झारज्ञान

पत्र 2 · जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (कुरमाली) · अध्याय 2

कुरमाली शब्द विचार, संज्ञा और शब्द-स्रोत (साड़ा, आंगा)

कुरमाली · कुड़माली · Kurmali · Kudmali

शब्द (साड़ा) क्या है, कौन-से शब्द बदलते हैं और कौन-से नहीं, संज्ञा (आंगा) के पाँच भेद, और कुरमाली में किन-किन भाषाओं से शब्द आए हैं।

अंतिम अपडेट: 2026-10-14

इस अध्याय में
  1. शब्द (साड़ा)
  2. साड़ा के रकम: विकारी और अविकारी
  3. संज्ञा (आंगा) के 5 भेद
  4. कुरमाली के शब्द-स्रोत
  5. पारिभाषिक शब्दावली
  6. अभ्यास प्रश्न

शब्द (साड़ा)

शब्द (साड़ा) का मूल ध्वनि (धमस) है। सुनाई देने वाले धमसों के जुड़ाव से साड़ा बनता है, पर उसमें अर्थ (अरथ / माने) होना ज़रूरी है। ग्रंथ में शब्द-विचार को सबद फाड़न भी कहा गया है।

ग्रंथ यह दोहा उद्धृत करता है: "जो सुनि परै सो शब्द है, समुझि परै सो अर्थ।" — जो सुना जाए वह शब्द, जो समझा जाए वह अर्थ।

शब्द और पद: जब साड़ा में कारक (परिक), लिंग, वचन (लेखा), पुरुष (झन) और काल (बेरा) बताने वाले अंश जुड़ जाते हैं और वह वाक्य में प्रयोग होता है, तब उसे पद कहते हैं।
भेदपहचानउदाहरण
सार्थक (वर्णात्मक)जिसे लिखा जा सके और जिसका अर्थ होआम, कलम, नदी
निरर्थक (ध्वन्यात्मक)केवल सुनाई देने वाली ध्वनि, जिसे लिखा न जा सके या जिसका अर्थ न होजहाज़ की आवाज़, रेलगाड़ी की आवाज़

व्याकरण में केवल सार्थक शब्दों का विचार होता है।

साड़ा के रकम: विकारी और अविकारी

भेदपहचानउदाहरण
विकारी साड़ाजिनका रूप (गढ़न) बदलता हैतरा–तहरा, मोंय–मके, जावा–जाहिस/जात, नाच–नाचेइया, झूमर–झूमरिया, भादर–भादरिया
अविकारी साड़ा (तामान)जिनका रूप कभी नहीं बदलताआचाकाइ, रसे-रसे, दमतक, दमें, आबगा, बेस, मनेक
विकारी साड़ा के चार भेदकुरमाली नामEnglish
संज्ञाआंगाNoun
सर्वनामअउजिPronoun
विशेषणगुनिनAdjective
क्रियासरानVerb
याद रखेंअव्यय = तामान। विकारी के चार नाम एक साथ: आंगा – अउजि – गुनिन – सरान।

संज्ञा (आंगा) के 5 भेद

किसी प्राणी, वस्तु, गुण, काम या भाव के नाम को संज्ञा (आंगा) कहते हैं। (ग्रंथ डॉ. भोलानाथ तिवारी की परिभाषा उद्धृत करता है।)

