झारज्ञान

पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 9

वाक्य-शुद्धि

वाक्य की बनावट, उसके भेद और सबसे आम गलतियाँ। परीक्षा में 'शुद्ध वाक्य चुनिए', 'वाक्य का भेद बताइए' और 'मिश्र वाक्य में बदलिए' जैसे प्रश्न आते हैं।

अंतिम अपडेट: 2026-10-14

इस अध्याय में
  1. वाक्य और उसके अंग
  2. रचना के आधार पर भेद
  3. वाक्य रूपांतरण
  4. अर्थ के आधार पर भेद
  5. अन्विति: कर्ता, कर्म और क्रिया का मेल
  6. अशुद्धियों के प्रकार और सुधार
  7. पदक्रम
  8. विराम चिह्न
  9. अभ्यास प्रश्न

वाक्य और उसके अंग

सार्थक शब्दों का वह व्यवस्थित समूह जो पूरा भाव प्रकट करे, वाक्य कहलाता है। सार्थक वाक्य के लिए छह गुण चाहिए: सार्थकता, योग्यता (अर्थ की संगति — "वह आग से सींचता है" अयोग्य), आकांक्षा (पूरा अर्थ), आसत्ति (शब्दों की निकटता), पदक्रम और अन्विति।

अंगअर्थउदाहरण: "मेहनती छात्र परीक्षा में सफल होते हैं।"
उद्देश्यजिसके बारे में कुछ कहा जाए (कर्ता और उसका विस्तार)मेहनती छात्र
विधेयउद्देश्य के बारे में जो कहा जाए (क्रिया और उसका विस्तार)परीक्षा में सफल होते हैं

उपवाक्य — बड़े वाक्य का वह अंश जिसमें अपनी क्रिया हो। पदबंध — कई पदों का समूह जो एक पद का काम करे, पर जिसमें स्वतंत्र क्रिया न हो: "बगीचे में खिला सुंदर फूल" (संज्ञा पदबंध)।

रचना के आधार पर भेद

भेदपहचानउदाहरण
सरल (साधारण) वाक्यएक ही उद्देश्य और एक ही मुख्य क्रियाराम पुस्तक पढ़ता है। वर्षा होने पर फसल अच्छी हुई।
संयुक्त वाक्यदो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य, समानाधिकरण योजकों से जुड़े: और, एवं, तथा, या, अथवा, किंतु, परंतु, लेकिन, इसलिए, अतःवह आया और चला गया। मैं गया परंतु वह नहीं मिला।
मिश्र वाक्यएक प्रधान उपवाक्य + एक या अधिक आश्रित उपवाक्य, व्यधिकरण योजकों से: कि, जो, जिसे, जब, जहाँ, यदि, क्योंकि, ताकि, यद्यपि, जैसेमैं जानता हूँ कि वह ईमानदार है। जो मेहनत करेगा, वह सफल होगा।

मिश्र वाक्य के आश्रित उपवाक्य

आश्रित उपवाक्यपहचानउदाहरण
संज्ञा उपवाक्य"कि" से शुरू; प्रधान उपवाक्य की क्रिया का कर्म/कर्ताउसने कहा कि मैं कल आऊँगा।
विशेषण उपवाक्यजो, जिसे, जिसका, जिसने से शुरू; प्रधान वाक्य की संज्ञा की विशेषताजो लड़का कल आया था, वह मेरा भाई है।
क्रियाविशेषण उपवाक्यजब, जहाँ, जैसे, यदि, क्योंकि, ताकि, यद्यपि से शुरू; समय, स्थान, कारण, शर्तजब वर्षा हुई, तब किसान खुश हुए।

वाक्य रूपांतरण

सरलसंयुक्तमिश्र
वह परिश्रम करके सफल हुआ।उसने परिश्रम किया और सफल हुआ।क्योंकि उसने परिश्रम किया, इसलिए वह सफल हुआ।
सूर्योदय होने पर अंधेरा मिट गया।सूर्योदय हुआ और अंधेरा मिट गया।जब सूर्योदय हुआ, तब अंधेरा मिट गया।
बीमार होने के कारण वह नहीं आया।वह बीमार था, इसलिए नहीं आया।वह इसलिए नहीं आया क्योंकि वह बीमार था।
ईमानदार व्यक्ति का सब सम्मान करते हैं।व्यक्ति ईमानदार है और उसका सब सम्मान करते हैं।जो व्यक्ति ईमानदार है, उसका सब सम्मान करते हैं।
रूपांतरण की कुंजी सरल में एक ही क्रिया रखें — बाकी को "करके", "होने पर", "के कारण" में बदल दें। संयुक्त में दोनों हिस्से स्वतंत्र, बीच में "और/इसलिए/परंतु"। मिश्र में एक हिस्सा आश्रित — "जो-वह", "जब-तब", "क्योंकि", "कि", "यदि-तो"।

