पत्र 2 · जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (कुरमाली) · अध्याय 1
कुरमाली वर्ण विचार (आखड़ बिचार)
कुरमाली · कुड़माली · Kurmali · Kudmali
कुरमाली व्याकरण की नींव — आखड़ (अक्षर), धमस (वर्ण), उसरनि (स्वर) और भजानु (व्यंजन)। हिंदी शब्द कुरमाली में कैसे बदलकर बोले-लिखे जाते हैं, इसके नियम परीक्षा में सबसे अधिक पूछे जाते हैं।
अंतिम अपडेट: 2026-10-14
इस अध्याय में
व्याकरण और उसके तीन खेजा
व्याकरण = वि + आ + करण — भाषा की स्पष्ट व्याख्या। व्याकरण भाषा को सुघड़, पाकठऽ (परिपक्व) और शिष्ट बनाता है। ग्रंथ पतंजलि के महाभाष्य का वाक्य उद्धृत करता है: "लक्ष्य लक्षणे व्याकरणम्"। व्याकरण भाषा के अनुसार बनता है, भाषा व्याकरण के अनुसार नहीं।
| खेजा (अंश) | कुरमाली शब्द | हिंदी |
|---|---|---|
| 1 | आखड़ | अक्षर / वर्ण |
| 2 | साड़ा | शब्द |
| 3 | टुम | वाक्य |
क्रम: आखड़/धमस → साड़ा → टुम → भासा। भाषा की सबसे छोटी इकाई आखड़ है।
धमस और आखड़
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| धमस (वर्ण / ध्वनि) | उच्चारण का सबसे छोटा खंड |
| आखड़ (अक्षर) | बोला जा सकने वाला सबसे छोटा खंड — स्वर के बिना व्यंजन बोला नहीं जाता, इसलिए जिसका उच्चारण न हो सके वह आखड़ नहीं |
आखड़ दो प्रकार के: उसरनि (स्वर; ग्रंथ इसे आबगा राउ भी कहता है) और भजानु (व्यंजन; भजना राउ)।
स्वर (उसरनि)
हिंदी में मूल स्वर 11 माने जाते हैं, पर कुरमाली में 8 स्वर प्रयुक्त होते हैं:
- अ
- आ
- इ
- ई
- उ
- ऊ
- ए
- ओ
| आधार | भेद | स्वर |
|---|---|---|
| काल (उच्चारण-समय) | हलुक उसरनि (ह्रस्व) | अ, इ, उ |
| काल (उच्चारण-समय) | दमालु उसरनि (दीर्घ) | आ, ई, ऊ |
| बनावट | दमालु उसरनि (दीर्घ) — समान स्वरों के मेल से | अ + अ = आ, इ + इ = ई, उ + उ = ऊ |
| बनावट | भजानु उसरनि (संयुक्त) — भिन्न स्वरों के मेल से | अ + इ = ए, अ + उ = ओ |
कुरमाली स्वरों की विशेषताएँ
| विशेषता | उदाहरण (हिंदी → कुरमाली) |
|---|---|
| ह्रस्व 'इ' का प्रयोग अधिक | पुइ, दुइ |
| ऐ → अइ, औ → अउ (लिखने और बोलने दोनों में) | पैसा → पइसा, कौआ → कउआ, पैला → पइला |
| ऋ → रि | ऋण → रिन, ऋतु → रितु |
| कहीं-कहीं 'अ' के स्थान पर 'ओ' | मर–मोर, तर–तोर |
व्यंजन (भजानु)
हिंदी में 33 व्यंजन (ड़, ढ़ सहित 35) हैं। कुरमाली के व्यंजन:
| वर्ग | व्यंजन | उच्चारण-स्थान |
|---|---|---|
| क वर्ग | क ख ग घ ङ | कंठ |
| च वर्ग | च छ ज झ ञ | तालु (तारू) |
| ट वर्ग | ट ठ ड ढ (ण नहीं) + ड़ ढ़ | मूर्धा |
| त वर्ग | त थ द ध न | दाँत |
| प वर्ग | प फ ब भ म | दोनों होंठ |
| अंतःस्थ | य र ल व | — |
| ऊष्म | स ह (श, ष नहीं) | — |
| कुरमाली नाम | हिंदी नाम | व्यंजन |
|---|---|---|