हिंदी नामकुरमाली नामपहचानउदाहरण
व्यक्तिवाचकझेनगी बाचीएक ही व्यक्ति, स्थान या जीव का नामजेठू, सबरनाखा, राँची, पइना पाहाड़
जातिवाचकगठ बाचीपूरी जाति का बोधगरू, डांगर, गाछ, नेदी
समूहवाचकडिंगबाचीवस्तुओं के समूह/झुंड का नाममेला, हाट, आसर, डिंग, कुधा, घउद, गादा, डाब, थंप, हुजा
द्रव्यवाचकदेरिब बाचीनापी या तौली जाने वाली वस्तुतेल, दूध, चाउर, धान, रूपा, पीतर
भाववाचकगुनिन बाची / घेइर बाचीदशा, गुण, भावदालिदर, फेदान, आवसान, लुइर, खमा, चज, ठांढ़ा, गरम
भ्रम से बचेंगुनिन अकेले = विशेषण, पर गुनिन बाची = भाववाचक संज्ञा। डिंग (समूह) शब्द स्वयं समूहवाचक संज्ञा का उदाहरण भी है और उसके नाम (डिंगबाची) में भी है।
शब्दों के अर्थ गरू = गाय-बैल, गाछ = पेड़, नेदी = नदी, चाउर = चावल, रूपा = चाँदी, पीतर = पीतल, हाट = बाज़ार, खमा = क्षमा, दालिदर = दरिद्रता।

कुरमाली के शब्द-स्रोत

ग्रंथ के अनुसार कुरमाली के शब्द छह स्रोतों से आए हैं:

  1. आग्नेय (आस्ट्रिक) भाषा-परिवार — झारखंड में इस परिवार की भाषाएँ: मुण्डारी, संताली, हो और खड़िया।
  2. द्रविड़ भाषा-परिवार — मुख्यतः कुड़ुख से।
  3. तत्सम और अर्द्ध तत्सम
  4. तद्भव
  5. देशज
  6. विदेशज — अरबी, फ़ारसी, अंग्रेज़ी।
स्रोतउदाहरण (ग्रंथ से)
मुण्डारीहाही, आरना, उलुङ, डाङ, गादर, सिठा, हातु; क्रियाएँ: अगरा, कुरकुचा, छिनगा, जबड़ा, फुचका, सलगा, हिचका
संतालीआंगरा, पाइड़, हाटिङ, बाखरा, लेलहा, ठेला, साड़ा, चाली, डहर, आउसान, गिदर; क्रियाएँ: आकता, बीड़ा, नेहर, धिपा, दाँड़ा, गादा
होआँटा, ऊँड़ु, उरि, कयो, गाबा, गुचा, गुता, चबड़ो, डिडि, बुड़ा, भिड़का
खड़ियाहिसिंगा, नुनू, रूगड़ी, ठर, ढोढ़र, कोचा, चिड़रा, घोरना, चुटिया
कुड़ुख (द्रविड़)पोटा, खांड़ा, आचाकाइ, जिधहा, टेमरस, छेऊ, इरा, ढिपा, खाँधा, सँपड़ा, असाइर, लेबदा, लोटो, सरजाम, लबरो; क्रियाएँ: गुड़िया, जहना, आड़हा, हुचका, उलगा, उड़िया, जमका, टसका, जहड़ा, धुंका, घसड़ा, छितरा, संभड़ा
तत्समकवि, गदा, जल, जीव, नदी, न्याय, मन
अर्द्ध तत्समधरम, करम, चूरन, गेयान, किरपा, कारज
तद्भवआइग, आधा, घार, गाँव, सांझ, सवा, थन, हाथ, कपूर, मन्तर, लगन, सुरूज, बाछा
देशजलुगा, आहे, आरदास, गुवा, कउड़ी, जूता, पगड़ी
अरबीइजमाल, ओहदार, कुन्दा, खातिर, खाली, तालेबर, मुलकि, हया, सबुर, वाजिब, मातबर, काहिल, खेयानत, एवजी
फ़ारसीआन्दाज, आसते-आसते, जेनी, दागी, दादन, धूर, परगना, बदी, बेजार, मुरदार, मादा, सूद
अंग्रेज़ीटिकिट, सिलेट, लालटेन, डाकटर, हांसपाताल, जेहेल, टिसन, रेल, डाइवर

इनके अलावा मराठी, पंजाबी, भोजपुरी, मगही, मैथिली, बांग्ला, असमिया और ओड़िया के शब्द भी कुरमाली में मिले हैं, और संस्कृत के बहुत-से शब्द कुरमाली ने अपने ढंग से बदलकर अपना लिए हैं।

ग्रियर्सन का कथन: ग्रंथ के अनुसार डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन ने कुरमाली के बारे में कहा था — "कुरमाली विचित्र भूभाग के विचित्र लोगों की भाषा है।"
परीक्षा का जालकुड़ुख द्रविड़ परिवार की भाषा है, आग्नेय (आस्ट्रिक) की नहीं। मुण्डारी, संताली, हो, खड़िया — आग्नेय।

पारिभाषिक शब्दावली

हिंदीकुरमालीEnglish
शब्दसाड़ाWord
शब्द-विचारसबद फाड़नMorphology
अर्थअरथ / मानेMeaning
अव्ययतामानIndeclinable
संज्ञाआंगाNoun
व्यक्तिवाचकझेनगी बाचीProper noun
जातिवाचकगठ बाचीCommon noun
समूहवाचकडिंगबाचीCollective noun
द्रव्यवाचकदेरिब बाचीMaterial noun
भाववाचकगुनिन बाची / घेइर बाचीAbstract noun

अभ्यास प्रश्न

  1. कुरमाली में "शब्द" को क्या कहते हैं?

    1. (क) टुम
    2. (ख) साड़ा
    3. (ग) आखड़
    4. (घ) धमस
    उत्तर देखें

    (ख) साड़ा = शब्द।

  2. शब्द (साड़ा) का मूल क्या है?

    1. (क) ध्वनि (धमस)
    2. (ख) अर्थ
    3. (ग) वाक्य
    4. (घ) लिपि
    उत्तर देखें

    (क) ग्रंथ: साड़ा का मूल धमस।

  3. "तामान" किसे कहते हैं?

    1. (क) विकारी शब्द
    2. (ख) क्रिया
    3. (ग) संज्ञा
    4. (घ) अविकारी शब्द (अव्यय)
    उत्तर देखें

    (घ) जिसका रूप न बदले।

  4. निम्न में से कौन विकारी शब्द नहीं है?

    1. (क) आंगा
    2. (ख) अउजि
    3. (ग) तामान
    4. (घ) सरान
    उत्तर देखें

    (ग) तामान अविकारी है।

  5. व्यक्तिवाचक संज्ञा को कुरमाली में क्या कहते हैं?

    1. (क) गठ बाची
    2. (ख) झेनगी बाची
    3. (ग) डिंगबाची
    4. (घ) देरिब बाची
    उत्तर देखें

    (ख) झेनगी बाची।

  6. "गरू, डांगर, गाछ, नेदी" किस संज्ञा के उदाहरण हैं?

    1. (क) जातिवाचक (गठ बाची)
    2. (ख) व्यक्तिवाचक
    3. (ग) द्रव्यवाचक
    4. (घ) भाववाचक
    उत्तर देखें

    (क) पूरी जाति का बोध।

  7. "मेला, हाट, आसर" किस संज्ञा के उदाहरण हैं?

    1. (क) भाववाचक
    2. (ख) द्रव्यवाचक
    3. (ग) जातिवाचक
    4. (घ) समूहवाचक (डिंगबाची)
    उत्तर देखें

    (घ) समूह का नाम।

  8. "तेल, दूध, चाउर, धान" किस संज्ञा के उदाहरण हैं?

    1. (क) भाववाचक
    2. (ख) समूहवाचक
    3. (ग) द्रव्यवाचक (देरिब बाची)
    4. (घ) व्यक्तिवाचक
    उत्तर देखें

    (ग) नापी-तौली जाने वाली वस्तु।

  9. "गुनिन बाची / घेइर बाची" किस संज्ञा का कुरमाली नाम है?

    1. (क) जातिवाचक
    2. (ख) भाववाचक
    3. (ग) विशेषण
    4. (घ) समूहवाचक
    उत्तर देखें

    (ख) दशा, गुण, भाव।

  10. "सबरनाखा" (स्वर्णरेखा) किस संज्ञा का उदाहरण है?

