |
| वह हँस नहीं सकी। | उससे हँसा नहीं गया। |
| पक्षी उड़ नहीं सकता। | पक्षी से उड़ा नहीं जाता। |
प्रयोग: क्रिया किसके अनुसार बदलती है
| प्रयोग | क्रिया किसके अनुसार | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्तरि प्रयोग | कर्ता के लिंग-वचन-पुरुष के अनुसार (कर्ता के साथ कोई चिह्न नहीं) | लड़का पढ़ता है। लड़की पढ़ती है। |
| कर्मणि प्रयोग | कर्म के लिंग-वचन के अनुसार (कर्ता के साथ "ने", कर्म बिना चिह्न) | राम ने रोटी खाई। सीता ने पत्र लिखा। |
| भावे प्रयोग | न कर्ता, न कर्म के अनुसार — सदा पुल्लिंग, एकवचन (कर्ता के साथ "ने", कर्म के साथ "को") | राम ने सीता को देखा। लड़कियों ने गायों को चराया। |
अभ्यास प्रश्न
उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।
"पढ़ना" क्रिया की धातु है —
- (क) पढ़ना
- (ख) पढ़
- (ग) पढ़ा
- (घ) पढ़ाई
उत्तर देखें
(ख) "-ना" हटाने पर धातु: पढ़।
इनमें से अकर्मक क्रिया कौन-सी है?
- (क) लिखना
- (ख) खाना
- (ग) पढ़ना
- (घ) सोना
उत्तर देखें
(घ) "क्या सोता है?" का उत्तर नहीं — अकर्मक।
"अध्यापक ने छात्रों को हिंदी पढ़ाई।" — क्रिया का भेद?
- (क) अकर्मक
- (ख) एककर्मक
- (ग) द्विकर्मक
- (घ) पूर्वकालिक
उत्तर देखें
(ग) दो कर्म: छात्रों को (गौण), हिंदी (मुख्य)।
"हथियाना" किस प्रकार की क्रिया है?
- (क) नामधातु
- (ख) प्रेरणार्थक
- (ग) पूर्वकालिक
- (घ) अनुकरणात्मक
उत्तर देखें
(क) संज्ञा "हाथ" से बनी — नामधातु।
"सोना" का द्वितीय प्रेरणार्थक रूप है —
- (क) सुलाना
- (ख) सोवाना
- (ग) सुलवाना
- (घ) सुलाया
उत्तर देखें
(ग) सोना → सुलाना (प्रथम) → सुलवाना (द्वितीय)।
"वह नहाकर स्कूल गया।" में "नहाकर" है —
- (क) पूर्वकालिक क्रिया
- (ख) संयुक्त क्रिया
- (ग) नामधातु
- (घ) सहायक क्रिया
उत्तर देखें
(क) मुख्य क्रिया से पहले पूरी हुई — धातु + कर।
"वह पढ़ने लगा।" में संयुक्त क्रिया का अर्थ है —
- (क) समाप्तिबोधक
- (ख) शक्तिबोधक
- (ग) अवकाशबोधक
- (घ) आरंभबोधक
उत्तर देखें
(घ) "लगना" — काम शुरू होना।
"मैं खाना खा चुका हूँ।" में "चुकना" बताता है —
- (क) आरंभ
- (ख) समाप्ति
- (ग) अनुमति
- (घ) इच्छा
उत्तर देखें
(ख) चुकना — समाप्तिबोधक।
"वह गया है।" किस काल का वाक्य है?
- (क) सामान्य वर्तमान
- (ख) आसन्न भूत
- (ग) पूर्ण भूत
- (घ) सामान्य भूत
उत्तर देखें
(ख) काम अभी-अभी पूरा हुआ — आसन्न भूत।
"वह खेल रहा था।" में काल है —
- (क) पूर्ण भूत
- (ख) अपूर्ण भूत
- (ग) संदिग्ध भूत
- (घ) सामान्य भूत
उत्तर देखें
(ख) "रहा था" — काम चल रहा था।
"यदि वर्षा होती तो फसल अच्छी होती।" में काल है —
- (क) संदिग्ध भूत
- (ख) पूर्ण भूत
- (ग) संभाव्य भविष्यत्
- (घ) हेतुहेतुमद् भूत
उत्तर देखें
(घ) एक काम दूसरे पर निर्भर था — हेतुहेतुमद् भूत।
"शायद आज वर्षा हो।" में काल है —
- (क) संभाव्य भविष्यत्
- (ख) सामान्य भविष्यत्
- (ग) संदिग्ध वर्तमान
- (घ) हेतुहेतुमद् भविष्यत्
उत्तर देखें
(क) संभावना — संभाव्य भविष्यत्।
इनमें से शुद्ध वाक्य कौन-सा है?
- (क) उसने किताब लाया।
- (ख) वह किताब लाया।
- (ग) उसने किताब लाई।
- (घ) उन्होंने किताब लाया।
उत्तर देखें
(ख) "लाना" सकर्मक होते हुए भी "ने" नहीं लेता।
इनमें से किस वाक्य में "ने" का प्रयोग शुद्ध है?
- (क) राम ने गया।
- (ख) राम ने पत्र लिखता है।
- (ग) राम ने पत्र लिखा।
- (घ) राम ने पत्र लिख रहा था।
उत्तर देखें
(ग) सकर्मक क्रिया + सामान्य भूत → "ने"।
"मुझसे चला नहीं जाता।" किस वाच्य में है?
- (क) कर्तृवाच्य
- (ख) कर्मवाच्य
- (ग) कोई नहीं
- (घ) भाववाच्य
उत्तर देखें
(घ) "चलना" अकर्मक, कर्ता के साथ "से" — भाववाच्य।
"राम द्वारा पत्र लिखा गया।" किस वाच्य में है?
- (क) भाववाच्य
- (ख) कर्मवाच्य
- (ग) कर्तृवाच्य
- (घ) मिश्र
उत्तर देखें
(ख) सकर्मक क्रिया, कर्म (पत्र) प्रधान — कर्मवाच्य।
"सीता गीत गाती है।" का कर्मवाच्य होगा —
- (क) सीता से गीत गाया जाता है।
- (ख) सीता द्वारा गीत गाती है।
- (ग) सीता गीत गाई जाती है।
- (घ) सीता से गाया नहीं जाता।
उत्तर देखें
(क) कर्ता + द्वारा/से, क्रिया कर्म (गीत, पुल्लिंग) के अनुसार + जाना।
भाववाच्य किस प्रकार की क्रिया से बनता है?
- (क) केवल सकर्मक
- (ख) केवल द्विकर्मक
- (ग) दोनों
- (घ) केवल अकर्मक
उत्तर देखें
(घ) भाववाच्य में कर्म होता ही नहीं।
"राम ने सीता को देखा।" किस प्रयोग का उदाहरण है?
- (क) कर्तरि
- (ख) कर्मणि
- (ग) भावे
- (घ) कोई नहीं
उत्तर देखें
(ग) "ने" और कर्म के साथ "को" — क्रिया पुल्लिंग एकवचन (भावे प्रयोग)।
"राम ने रोटी खाई।" में क्रिया "खाई" किसके अनुसार है?
- (क) कर्ता (राम)
- (ख) कर्म (रोटी)
- (ग) भाव
- (घ) पुरुष
उत्तर देखें
(ख) कर्ता के साथ "ने", कर्म बिना चिह्न — क्रिया कर्म के अनुसार (कर्मणि प्रयोग)।
संदर्भ
ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:
- कामताप्रसाद गुरु, संक्षिप्त हिंदी व्याकरण, काशी नागरी प्रचारिणी सभा — कर्ता और अकर्मक-सकर्मक क्रिया की परिभाषा
- केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार — देवनागरी लिपि एवं हिंदी वर्तनी का मानकीकरण (2024): संयुक्त क्रिया का लेखन, श्रुतिमूलक य-व (गया, गई, गए)