झारज्ञान

पत्र 1 · हिंदी भाषा ज्ञान · अध्याय 8

लिंग और वचन

शब्द पुरुष-जाति का है या स्त्री-जाति का, और एक का बोध कराता है या अनेक का। परीक्षा में 'शुद्ध लिंग वाला वाक्य', 'स्त्रीलिंग रूप' और 'बहुवचन रूप' सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं।

अंतिम अपडेट: 2026-10-14

इस अध्याय में
  1. लिंग क्या है
  2. पुल्लिंग पहचानने के नियम
  3. स्त्रीलिंग पहचानने के नियम
  4. भ्रम वाले शब्द
  5. नित्य पुल्लिंग और नित्य स्त्रीलिंग
  6. लिंग परिवर्तन
  7. वचन क्या है
  8. बहुवचन बनाने के नियम
  9. सदा एकवचन, सदा बहुवचन और आदरार्थ
  10. अभ्यास प्रश्न

लिंग क्या है

संज्ञा के जिस रूप से उसके पुरुष जाति या स्त्री जाति का होने का बोध हो, उसे लिंग कहते हैं। हिंदी में दो लिंग हैं: पुल्लिंग (लड़का, घोड़ा, पहाड़) और स्त्रीलिंग (लड़की, घोड़ी, नदी)। संस्कृत में तीसरा लिंग नपुंसक भी है, पर हिंदी में नहीं।

निर्जीव शब्दों का लिंग कैसे पहचानें? सजीवों का लिंग स्वाभाविक है, पर पुस्तक, घर, पानी जैसे निर्जीवों का लिंग प्रयोग से तय होता है। सबसे आसान तरीका: शब्द के साथ "अच्छा/अच्छी" या क्रिया "गया/गई" लगाकर देखें — "अच्छी पुस्तक" (स्त्रीलिंग), "अच्छा घर" (पुल्लिंग)। नीचे के नियम परीक्षा में बिना संदेह के उत्तर देने में मदद करते हैं।

पुल्लिंग पहचानने के नियम

वर्गउदाहरणअपवाद
पर्वतों के नामहिमालय, विंध्याचल, पारसनाथ, आल्प्स
सागर/महासागरहिंद महासागर, अरब सागर
देशों के नामभारत, जापान, नेपाल, चीन
ग्रहों के नामसूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, शनिपृथ्वी (स्त्रीलिंग)
दिनों के नामसोमवार, मंगलवार, रविवार
महीनों के नामचैत, वैशाख, जनवरी, मार्च
धातुएँसोना, लोहा, ताँबा, पीतलचाँदी (स्त्रीलिंग)
रत्नहीरा, मोती, पन्ना, नीलममणि (स्त्रीलिंग)
द्रव पदार्थपानी, दूध, घी, तेल, दही, शरबतचाय, लस्सी, कॉफ़ी (स्त्रीलिंग)
अनाजगेहूँ, चावल, चना, जौ, बाजरामक्की, ज्वार, अरहर, मूँग (स्त्रीलिंग)
पेड़पीपल, बरगद, आम, नीम, शीशमइमली (स्त्रीलिंग)
शरीर के कुछ अंगसिर, हाथ, पैर, कान, गला, दाँत, बालआँख, नाक, जीभ, गर्दन, उँगली (स्त्रीलिंग)

प्रत्यय से: -त्व (महत्त्व), -पन (बचपन), -पा (बुढ़ापा), -आव (बहाव), -आवा (बुलावा), -खाना (डाकखाना), -दान (कलमदान), -आर (सुनार) वाले शब्द प्रायः पुल्लिंग।

स्त्रीलिंग पहचानने के नियम

वर्गउदाहरणअपवाद
नदियों के नामगंगा, यमुना, स्वर्णरेखा, कोयल (नदी)सिंधु, ब्रह्मपुत्र, दामोदर, सोन (पुल्लिंग — नद)
भाषाएँ और बोलियाँहिंदी, अंग्रेज़ी, कुरमाली, संथाली, खोरठा
लिपियाँदेवनागरी, रोमन, ओलचिकी
तिथियाँप्रतिपदा, पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी
नक्षत्रअश्विनी, रोहिणी, भरणी
खाने-पीने की कुछ चीज़ेंरोटी, दाल, सब्ज़ी, खीर, पूड़ी, चायभात, हलवा, पराठा (पुल्लिंग)