अर्थ के आधार पर भेद (आठ)

भेदभावउदाहरण
विधानवाचक (विधिवाचक)सामान्य कथनसूर्य पूर्व में उगता है।
निषेधवाचककिसी बात का न होनावह आज नहीं आएगा।
प्रश्नवाचकप्रश्नक्या तुमने खाना खाया?
आज्ञावाचकआज्ञा, अनुरोध, प्रार्थनाकृपया बैठ जाइए। दरवाज़ा बंद करो।
इच्छावाचकइच्छा, आशीर्वाद, कामनाईश्वर तुम्हें सफल करे। आपकी यात्रा शुभ हो।
संदेहवाचकसंदेह, संभावनाशायद आज वर्षा हो। वह पहुँच गया होगा।
संकेतवाचक (शर्तवाचक)एक काम दूसरे पर निर्भरयदि तुम पढ़ते तो पास हो जाते।
विस्मयादिबोधकआश्चर्य, हर्ष, शोक, घृणावाह! कितना सुंदर दृश्य है!

अन्विति: कर्ता, कर्म और क्रिया का मेल

  1. कर्ता चिह्न-रहित हो तो क्रिया कर्ता के लिंग-वचन-पुरुष के अनुसार: "लड़की पढ़ती है।", "हम जाते हैं।"
  2. कर्ता के साथ "ने" और कर्म चिह्न-रहित हो तो क्रिया कर्म के अनुसार: "राम ने रोटी खाई।", "सीता ने आम खाए।"
  3. कर्ता के साथ "ने" और कर्म के साथ "को" हो तो क्रिया पुल्लिंग, एकवचन: "मैंने लड़कियों को देखा।"
  4. दो कर्ता "और" से जुड़े हों तो क्रिया बहुवचन; अलग-अलग लिंग हों तो पुल्लिंग बहुवचन: "राम और सीता जाते हैं।" ("जाती हैं" नहीं)
  5. "या/अथवा" से जुड़े कर्ताओं में क्रिया अंतिम कर्ता के अनुसार: "राम या उसकी बहनें आएँगी।"
  6. विशेषण विशेष्य के लिंग-वचन के अनुसार (आकारांत विशेषण बदलता है): "अच्छा लड़का, अच्छी लड़की, अच्छे लड़के"; अन्य विशेषण नहीं बदलते: "सुंदर लड़का, सुंदर लड़की"।
  7. संबंध कारक का चिह्न आगे वाले शब्द के लिंग-वचन के अनुसार: "राम की बहन", "सीता का भाई"।

अशुद्धियों के प्रकार और सुधार

लिंग संबंधी

अशुद्धशुद्ध
आज मैंने एक अच्छा पुस्तक पढ़ा।आज मैंने एक अच्छी पुस्तक पढ़ी।
दही खट्टी है।दही खट्टा है।
उसकी आत्मा दुखी हुआ।उसकी आत्मा दुखी हुई।
सरकार ने नया नियम बनाई।सरकार ने नया नियम बनाया।
मेरा आयु बीस वर्ष है।मेरी आयु बीस वर्ष है।
उसने शपथ लिया।उसने शपथ ली।
ठंडी हवा चल रहा है।ठंडी हवा चल रही है।

वचन संबंधी

अशुद्धशुद्ध
जनता नाराज़ हैं।जनता नाराज़ है।
उसके प्राण निकल गया।उसके प्राण निकल गए।
मेरे पिताजी आज आया।मेरे पिताजी आज आए।
एक गोपनीय बातें बतानी है।एक गोपनीय बात बतानी है।
उसने बहुत सारी पुस्तक खरीदी।उसने बहुत सारी पुस्तकें खरीदीं।
भीड़ में अनेकों लोग थे।भीड़ में अनेक लोग थे।
आपके हस्ताक्षर स्पष्ट नहीं है।आपके हस्ताक्षर स्पष्ट नहीं हैं।