| हलुक भजानु | अल्पप्राण — हर वर्ग का 1, 3, 5वाँ | क च ट त प, ग ज ड द ब |
| दमालु भजानु | महाप्राण — हर वर्ग का 2, 4था | ख छ ठ थ फ, घ झ ढ ध भ |
| नाखि भजानु | अनुनासिक | ङ ञ न म |
| आधा उसरनि | अंतःस्थ / अर्द्धस्वर — स्वर और व्यंजन के बीच | य र ल व |
| ऊष्म | उच्चारण में गर्म हवा | स ह |
उच्चारण के 12 नियम (जानेक किछु मूल काथा)
हिंदी/संस्कृत के शब्द कुरमाली में किस रूप में आते हैं — यह परीक्षा का सबसे महत्त्वपूर्ण भाग है।
| # | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1 | ङ का प्रयोग कुछ लेखक करते हैं | उलुङ, डाङ, टङ |
| 2 | ञ का प्रयोग | दिञा, चिञा, मिञा |
| 3 | आजकल ङ, ञ की जगह अनुस्वार/चंद्रबिंदु अधिक | — |
| 4 | ण → न | गुण → गुन, ऋण → रिन |
| 5 | शब्दारंभ का य → ज; बीच का य यथावत या य → अ | यमुना → जमुना, यश → जस, युग → जुग, यम → जम; सियान, पियास / सिआन, पिआस |
| 5ख | शब्दारंभ का व → ब | विवाह → बिहा, वर → बर |
| 6 | श, ष, स → स | सभी के लिए केवल स |
| 7 | संयुक्त वर्ण टूट जाते हैं | प्रभु → परभु, शब्द → सबद, ध्यान → धेयान/धेआन, कर्म → करम, धर्म → धरम, पर्व → परब, सूर्य → सुरुज |
| 8 | क्ष → ख / छ | क्षमा → खमा, अक्षर → आखड़, वर्षा → बरखा, रक्षा → रइखा, पक्षी → पाखी |
| 9 | ज्ञ → गेया/गंय | ज्ञान → गेयान |
| 10 | अकार → आकार | घर → घार, पहाड़ → पाहाड़, कथा → काथा, तमाड़ → तामाड़ |
| 11 | शब्द के बीच 'इ' का आगम | दाल → दाइल, रात → राइत, लात → लाइत, जाति → जाइत |
| 12 | ऋ → रि; ऋ, ण, ष केवल तत्सम शब्दों में | ऋतु → रितु |
पारिभाषिक शब्दावली
| हिंदी | कुरमाली | English |
|---|---|---|
| व्याकरण | बेयाकरन | Grammar |
| वर्ण / ध्वनि | धमस | Phoneme |
| अक्षर | आखड़ | Letter / Syllable |
| शब्द | साड़ा | Word |
| वाक्य | टुम | Sentence |
| स्वर | उसरनि | Vowel |
| व्यंजन | भजानु | Consonant |
| ह्रस्व स्वर | हलुक उसरनि | Short vowel |
| दीर्घ स्वर | दमालु उसरनि | Long vowel |
| अल्पप्राण | हलुक भजानु | Unaspirated |
| महाप्राण | दमालु भजानु | Aspirated |
| अनुनासिक | नाखि भजानु | Nasal |
| अर्द्धस्वर | आधा उसरनि | Semi-vowel |
अभ्यास प्रश्न
कुरमाली में कितने स्वर (उसरनि) प्रयुक्त होते हैं?
- (क) 11
- (ख) 8
- (ग) 10
- (घ) 13
उत्तर देखें
(ख) अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ओ — 8।
कुरमाली में "व्यंजन" को क्या कहते हैं?
- (क) भजानु
- (ख) उसरनि
- (ग) धमस
- (घ) आखड़
उत्तर देखें
(क) भजानु = व्यंजन।
"कलम" शब्द में कितने धमस (वर्ण) हैं?
- (क) 3
- (ख) 5
- (ग) 4
- (घ) 6
उत्तर देखें
(घ) क् + अ + ल् + अ + म् + अ।
कुरमाली में "यमुना" किस रूप में बोला जाता है?