प्रत्यय से: -ता (सुंदरता), -आई (लड़ाई), -आवट (सजावट), -आहट (घबराहट), -ति (गति), -इया (डिबिया), -ई (गरमी, हँसी), -नी (चटनी), -आस (मिठास), -इमा (लालिमा) वाले शब्द प्रायः स्त्रीलिंग।

-ई वाला हर शब्द स्त्रीलिंग नहीं पानी, घी, दही, मोती, हाथी, आदमी, धोबी, माली — इनमें -ई होते हुए भी ये पुल्लिंग हैं। केवल अंतिम वर्ण देखकर लिंग तय न करें।

भ्रम वाले शब्द

ये शब्द सबसे ज़्यादा गलत प्रयोग होते हैं और परीक्षा में बार-बार आते हैं:

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
दही, घी, पानी, मोती, हाथी, आदमी, सिर, पंख, पहाड़, पलंग, ताला, शरीर, प्राण, विद्यालय, मकान, देश, नाम, नमक, अचार, कपड़ा, चावल, समाचार, शहद, आँसू, बादल, पुरस्कार, अपराध, अनुरोध, आशीर्वाद, उपहार, कंबल, गुलाब, जूता, दर्शन, प्रश्न, यत्न, विचार, स्वागत, संदेश, हस्ताक्षर, होशआत्मा, आयु, वायु, ओस, शपथ, विनय, दृष्टि, सामग्री, चर्चा, पुस्तक, कलम, सड़क, सरकार, जनता, मृत्यु, आँख, आवाज़, गेंद, बर्फ़, चाय, मेज़, कुर्सी, आग, हवा, बात, चाँदी, राह, सलाह, सौगंध, तलवार, वर्षा, ईंट, क़सम, मूँछ, साँस, धूप, छाया, लहर, खोज, जीत, हार (पराजय), देह, नींव
एक शब्द, दो लिंग, दो अर्थ हार — पुल्लिंग: माला ("सुंदर हार"); स्त्रीलिंग: पराजय ("उसकी हार हुई")। कल — पुल्लिंग: आने/बीते दिन; स्त्रीलिंग: मशीन/चैन ("कल-पुर्ज़े", "दिल को कल न पड़ी")। टीका — पुल्लिंग: तिलक; स्त्रीलिंग (टीका = व्याख्या): "रामायण की टीका"।

नित्य पुल्लिंग और नित्य स्त्रीलिंग

कुछ प्राणिवाचक शब्द हमेशा एक ही लिंग में रहते हैं; दूसरा लिंग बताने के लिए आगे "नर" या "मादा" लगाते हैं:

नित्य पुल्लिंगनित्य स्त्रीलिंग
मच्छर, खटमल, कौआ, उल्लू, गीदड़, भेड़िया, चीता, खरगोश, जिराफ़, बाज़ — "मादा मच्छर"मक्खी, कोयल, मछली, छिपकली, मैना, गिलहरी, तितली, चील, दीमक — "नर मक्खी"

लिंग परिवर्तन (पुल्लिंग → स्त्रीलिंग)