कारक / विभक्ति संबंधी

अशुद्धशुद्ध
राम ने घर गया।राम घर गया।
उसने किताब लाया।वह किताब लाया।
मैं मेरे घर जा रहा हूँ।मैं अपने घर जा रहा हूँ।
वह बस में बैठ कर गया।वह बस से गया। / वह बस में बैठकर गया।
मुझे यह बात से कोई मतलब नहीं।मुझे इस बात से कोई मतलब नहीं।
वह कुत्ते को डरता है।वह कुत्ते से डरता है।
मैंने उसको पुस्तक दिया।मैंने उसको पुस्तक दी।

सर्वनाम संबंधी

अशुद्धशुद्ध
मेरे को घर जाना है।मुझे (मुझको) घर जाना है।
तेरे को क्या चाहिए?तुझे क्या चाहिए?
उसने उसका काम कर लिया। (अपने काम के अर्थ में)उसने अपना काम कर लिया।
आप तेरा नाम बताओ।आप अपना नाम बताइए।

विशेषण संबंधी

अशुद्धशुद्ध
सबसे श्रेष्ठतम छात्र को इनाम मिला।सर्वश्रेष्ठ छात्र को इनाम मिला।
एक गिलास ठंडा पानी का लाओ।एक गिलास ठंडा पानी लाओ।
मुझे एक फूलों की माला चाहिए।मुझे फूलों की एक माला चाहिए।

क्रिया संबंधी

अशुद्धशुद्ध
मैं यह काम कर सकता हूँगा।मैं यह काम कर सकूँगा।
उसने भरपेट भोजन खा लिया।उसने भरपेट भोजन किया।
वह गाना गा रहा था और नाच रहा।वह गाना गा रहा था और नाच रहा था।
मैंने उसे पढ़ाई करने को बोला।मैंने उसे पढ़ाई करने को कहा।
आप कल आना।आप कल आइएगा। / तुम कल आना।
चिड़िया आकाश में उड़ती हैं।चिड़ियाँ आकाश में उड़ती हैं। / चिड़िया आकाश में उड़ती है।

अनावश्यक / दोहरे शब्द

अशुद्धशुद्ध
कृपया इस पत्र को पढ़ने की कृपा करें।कृपया इस पत्र को पढ़ें। / इस पत्र को पढ़ने की कृपा करें।
वह सज्जन पुरुष है।वह सज्जन है।
मैं प्रातःकाल के समय टहलता हूँ।मैं प्रातःकाल टहलता हूँ।
वह सप्रमाण सहित उपस्थित हुआ।वह प्रमाण सहित उपस्थित हुआ। / वह सप्रमाण उपस्थित हुआ।
आपका भवदीयभवदीय
केवल मात्र दस रुपये बचे हैं।केवल दस रुपये बचे हैं। / दस रुपये मात्र बचे हैं।
वह निरपराधी है।वह निरपराध है।
यह बात सर्वथा पूर्णतः सत्य है।यह बात पूर्णतः सत्य है।
मुझे केवल तुम्हीं से ही आशा है।मुझे तुम्हीं से आशा है। / मुझे केवल तुमसे आशा है।

शब्द-चयन संबंधी

अशुद्धशुद्ध
उसने मुझ पर आभार प्रकट किया।उसने मेरे प्रति आभार प्रकट किया।
मैं आपका आभारी हूँ जो आपने मदद की।मैं आपकी सहायता के लिए आभारी हूँ।
उसने अनेकों बार कहा।उसने अनेक बार कहा।
आज मेरा जन्मदिवस का दिन है।आज मेरा जन्मदिन है।

पदक्रम संबंधी

अशुद्धशुद्ध
एक पानी का गिलास लाओ।पानी का एक गिलास लाओ।
गरम एक कप चाय दो।एक कप गरम चाय दो।
वह रोज़ सुबह पढ़ता घूमने के बाद है।वह रोज़ सुबह घूमने के बाद पढ़ता है।
बच्चे को काटकर सेब खिलाओ।सेब काटकर बच्चे को खिलाओ।
सबसे ज़्यादा पूछी जाने वाली अशुद्धियाँ "मेरे को" (मुझे), "अनेकों" (अनेक — यह पहले से बहुवचन है), "सज्जन पुरुष" (सज्जन), "कृपया … की कृपा करें", "उसने … लाया" (वह … लाया), "प्राण निकल गया" (गए), "दही खट्टी" (खट्टा)।

पदक्रम

हिंदी वाक्य का सामान्य क्रम: कर्ता + कर्म + क्रिया ("राम फल खाता है")। विस्तार के नियम:

विराम चिह्न

चिह्ननामप्रयोग
।पूर्ण विरामवाक्य पूरा होने पर (प्रश्न और विस्मय को छोड़कर)
,अल्प विरामथोड़ा रुकना; सूची में; संबोधन के बाद — "राम, श्याम और मोहन आए।"
;अर्ध विरामअल्प से अधिक, पूर्ण से कम ठहराव; जुड़े हुए स्वतंत्र वाक्यों के बीच
?प्रश्नवाचकप्रश्न के अंत में
!विस्मयादिबोधकआश्चर्य, हर्ष, शोक, संबोधन के बाद
:-निर्देशक / विवरण चिह्नसूची या विवरण से पहले — "मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:-"
-योजक चिह्नद्वंद्व समास, युग्म शब्द — माता-पिता, धीरे-धीरे
" "उद्धरण चिह्नकिसी के कथन/शीर्षक को ज्यों का त्यों — उसने कहा, "मैं आऊँगा।"
( )कोष्ठकअतिरिक्त जानकारी — आचार्य रामचंद्र शुक्ल (1884–1941)
॰लाघव चिह्नसंक्षिप्त रूप — डॉ॰, प्रो॰
^हंसपद (त्रुटिपूरक)छूटा शब्द जोड़ने के लिए
मानक नियम केंद्रीय हिंदी निदेशालय के अनुसार पूर्ण विराम के लिए खड़ी पाई (।) प्रयोग होती है; बाकी विराम-चिह्न अंग्रेज़ी वाले ही हैं।

अभ्यास प्रश्न

उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।

  1. शुद्ध वाक्य चुनिए —

    1. (क) मुझे घर जाना है।
    2. (ख) मेरे को घर जाना है।
    3. (ग) मेरे से घर जाना है।
    4. (घ) मैं को घर जाना है।
    उत्तर देखें

    (क) "मेरे को" अशुद्ध प्रयोग है।

  2. शुद्ध वाक्य चुनिए —

    1. (क) जनता नाराज़ हैं।
    2. (ख) जनता नाराज़ है।
    3. (ग) जनताएँ नाराज़ है।
    4. (घ) जनता नाराज़ थीं।
    उत्तर देखें

    (ख) "जनता" सदा एकवचन।

  3. शुद्ध वाक्य चुनिए —

    1. (क) उसने किताब लाया।
    2. (ख) उसने किताब लाई।
    3. (ग) उन्होंने किताब लाया।
    4. (घ) वह किताब लाया।
    उत्तर देखें

    (घ) "लाना" के साथ "ने" नहीं।

  4. शुद्ध वाक्य चुनिए —

    1. (क) भीड़ में अनेकों लोग थे।
    2. (ख) भीड़ में अनेक लोग थे।
    3. (ग) भीड़ में अनेकों लोगों थे।
    4. (घ) भीड़ में अनेक लोग थी।
    उत्तर देखें

    (ख) "अनेक" स्वयं बहुवचन; "अनेकों" गलत।

  5. शुद्ध वाक्य चुनिए —

    1. (क) दही खट्टा है।
    2. (ख) दही खट्टी है।
    3. (ग) दही खट्टे हैं।
    4. (घ) दही खटास है।
    उत्तर देखें

    (क) "दही" पुल्लिंग।

  6. शुद्ध वाक्य चुनिए —

    1. (क) राम और सीता जाती हैं।
    2. (ख) राम और सीता जाता है।
    3. (ग) राम और सीता जाती है।
    4. (घ) राम और सीता जाते हैं।
    उत्तर देखें

    (घ) अलग लिंग के दो कर्ता "और" से — पुल्लिंग बहुवचन।

  7. शुद्ध वाक्य चुनिए —

    1. (क) कृपया पत्र पढ़ने की कृपा करें।
    2. (ख) कृपया पत्र पढ़ें।
    3. (ग) कृपा करके पत्र पढ़ने की कृपा करें।
    4. (घ) कृपया पत्र पढ़ने की कृपया करें।
    उत्तर देखें

    (ख) "कृपया" और "कृपा" एक साथ अनावश्यक।

  8. "वह सज्जन पुरुष है।" में अशुद्धि का कारण है —

    1. (क) लिंग
    2. (ख) वचन
    3. (ग) अनावश्यक शब्द (पुनरुक्ति)
    4. (घ) कारक
    उत्तर देखें