    1. (क) व्यक्तिवाचक
    2. (ख) जातिवाचक
    3. (ग) द्रव्यवाचक
    4. (घ) समूहवाचक
    उत्तर देखें

    (क) एक विशेष नदी का नाम।

  11. कुरमाली में संज्ञा के कितने भेद बताए गए हैं?

    1. (क) 3
    2. (ख) 4
    3. (ग) 6
    4. (घ) 5
    उत्तर देखें

    (घ) झेनगी, गठ, डिंग, देरिब, गुनिन/घेइर बाची।

  12. "जो सुनि परै सो शब्द है, समुझि परै सो अर्थ" — इसमें "अर्थ" का कुरमाली शब्द है —

    1. (क) आखड़
    2. (ख) धमस
    3. (ग) माने / अरथ
    4. (घ) पद
    उत्तर देखें

    (ग) अरथ / माने।

  13. जहाज़ या रेलगाड़ी की आवाज़ किस प्रकार का शब्द है?

    1. (क) सार्थक
    2. (ख) निरर्थक (ध्वन्यात्मक)
    3. (ग) विकारी
    4. (घ) तत्सम
    उत्तर देखें

    (ख) केवल ध्वनि, अर्थ नहीं।

  14. कुड़ुख भाषा किस भाषा-परिवार की है?

    1. (क) द्रविड़
    2. (ख) आग्नेय (आस्ट्रिक)
    3. (ग) आर्य
    4. (घ) तिब्बती-बर्मी
    उत्तर देखें

    (क) ग्रंथ में द्रविड़ परिवार से आए शब्द कुड़ुख के हैं।

  15. निम्न में से कौन आग्नेय परिवार की भाषा नहीं है?

    1. (क) मुण्डारी
    2. (ख) संताली
    3. (ग) हो
    4. (घ) कुड़ुख
    उत्तर देखें

    (घ) कुड़ुख द्रविड़।

  16. "धरम, करम, गेयान, किरपा" किस प्रकार के शब्द हैं?

    1. (क) तत्सम
    2. (ख) देशज
    3. (ग) अर्द्ध तत्सम
    4. (घ) विदेशज
    उत्तर देखें

    (ग) संस्कृत शब्दों के थोड़े बदले रूप।

  17. "टिसन, डाकटर, लालटेन" किस भाषा से आए शब्द हैं?

    1. (क) अरबी
    2. (ख) अंग्रेज़ी
    3. (ग) फ़ारसी
    4. (घ) पुर्तगाली
    उत्तर देखें

    (ख) स्टेशन, डॉक्टर, लालटेन।

  18. "कुरमाली विचित्र भूभाग के विचित्र लोगों की भाषा है" — ग्रंथ के अनुसार यह किसका कथन है?

    1. (क) डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन
    2. (ख) डॉ. भोलानाथ तिवारी
    3. (ग) पं. किशोरीदास वाजपेयी
    4. (घ) कामताप्रसाद गुरु
    उत्तर देखें

    (क) ग्रंथ में ग्रियर्सन का कथन उद्धृत।

  19. "झूमर–झूमरिया" किस प्रकार के शब्द-परिवर्तन का उदाहरण है?

    1. (क) अविकारी
    2. (ख) तत्सम
    3. (ग) निरर्थक
    4. (घ) विकारी
    उत्तर देखें

    (घ) रूप बदला — विकारी।

  20. "आचाकाइ, रसे-रसे, दमतक" किस वर्ग के शब्द हैं?

    1. (क) आंगा
    2. (ख) सरान
    3. (ग) तामान (अविकारी)
    4. (घ) अउजि
    उत्तर देखें

    (ग) ग्रंथ के अविकारी साड़ा के उदाहरण।

संदर्भ

ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:

  • डॉ. हरदेव नारायण सिंह, "कुरमाली व्याकरण", झारखण्ड झरोखा, राँची, 2017 (ISBN 978-93-85595-21-9), पृ. 18–20, 49–51