नियमउदाहरण
-आ → -ईलड़का → लड़की, घोड़ा → घोड़ी, नाना → नानी, बेटा → बेटी, मामा → मामी
अंत में -ई जोड़करदेव → देवी, पुत्र → पुत्री, ब्राह्मण → ब्राह्मणी, हिरन → हिरनी
-इयाबूढ़ा → बुढ़िया, चूहा → चुहिया, कुत्ता → कुतिया, बेटा → बिटिया, डिब्बा → डिबिया
-इनधोबी → धोबिन, माली → मालिन, सुनार → सुनारिन, नाग → नागिन, बाघ → बाघिन
-नीशेर → शेरनी, मोर → मोरनी, ऊँट → ऊँटनी, जाट → जाटनी
-आनीसेठ → सेठानी, देवर → देवरानी, नौकर → नौकरानी, जेठ → जेठानी, इंद्र → इंद्राणी, भव → भवानी
-आइनपंडित → पंडिताइन, ठाकुर → ठकुराइन, चौबे → चौबाइन, बाबू → बबुआइन
-आ (तत्सम)छात्र → छात्रा, बाल → बाला, सुत → सुता, प्रिय → प्रिया, शिष्य → शिष्या, आचार्य → आचार्या
-अक → -इकालेखक → लेखिका, गायक → गायिका, बालक → बालिका, अध्यापक → अध्यापिका, पाठक → पाठिका, सेवक → सेविका
-वान → -वती, -मान → -मतीभगवान → भगवती, गुणवान → गुणवती, श्रीमान → श्रीमती, बुद्धिमान → बुद्धिमती
-ता → -त्रीदाता → दात्री, नेता → नेत्री, धाता → धात्री, अभिनेता → अभिनेत्री, कवि → कवयित्री
बिल्कुल अलग शब्दपिता → माता, राजा → रानी, पुरुष → स्त्री, भाई → बहन, ससुर → सास, वर → वधू, साधु → साध्वी, विद्वान → विदुषी, सम्राट → सम्राज्ञी, नर → नारी, बैल → गाय, युवक → युवती, बादशाह → बेगम, मर्द → औरत, बिलाव → बिल्ली
सबसे ज़्यादा गलत होने वाले कवि → कवयित्री (कवियत्री नहीं) · विद्वान → विदुषी (विद्वानी नहीं) · सम्राट → सम्राज्ञी · साधु → साध्वी · तपस्वी → तपस्विनी · यशस्वी → यशस्विनी · स्वामी → स्वामिनी · हाथी → हथिनी · तेली → तेलिन।

वचन क्या है

संज्ञा के जिस रूप से एक या अनेक का बोध हो, उसे वचन कहते हैं। हिंदी में दो वचन हैं: एकवचन (लड़का, किताब) और बहुवचन (लड़के, किताबें)। संस्कृत में द्विवचन भी है, हिंदी में नहीं।

बहुवचन बनाने के नियम

विभक्ति-रहित (मूल) रूप

शब्द का प्रकारनियमउदाहरण
आकारांत पुल्लिंगआ → एलड़का → लड़के, कमरा → कमरे, बेटा → बेटे, घोड़ा → घोड़े
अन्य पुल्लिंगकोई परिवर्तन नहींबालक → बालक, घर → घर, हाथी → हाथी, साधु → साधु
अकारांत स्त्रीलिंगअंत में एँबहन → बहनें, बात → बातें, पुस्तक → पुस्तकें, आँख → आँखें
इ/ई-कारांत स्त्रीलिंगइयाँलड़की → लड़कियाँ, नदी → नदियाँ, रीति → रीतियाँ, तिथि → तिथियाँ
या-अंत स्त्रीलिंगचंद्रबिंदु लगाकर याँचिड़िया → चिड़ियाँ, गुड़िया → गुड़ियाँ, बुढ़िया → बुढ़ियाँ
आ/उ/ऊ/औ-अंत स्त्रीलिंगएँमाता → माताएँ, कथा → कथाएँ, वस्तु → वस्तुएँ, बहू → बहुएँ, गौ → गौएँ
संस्कृत के आकारांत पुल्लिंग पिता, राजा, देवता, नेता, योद्धा, दाता, चाचा, मामा जैसे संबंध/पदवाचक आकारांत पुल्लिंग शब्द बहुवचन में नहीं बदलते: "चार राजा आए", "मेरे चाचा आए"। ("राजे" गलत)।

विभक्ति-सहित (तिर्यक) रूप

बहुवचन में विभक्ति लगने पर: -ओं (लड़कों को, घरों में, बहनों से, माताओं का) और इ/ई-अंत में -यों (लड़कियों को, नदियों में)। संबोधन में अनुस्वार हट जाता है: "बच्चो!", "भाइयो और बहनो!"

