झारज्ञान

पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 6

क्रिया, काल और वाच्य

काम बताने वाले शब्द, उनका समय और वाक्य में कर्ता-कर्म-भाव की प्रधानता। परीक्षा में क्रिया का भेद, काल का भेद और वाच्य बदलना सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

अंतिम अपडेट: 2026-10-14

इस अध्याय में
  1. क्रिया और धातु
  2. कर्म के आधार पर: सकर्मक और अकर्मक
  3. रचना के आधार पर भेद
  4. प्रेरणार्थक क्रिया
  5. संयुक्त क्रिया
  6. काल और उसके भेद
  7. "ने" कब लगता है
  8. वाच्य
  9. वाच्य परिवर्तन
  10. प्रयोग: क्रिया किसके अनुसार बदलती है
  11. अभ्यास प्रश्न

क्रिया और धातु

जिस शब्द से किसी काम के करने या होने का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं: पढ़ना, खेलना, सोना, बरसना। क्रिया विकारी शब्द है — लिंग, वचन, पुरुष और काल के अनुसार बदलती है।

धातु — क्रिया का मूल रूप, जिससे उसके सारे रूप बनते हैं। क्रिया के सामान्य रूप से "-ना" हटाने पर धातु मिलती है: पढ़ना → पढ़, लिखना → लिख, खाना → खा।

धातु का प्रकारअर्थउदाहरण
मूल (रूढ़) धातुकिसी दूसरे शब्द से नहीं बनीपढ़, लिख, जा, खा, सो
यौगिक धातुदूसरे शब्दों या प्रत्ययों से बनीप्रेरणार्थक (पढ़ा, पढ़वा), नामधातु (हथिया), संयुक्त (खा ले)

कर्म के आधार पर: सकर्मक और अकर्मक

सकर्मक क्रिया: जिसके काम का फल कर्ता को छोड़कर कर्म पर पड़े — यानी जिसके साथ कर्म हो या हो सके। "राम पत्र लिखता है।" — लिखने का फल पत्र पर।
अकर्मक क्रिया: जिसके काम का फल कर्ता पर ही पड़े; कर्म की आवश्यकता नहीं। "बच्चा सोता है।", "पत्ता गिरा।"
पहचान की तरकीब क्रिया से पहले "क्या" या "किसे/किसको" लगाकर प्रश्न करें। उत्तर मिले तो सकर्मक, न मिले तो अकर्मक। "राम क्या लिखता है?" → पत्र (सकर्मक)। "बच्चा क्या सोता है?" → कोई उत्तर नहीं (अकर्मक)।
अकर्मक क्रियाएँ (सामान्यतः)सकर्मक क्रियाएँ (सामान्यतः)
सोना, जागना, हँसना, रोना, दौड़ना, चलना, उठना, बैठना, गिरना, मरना, होना, आना, जाना, तैरना, नाचना, शरमाना, ठहरना, बरसना, चमकना, उगनापढ़ना, लिखना, खाना, पीना, देखना, सुनना, करना, लाना, देना, लेना, बनाना, खरीदना, मारना, पकड़ना, बोना, सीना, धोना, काटना, भेजना

सकर्मक के दो रूप

कर्म दिखे या न दिखे "वह पढ़ रहा है।" — कर्म दिख नहीं रहा, पर "क्या पढ़ रहा है?" का उत्तर हो सकता है (किताब)। ऐसी क्रिया फिर भी सकर्मक है (लुप्तकर्मा)। सकर्मक/अकर्मक क्रिया के स्वभाव से तय होता है, केवल वाक्य में कर्म दिखने से नहीं।

उभयविध क्रियाएँ (दोनों तरह प्रयुक्त)

क्रियाअकर्मक प्रयोगसकर्मक प्रयोग
खुजलानामेरा सिर खुजला रहा है।वह अपना सिर खुजला रहा है।
भरनाघड़ा भर गया।उसने घड़ा भरा।
ललचानाउसका मन ललचाया।मिठाई ने उसे ललचाया।
घिसनाचप्पल घिस गई।उसने चंदन घिसा।
बदलनामौसम बदल गया।उसने कपड़े बदले।

रचना के आधार पर भेद

भेदपहचानउदाहरण
सामान्य क्रियाएक ही क्रिया-पदवह आया। तुम खेलो।
संयुक्त क्रियादो या अधिक क्रियाएँ मिलकर एक कामवह खा चुका। बच्चा सो गया।
नामधातु क्रियासंज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बनीहाथ → हथियाना, बात → बतियाना, लाज → लजाना, अपना → अपनाना, चिकना → चिकनाना, गरम → गरमाना, फ़िल्म → फ़िल्माना
प्रेरणार्थक क्रियाकर्ता स्वयं न करके दूसरे से करवाता हैपढ़ाना, पढ़वाना
पूर्वकालिक क्रियामुख्य क्रिया से पहले पूरी हुई क्रिया; धातु + कर/करकेवह नहाकर पूजा करता है। खाकर सो जाओ।
अनुकरणात्मक क्रियाध्वनि की नकल से बनीखटखटाना, थपथपाना, भनभनाना, हिनहिनाना, टनटनाना
सहायक क्रियामुख्य क्रिया के साथ काल/अर्थ बताती हैहै, था, थी, थे, गा, गी — "वह पढ़ रहा है।"

प्रेरणार्थक क्रिया

जब कर्ता काम स्वयं न करके किसी को प्रेरित करे। मूल क्रिया से दो प्रेरणार्थक रूप बनते हैं — पहला (-आ) और दूसरा (-वा):

मूल क्रियाप्रथम प्रेरणार्थकद्वितीय प्रेरणार्थक
पढ़नापढ़ानापढ़वाना
लिखनालिखानालिखवाना
करनाकरानाकरवाना
सोनासुलानासुलवाना
पीनापिलानापिलवाना
खानाखिलानाखिलवाना
देनादिलानादिलवाना
जागनाजगानाजगवाना
बैठनाबिठानाबिठवाना
देखनादिखानादिखवाना
सीखनासिखानासिखवाना
रोनारुलानारुलवाना
जीतनाजितानाजितवाना
सुननासुनानासुनवाना
उठनाउठानाउठवाना
धोनाधुलानाधुलवाना
अपवाद कुछ क्रियाओं के प्रेरणार्थक रूप नहीं बनते: आना, जाना, होना, सकना, पाना, चाहिए। "बोलना" से बुलाना-बुलवाना (अर्थ बदल जाता है)।

संयुक्त क्रिया

मुख्य क्रिया के साथ सहायक क्रिया जुड़कर अर्थ में विशेषता लाती है। मानक वर्तनी के अनुसार दोनों भाग अलग-अलग लिखे जाते हैं: "पढ़ा करता है", "जा सकता है"।

अर्थसहायक क्रियाउदाहरण
आरंभबोधकलगनावह पढ़ने लगा।
समाप्तिबोधकचुकनामैं खाना खा चुका।
अवकाशबोधकपानावह समय पर पहुँच न पाया।
अनुमतिबोधकदेनामुझे जाने दो।
शक्तिबोधकसकनावह तैर सकता है।
नित्यताबोधककरनातुम रोज़ आया करो।
आवश्यकताबोधकपड़ना, होना, चाहिएमुझे जाना पड़ा। तुम्हें पढ़ना चाहिए।
निश्चयबोधकडालना, देना, लेना, बैठना, उठनाउसने साँप मार डाला। वह गिर पड़ा।
इच्छाबोधकचाहनामैं घर जाना चाहता हूँ।
अभ्यासबोधककरना (भूतकालिक रूप के साथ)वह पढ़ा करता था।
पुनरुक्तदो क्रियाओं की आवृत्तिवह पढ़ता-लिखता है। बच्चे खेलते-कूदते हैं।

काल और उसके भेद

क्रिया के जिस रूप से काम के होने का समय पता चले, उसे काल कहते हैं। मुख्य काल तीन हैं: वर्तमान, भूत, भविष्यत्।

1. वर्तमान काल (5 भेद)

भेदपहचानउदाहरण
सामान्य वर्तमानता है, ती है, ते हैंवह पढ़ता है।
अपूर्ण (तात्कालिक) वर्तमानरहा है, रही है, रहे हैंवह पढ़ रहा है।
पूर्ण वर्तमानचुका है, चुकी हैवह पढ़ चुका है।
संदिग्ध वर्तमानता होगा, रहा होगावह पढ़ता होगा। वह पढ़ रहा होगा।
संभाव्य वर्तमानता हो, रहा होशायद वह पढ़ता हो।

2. भूतकाल (6 भेद) — परीक्षा में सबसे ज़्यादा

भेदपहचानउदाहरण
सामान्य भूतआ, ई, ए (केवल क्रिया)वह गया। सीता ने पत्र लिखा।
आसन्न भूतआ है, ई है, ए हैं — काम अभी-अभी पूरा हुआवह गया है। मैंने खाना खा लिया है।
पूर्ण भूतआ था, ई थी, ए थे — काम बहुत पहले पूरावह गया था। उसने पत्र लिखा था।
अपूर्ण भूतरहा था, ता था — काम चल रहा थावह जा रहा था। वह पढ़ता था।
संदिग्ध भूतआ होगा, ई होगीवह गया होगा। उसने खाना खाया होगा।
हेतुहेतुमद् भूतता तो … ता — एक काम दूसरे पर निर्भर था (पर हुआ नहीं)यदि तुम पढ़ते तो पास हो जाते।

3. भविष्यत् काल (3 भेद)

भेदपहचानउदाहरण
सामान्य भविष्यत्एगा, एगी, एँगेवह कल जाएगा।
संभाव्य भविष्यत्ए, एँ (संभावना)शायद वह कल आए।
हेतुहेतुमद् भविष्यत्एगा तो … एगावह परिश्रम करेगा तो सफल होगा।
आसन्न भूत बनाम सामान्य वर्तमान "वह आया है।" में "है" देखकर वर्तमान न समझें — क्रिया (आया) भूत की है, काम पूरा हो चुका है: आसन्न भूत। "वह आता है।" — सामान्य वर्तमान।
अपूर्ण भूत बनाम पूर्ण भूत "रहा था" / "ता था" → काम चल रहा था (अपूर्ण भूत)। "आ था" → काम पूरा हो चुका था (पूर्ण भूत)। "वह खेल रहा था" (अपूर्ण) बनाम "वह खेल चुका था / खेला था" (पूर्ण)।
भाषा-विज्ञान की दृष्टि कुछ आधुनिक पुस्तकें वर्तमान और भविष्यत् के भेद कम-ज़्यादा गिनती हैं (जैसे पूर्ण वर्तमान को अलग न मानना)। भूतकाल के छह भेद लगभग सभी पुस्तकों में समान हैं; विकल्पों के अनुसार उत्तर दें।

"ने" कब लगता है

नियम: सकर्मक क्रिया जब सामान्य भूत, आसन्न भूत, पूर्ण भूत या संदिग्ध भूत में हो, तो कर्ता के साथ "ने" लगता है: "राम ने पत्र लिखा।", "सीता ने खाना खाया है।"

वाच्य

क्रिया के जिस रूप से पता चले कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं।

वाच्यप्रधानपहचानउदाहरण
कर्तृवाच्यकर्ताक्रिया प्रायः कर्ता के लिंग-वचन के अनुसार; सकर्मक और अकर्मक दोनोंराम पत्र लिखता है। बच्चा सोता है।
कर्मवाच्यकर्मकेवल सकर्मक; कर्ता के साथ "से/द्वारा"; क्रिया कर्म के अनुसार + "जाना" का रूपराम द्वारा पत्र लिखा गया। मुझसे पुस्तक पढ़ी गई।
भाववाच्यभाव (क्रिया का भाव)केवल अकर्मक; कर्ता के साथ "से"; क्रिया सदा अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन; प्रायः असमर्थता/निषेधमुझसे चला नहीं जाता। बच्चे से सोया नहीं जाता।
कर्मवाच्य या भाववाच्य? दोनों में "से/द्वारा" और "जाना" आता है। फ़र्क़ क्रिया में है: क्रिया सकर्मक (कर्म मौजूद) → कर्मवाच्य; अकर्मक (कोई कर्म नहीं) → भाववाच्य। "मुझसे पत्र लिखा नहीं गया" (कर्म: पत्र → कर्मवाच्य) · "मुझसे बैठा नहीं गया" (कर्म नहीं → भाववाच्य)।

वाच्य परिवर्तन

कर्तृवाच्य → कर्मवाच्य

  1. कर्ता के साथ "से" या "के द्वारा" लगाएँ ("ने" हटाएँ)।
  2. कर्म के साथ "को" हो तो प्रायः हटा दें।
  3. मुख्य क्रिया को सामान्य भूत रूप में बदलकर उसके साथ "जाना" क्रिया का रूप काल के अनुसार जोड़ें।
  4. क्रिया कर्म के लिंग-वचन के अनुसार होगी।
कर्तृवाच्यकर्मवाच्य
राम पत्र लिखता है।राम द्वारा पत्र लिखा जाता है।
सीता ने गीत गाया।सीता द्वारा गीत गाया गया।
मैंने पुस्तक पढ़ी।मुझसे पुस्तक पढ़ी गई।
पुलिस चोर को पकड़ेगी।पुलिस द्वारा चोर पकड़ा जाएगा।
मैं यह बोझ नहीं उठा सकता।मुझसे यह बोझ नहीं उठाया जा सकता।

कर्तृवाच्य → भाववाच्य (केवल अकर्मक)

कर्तृवाच्यभाववाच्य
मैं नहीं चल सकता।मुझसे चला नहीं जाता।
बच्चा रात भर नहीं सोया।बच्चे से रात भर सोया नहीं गया।
वह हँस नहीं सकी।उससे हँसा नहीं गया।
पक्षी उड़ नहीं सकता।पक्षी से उड़ा नहीं जाता।

प्रयोग: क्रिया किसके अनुसार बदलती है

प्रयोगक्रिया किसके अनुसारउदाहरण
कर्तरि प्रयोगकर्ता के लिंग-वचन-पुरुष के अनुसार (कर्ता के साथ कोई चिह्न नहीं)लड़का पढ़ता है। लड़की पढ़ती है।
कर्मणि प्रयोगकर्म के लिंग-वचन के अनुसार (कर्ता के साथ "ने", कर्म बिना चिह्न)राम ने रोटी खाई। सीता ने पत्र लिखा।
भावे प्रयोगन कर्ता, न कर्म के अनुसार — सदा पुल्लिंग, एकवचन (कर्ता के साथ "ने", कर्म के साथ "को")राम ने सीता को देखा। लड़कियों ने गायों को चराया।
एक नज़र में "ने" हो और कर्म बिना "को" हो → क्रिया कर्म जैसी (कर्मणि)। "ने" हो और कर्म के साथ "को" भी → क्रिया पुल्लिंग एकवचन (भावे)। "ने" न हो → क्रिया कर्ता जैसी (कर्तरि)।

अभ्यास प्रश्न

उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।

  1. "पढ़ना" क्रिया की धातु है —

    1. (क) पढ़ना
    2. (ख) पढ़
    3. (ग) पढ़ा
    4. (घ) पढ़ाई
    उत्तर देखें

    (ख) "-ना" हटाने पर धातु: पढ़।

  2. इनमें से अकर्मक क्रिया कौन-सी है?

    1. (क) लिखना
    2. (ख) खाना
    3. (ग) पढ़ना
    4. (घ) सोना
    उत्तर देखें

    (घ) "क्या सोता है?" का उत्तर नहीं — अकर्मक।

  3. "अध्यापक ने छात्रों को हिंदी पढ़ाई।" — क्रिया का भेद?

    1. (क) अकर्मक
    2. (ख) एककर्मक
    3. (ग) द्विकर्मक
    4. (घ) पूर्वकालिक
    उत्तर देखें

    (ग) दो कर्म: छात्रों को (गौण), हिंदी (मुख्य)।

  4. "हथियाना" किस प्रकार की क्रिया है?

    1. (क) नामधातु
    2. (ख) प्रेरणार्थक
    3. (ग) पूर्वकालिक
    4. (घ) अनुकरणात्मक
    उत्तर देखें

    (क) संज्ञा "हाथ" से बनी — नामधातु।

  5. "सोना" का द्वितीय प्रेरणार्थक रूप है —

    1. (क) सुलाना
    2. (ख) सोवाना
    3. (ग) सुलवाना
    4. (घ) सुलाया
    उत्तर देखें

    (ग) सोना → सुलाना (प्रथम) → सुलवाना (द्वितीय)।

  6. "वह नहाकर स्कूल गया।" में "नहाकर" है —

    1. (क) पूर्वकालिक क्रिया
    2. (ख) संयुक्त क्रिया
    3. (ग) नामधातु
    4. (घ) सहायक क्रिया
    उत्तर देखें

    (क) मुख्य क्रिया से पहले पूरी हुई — धातु + कर।

  7. "वह पढ़ने लगा।" में संयुक्त क्रिया का अर्थ है —

    1. (क) समाप्तिबोधक
    2. (ख) शक्तिबोधक
    3. (ग) अवकाशबोधक
    4. (घ) आरंभबोधक
    उत्तर देखें

    (घ) "लगना" — काम शुरू होना।

  8. "मैं खाना खा चुका हूँ।" में "चुकना" बताता है —

    1. (क) आरंभ
    2. (ख) समाप्ति
    3. (ग) अनुमति
    4. (घ) इच्छा
    उत्तर देखें

    (ख) चुकना — समाप्तिबोधक।

  9. "वह गया है।" किस काल का वाक्य है?

    1. (क) सामान्य वर्तमान
    2. (ख) आसन्न भूत
    3. (ग) पूर्ण भूत
    4. (घ) सामान्य भूत
    उत्तर देखें

    (ख) काम अभी-अभी पूरा हुआ — आसन्न भूत।

  10. "वह खेल रहा था।" में काल है —

    1. (क) पूर्ण भूत
    2. (ख) अपूर्ण भूत
    3. (ग) संदिग्ध भूत
    4. (घ) सामान्य भूत
    उत्तर देखें

    (ख) "रहा था" — काम चल रहा था।

  11. "यदि वर्षा होती तो फसल अच्छी होती।" में काल है —

    1. (क) संदिग्ध भूत
    2. (ख) पूर्ण भूत
    3. (ग) संभाव्य भविष्यत्
    4. (घ) हेतुहेतुमद् भूत
    उत्तर देखें

    (घ) एक काम दूसरे पर निर्भर था — हेतुहेतुमद् भूत।

  12. "शायद आज वर्षा हो।" में काल है —

    1. (क) संभाव्य भविष्यत्
    2. (ख) सामान्य भविष्यत्
    3. (ग) संदिग्ध वर्तमान
    4. (घ) हेतुहेतुमद् भविष्यत्
    उत्तर देखें

    (क) संभावना — संभाव्य भविष्यत्।

  13. इनमें से शुद्ध वाक्य कौन-सा है?

    1. (क) उसने किताब लाया।
    2. (ख) वह किताब लाया।
    3. (ग) उसने किताब लाई।
    4. (घ) उन्होंने किताब लाया।
    उत्तर देखें

    (ख) "लाना" सकर्मक होते हुए भी "ने" नहीं लेता।

  14. इनमें से किस वाक्य में "ने" का प्रयोग शुद्ध है?

    1. (क) राम ने गया।
    2. (ख) राम ने पत्र लिखता है।
    3. (ग) राम ने पत्र लिखा।
    4. (घ) राम ने पत्र लिख रहा था।
    उत्तर देखें

    (ग) सकर्मक क्रिया + सामान्य भूत → "ने"।

  15. "मुझसे चला नहीं जाता।" किस वाच्य में है?

    1. (क) कर्तृवाच्य
    2. (ख) कर्मवाच्य
    3. (ग) कोई नहीं
    4. (घ) भाववाच्य
    उत्तर देखें

    (घ) "चलना" अकर्मक, कर्ता के साथ "से" — भाववाच्य।

  16. "राम द्वारा पत्र लिखा गया।" किस वाच्य में है?

    1. (क) भाववाच्य
    2. (ख) कर्मवाच्य
    3. (ग) कर्तृवाच्य
    4. (घ) मिश्र
    उत्तर देखें

    (ख) सकर्मक क्रिया, कर्म (पत्र) प्रधान — कर्मवाच्य।

  17. "सीता गीत गाती है।" का कर्मवाच्य होगा —

    1. (क) सीता से गीत गाया जाता है।
    2. (ख) सीता द्वारा गीत गाती है।
    3. (ग) सीता गीत गाई जाती है।
    4. (घ) सीता से गाया नहीं जाता।
    उत्तर देखें

    (क) कर्ता + द्वारा/से, क्रिया कर्म (गीत, पुल्लिंग) के अनुसार + जाना।

  18. भाववाच्य किस प्रकार की क्रिया से बनता है?

    1. (क) केवल सकर्मक
    2. (ख) केवल द्विकर्मक
    3. (ग) दोनों
    4. (घ) केवल अकर्मक
    उत्तर देखें

    (घ) भाववाच्य में कर्म होता ही नहीं।

  19. "राम ने सीता को देखा।" किस प्रयोग का उदाहरण है?

    1. (क) कर्तरि
    2. (ख) कर्मणि
    3. (ग) भावे
    4. (घ) कोई नहीं
    उत्तर देखें

    (ग) "ने" और कर्म के साथ "को" — क्रिया पुल्लिंग एकवचन (भावे प्रयोग)।

  20. "राम ने रोटी खाई।" में क्रिया "खाई" किसके अनुसार है?

    1. (क) कर्ता (राम)
    2. (ख) कर्म (रोटी)
    3. (ग) भाव
    4. (घ) पुरुष
    उत्तर देखें

    (ख) कर्ता के साथ "ने", कर्म बिना चिह्न — क्रिया कर्म के अनुसार (कर्मणि प्रयोग)।

संदर्भ

ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:

  • कामताप्रसाद गुरु, संक्षिप्त हिंदी व्याकरण, काशी नागरी प्रचारिणी सभा — कर्ता और अकर्मक-सकर्मक क्रिया की परिभाषा
  • केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार — देवनागरी लिपि एवं हिंदी वर्तनी का मानकीकरण (2024): संयुक्त क्रिया का लेखन, श्रुतिमूलक य-व (गया, गई, गए)