- (क) यामुना
- (ख) यमना
- (ग) जमुना
- (घ) जामुन
उत्तर देखें
(ग) शब्दारंभ का य → ज।
"विवाह" का कुरमाली रूप है —
- (क) विहा
- (ख) बिहा
- (ग) बियाह
- (घ) बेवाह
उत्तर देखें
(ख) व → ब और संयुक्त ध्वनि सरल।
"वर्षा" का कुरमाली रूप है —
- (क) बरखा
- (ख) बरसा
- (ग) वरषा
- (घ) बरषा
उत्तर देखें
(क) व → ब, ष के साथ क्ष-जैसा परिवर्तन → ख (ग्रंथ का उदाहरण)।
"ज्ञान" का कुरमाली रूप है —
- (क) ज्ञान
- (ख) गियान
- (ग) जान
- (घ) गेयान
उत्तर देखें
(घ) ज्ञ → गेया।
"सूर्य" का कुरमाली रूप है —
- (क) सूरज
- (ख) सूर्या
- (ग) सुरुज
- (घ) सुरिय
उत्तर देखें
(ग) संयुक्त वर्ण टूटता है।
"घर" का कुरमाली रूप "घार" किस नियम का उदाहरण है?
- (क) इ का आगम
- (ख) अकार → आकार
- (ग) य → ज
- (घ) संयुक्त वर्ण का टूटना
उत्तर देखें
(ख) अ लंबा होकर आ।
"रात → राइत" किस नियम का उदाहरण है?
- (क) बीच में "इ" का आगम
- (ख) ऋ → रि
- (ग) ण → न
- (घ) क्ष → ख
उत्तर देखें
(क) मध्य में इ जुड़ता है।
कुरमाली में कौन-से ऊष्म व्यंजन प्रयुक्त होते हैं?
- (क) श, ष, स, ह
- (ख) ष, ह
- (ग) श, स
- (घ) स, ह
उत्तर देखें
(घ) श, ष → स; केवल स, ह।
"दमालु भजानु" का हिंदी अर्थ है —
- (क) अल्पप्राण
- (ख) अनुनासिक
- (ग) महाप्राण
- (घ) अर्द्धस्वर
उत्तर देखें
(ग) हर वर्ग का 2, 4था।
"नाखि भजानु" कौन-से हैं?
- (क) क च ट त प
- (ख) ङ ञ न म
- (ग) य र ल व
- (घ) स ह
उत्तर देखें
(ख) अनुनासिक।
कुरमाली में "ह्रस्व स्वर" को क्या कहते हैं?
- (क) हलुक उसरनि
- (ख) दमालु उसरनि
- (ग) भजानु उसरनि
- (घ) आधा उसरनि
उत्तर देखें
(क) हलुक = हल्का।
"पैसा" का कुरमाली रूप है —
- (क) पैसा
- (ख) पेसा
- (ग) पयसा
- (घ) पइसा
उत्तर देखें
(घ) ऐ → अइ।
कुरमाली ट वर्ग में कौन-सा व्यंजन नहीं है?
- (क) ड
- (ख) ढ
- (ग) ण
- (घ) ठ
उत्तर देखें
(ग) ण → न।
व्याकरण के तीन खेजा कौन-से हैं?
- (क) उसरनि, भजानु, धमस
- (ख) आखड़, साड़ा, टुम
- (ग) आंगा, अउजि, सरान
- (घ) साड़ा, आंगा, गुनिन
उत्तर देखें
(ख) अक्षर, शब्द, वाक्य।
"अक्षर" का कुरमाली रूप "आखड़" किन दो नियमों का उदाहरण है?
- (क) क्ष → ख और अ → आ
- (ख) य → ज और इ का आगम
- (ग) ण → न और व → ब
- (घ) ज्ञ → गेया और ऋ → रि
उत्तर देखें
(क) अक्षर → आखड़।
य, र, ल, व को कुरमाली में क्या कहा गया है?
- (क) नाखि भजानु
- (ख) हलुक भजानु
- (ग) दमालु उसरनि
- (घ) आधा उसरनि
उत्तर देखें
(घ) अर्द्धस्वर — आधा उसरनि।
"ड़" और "ढ़" के बारे में सही कथन है —
- (क) ये शब्द के आरंभ में आते हैं
- (ख) ये कंठ्य हैं
- (ग) ये शब्द के आरंभ में नहीं आते
- (घ) ये स्वर हैं
उत्तर देखें
(ग) मूर्धन्य; आरंभ में नहीं आते।
संदर्भ
ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:
- डॉ. हरदेव नारायण सिंह, "कुरमाली व्याकरण", झारखण्ड झरोखा, राँची, 2017 (ISBN 978-93-85595-21-9), पृ. 10–17