समूहवाचक शब्द जोड़कर

गण (छात्रगण, अध्यापकगण), वर्ग (पाठकवर्ग), जन (गुरुजन, बंधुजन), लोग (आप लोग), वृंद (मित्रवृंद), दल (सेनादल), समूह (जनसमूह)। ध्यान दें: इनके साथ शब्द को बहुवचन में नहीं बदलते — "छात्रगण" (छात्रोंगण नहीं)।

सदा एकवचन, सदा बहुवचन और आदरार्थ

वर्गशब्द
सदा एकवचन (द्रव्य, भाव, समूह)जनता, पानी, दूध, घी, सोना, आकाश, प्रेम, क्रोध, सत्य, भीड़, सामान, वर्षा — "जनता नाराज़ है" (हैं नहीं)
सदा बहुवचनप्राण, होश, दर्शन, हस्ताक्षर, आँसू, लोग, समाचार — "उसके प्राण निकल गए", "आपके दर्शन हुए"
आदरार्थ बहुवचनआदरणीय व्यक्ति के लिए एकवचन संज्ञा के साथ बहुवचन क्रिया: "पिताजी आए हैं।", "गुरुजी पढ़ा रहे हैं।", "प्रधानमंत्री बोले।"
अहंकार/बड़प्पन में"हम" एक व्यक्ति के लिए: "हम कल आएँगे" (वक्ता अकेला)
"जनता" और "भीड़" समूहवाचक होने पर भी ये एकवचन हैं: "जनता चाहती है", "भीड़ जमा हो गई"। बहुवचन बनाना हो तो "भीड़ें" (अलग-अलग भीड़)।

अभ्यास प्रश्न

उत्तर देखने के लिए "उत्तर देखें" पर टैप करें।

  1. हिंदी में कितने लिंग होते हैं?

    1. (क) एक
    2. (ख) दो
    3. (ग) तीन
    4. (घ) चार
    उत्तर देखें

    (ख) पुल्लिंग और स्त्रीलिंग; नपुंसक लिंग संस्कृत में है।

  2. इनमें से पुल्लिंग शब्द कौन-सा है?

    1. (क) ओस
    2. (ख) चाय
    3. (ग) आत्मा
    4. (घ) दही
    उत्तर देखें

    (घ) "दही खट्टा है" — पुल्लिंग। बाकी स्त्रीलिंग।

  3. इनमें से स्त्रीलिंग शब्द कौन-सा है?

    1. (क) आयु
    2. (ख) मोती
    3. (ग) पानी
    4. (घ) सिर
    उत्तर देखें

    (क) "लंबी आयु" — स्त्रीलिंग।

  4. ग्रहों के नाम पुल्लिंग होते हैं; इसका अपवाद है —

    1. (क) मंगल
    2. (ख) शनि
    3. (ग) पृथ्वी
    4. (घ) बुध
    उत्तर देखें

    (ग) पृथ्वी स्त्रीलिंग है।

  5. इनमें से किस नदी का नाम पुल्लिंग है?

    1. (क) गंगा
    2. (ख) यमुना
    3. (ग) ब्रह्मपुत्र
    4. (घ) कावेरी
    उत्तर देखें

    (ग) ब्रह्मपुत्र, सिंधु, दामोदर, सोन — नद (पुल्लिंग)।

  6. "मक्खी" किस प्रकार का शब्द है?

    1. (क) नित्य पुल्लिंग
    2. (ख) नपुंसक
    3. (ग) उभयलिंगी
    4. (घ) नित्य स्त्रीलिंग
    उत्तर देखें

    (घ) सदा स्त्रीलिंग; पुरुष जाति के लिए "नर मक्खी"।

  7. "कवि" का स्त्रीलिंग है —

    1. (क) कवयित्री
    2. (ख) कवियित्री
    3. (ग) कवियत्री
    4. (घ) कविनी
    उत्तर देखें