    (ग) "सज्जन" में ही "जन" (पुरुष) है।

  9. "मैं जानता हूँ कि वह ईमानदार है।" वाक्य है —

    1. (क) मिश्र
    2. (ख) संयुक्त
    3. (ग) सरल
    4. (घ) विधानवाचक सरल
    उत्तर देखें

    (क) प्रधान उपवाक्य + "कि" वाला संज्ञा उपवाक्य।

  10. "वह आया और चला गया।" वाक्य है —

    1. (क) सरल
    2. (ख) संदेहवाचक
    3. (ग) मिश्र
    4. (घ) संयुक्त
    उत्तर देखें

    (घ) दो स्वतंत्र उपवाक्य "और" से जुड़े।

  11. "जो लड़का कल आया था, वह मेरा भाई है।" में रेखांकित उपवाक्य है —

    1. (क) संज्ञा उपवाक्य
    2. (ख) विशेषण उपवाक्य
    3. (ग) क्रियाविशेषण उपवाक्य
    4. (घ) प्रधान उपवाक्य
    उत्तर देखें

    (ख) "जो" से शुरू, "लड़का" की विशेषता।

  12. "जब वर्षा हुई, तब किसान खुश हुए।" में आश्रित उपवाक्य है —

    1. (क) संज्ञा
    2. (ख) विशेषण
    3. (ग) क्रियाविशेषण
    4. (घ) संयुक्त
    उत्तर देखें

    (ग) "जब" — समय बताता है।

  13. "वह परिश्रम करके सफल हुआ।" वाक्य है —

    1. (क) सरल
    2. (ख) संयुक्त
    3. (ग) मिश्र
    4. (घ) संकेतवाचक
    उत्तर देखें

    (क) एक मुख्य क्रिया; "करके" पूर्वकालिक।

  14. "ईश्वर आपको लंबी आयु दे।" — अर्थ के आधार पर वाक्य?

    1. (क) आज्ञावाचक
    2. (ख) विधानवाचक
    3. (ग) संदेहवाचक
    4. (घ) इच्छावाचक
    उत्तर देखें

    (घ) कामना/आशीर्वाद।

  15. "शायद आज वह आए।" — अर्थ के आधार पर वाक्य?

    1. (क) संदेहवाचक
    2. (ख) इच्छावाचक
    3. (ग) निषेधवाचक
    4. (घ) संकेतवाचक
    उत्तर देखें

    (क) "शायद" — संदेह/संभावना।

  16. "यदि तुम मेहनत करते तो पास हो जाते।" — वाक्य का भेद?

    1. (क) इच्छावाचक
    2. (ख) संकेतवाचक
    3. (ग) संदेहवाचक
    4. (घ) आज्ञावाचक
    उत्तर देखें

    (ख) एक काम दूसरे पर निर्भर।

  17. "राम ने रोटी खाई।" में क्रिया "खाई" किसके अनुसार है?

    1. (क) कर्ता
    2. (ख) कर्म
    3. (ग) दोनों
    4. (घ) किसी के नहीं
    उत्तर देखें

    (ख) कर्ता के साथ "ने", कर्म चिह्न-रहित।

  18. शुद्ध पदक्रम वाला वाक्य कौन-सा है?

    1. (क) एक पानी का गिलास लाओ।
    2. (ख) पानी गिलास का एक लाओ।
    3. (ग) गिलास एक पानी का लाओ।
    4. (घ) पानी का एक गिलास लाओ।
    उत्तर देखें

    (घ) "एक" गिलास का विशेषण है।

  19. डॉ॰, प्रो॰ जैसे संक्षिप्त रूपों में कौन-सा चिह्न लगता है?

    1. (क) योजक
    2. (ख) लाघव
    3. (ग) हंसपद
    4. (घ) निर्देशक
    उत्तर देखें

    (ख) लाघव चिह्न (॰)।

  20. "हे प्रभु! दया करो।" में "!" किस लिए है?

    1. (क) प्रश्न
    2. (ख) संबोधन/विस्मय
    3. (ग) पूर्ण विराम
    4. (घ) उद्धरण
    उत्तर देखें

    (ख) संबोधन के बाद विस्मयादिबोधक चिह्न।

संदर्भ

ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:

  • केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार — देवनागरी लिपि एवं हिंदी वर्तनी का मानकीकरण (2024): विभक्ति-लेखन, संयुक्त क्रिया, विराम चिह्न