    (क) कवयित्री।

  8. "विद्वान" का स्त्रीलिंग है —

    1. (क) विद्वानी
    2. (ख) विदुषी
    3. (ग) विद्वती
    4. (घ) विद्यावती
    उत्तर देखें

    (ख) विदुषी।

  9. "सम्राट" का स्त्रीलिंग रूप है —

    1. (क) सम्राटनी
    2. (ख) सम्राज्ञी
    3. (ग) साम्राज्ञी
    4. (घ) सम्राटी
    उत्तर देखें

    (ख) सम्राज्ञी।

  10. "लेखक" का स्त्रीलिंग है —

    1. (क) लेखकनी
    2. (ख) लेखिकी
    3. (ग) लेखनी
    4. (घ) लेखिका
    उत्तर देखें

    (घ) -अक → -इका।

  11. "श्रीमान" का स्त्रीलिंग है —

    1. (क) श्रीमती
    2. (ख) श्रीमानी
    3. (ग) श्रीवती
    4. (घ) श्रीमतिनी
    उत्तर देखें

    (क) -मान → -मती।

  12. "हार" शब्द "पराजय" के अर्थ में किस लिंग में है?

    1. (क) पुल्लिंग
    2. (ख) स्त्रीलिंग
    3. (ग) दोनों
    4. (घ) कोई नहीं
    उत्तर देखें

    (ख) "उसकी हार हुई" — स्त्रीलिंग; माला के अर्थ में पुल्लिंग।

  13. हिंदी में वचन कितने हैं?

    1. (क) एक
    2. (ख) दो
    3. (ग) तीन
    4. (घ) चार
    उत्तर देखें

    (ख) एकवचन और बहुवचन; द्विवचन संस्कृत में।

  14. "लड़की" का बहुवचन है —

    1. (क) लड़कीएँ
    2. (ख) लड़कीयाँ
    3. (ग) लड़कियां
    4. (घ) लड़कियाँ
    उत्तर देखें

    (घ) ई-कारांत स्त्रीलिंग → इयाँ (चंद्रबिंदु सहित)।

  15. "वस्तु" का बहुवचन है —

    1. (क) वस्तुएँ
    2. (ख) वस्तुयें
    3. (ग) वस्तुओं
    4. (घ) वस्तुयाँ
    उत्तर देखें

    (क) उ-कारांत स्त्रीलिंग → एँ।

  16. इनमें से कौन-सा शब्द बहुवचन में नहीं बदलता?

    1. (क) लड़का
    2. (ख) कमरा
    3. (ग) राजा
    4. (घ) घोड़ा
    उत्तर देखें

    (ग) संस्कृत के संबंध/पदवाचक आकारांत पुल्लिंग (राजा, पिता, देवता) नहीं बदलते।

  17. इनमें से सदा बहुवचन में प्रयुक्त शब्द है —

    1. (क) जनता
    2. (ख) प्राण
    3. (ग) पानी
    4. (घ) भीड़
    उत्तर देखें

    (ख) "प्राण निकल गए" — सदा बहुवचन।

  18. शुद्ध वाक्य कौन-सा है?

    1. (क) जनता नाराज़ हैं।
    2. (ख) जनता नाराज़ हो गईं।
    3. (ग) जनताएँ नाराज़ है।
    4. (घ) जनता नाराज़ है।
    उत्तर देखें

    (घ) "जनता" सदा एकवचन।

  19. "पिताजी कल आए थे।" में बहुवचन क्रिया का कारण है —

    1. (क) पिता बहुत हैं
    2. (ख) आदर
    3. (ग) व्याकरण की गलती
    4. (घ) भूतकाल
    उत्तर देखें

    (ख) आदरार्थ बहुवचन।

  20. संबोधन में "बच्चों" का शुद्ध रूप है —

    1. (क) बच्चों!
    2. (ख) बच्चो!
    3. (ग) बच्चे!
    4. (घ) बच्चें!
    उत्तर देखें

    (ख) संबोधन बहुवचन में अनुस्वार हट जाता है।

साथ में पढ़ेंउपसर्ग और प्रत्यय (स्त्रीलिंग प्रत्यय) · संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण