झारज्ञान

पत्र 2 · जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (कुरमाली) · अध्याय 4

कुरमाली क्रिया और काल (सरान, बेरा)

कुरमाली · कुड़माली · Kurmali · Kudmali

कुरमाली क्रिया लिंग, वचन, पुरुष और काल — चारों के अनुसार बदलती है। यहाँ क्रिया के सभी भेद, 'होना' के रूप, निषेध के रूप और तीनों कालों के सभी भेद तालिकाओं में हैं।

अंतिम अपडेट: 2026-10-14

इस अध्याय में
  1. क्रिया (सरान) और उसकी विशेषता
  2. 'होना' के रूप और निषेध
  3. बनावट से भेद: गड़ा और मेसाल सरान
  4. करमिक और बेकरमिक सरान
  5. संयुक्त क्रिया (दहरीसरान)
  6. क्रिया के अन्य रूप
  7. क्रिया की दशाएँ (सरानेक दासा)
  8. काल (बेरा)
  9. वर्तमान काल (चलती बेरा)
  10. भूतकाल (बिती बेरा)
  11. भविष्यत् काल (आवती बेरा)
  12. पुरुष-वचन से क्रिया का रूप: एक चार्ट
  13. संज्ञा और क्रिया का परस्पर परिवर्तन
  14. पारिभाषिक शब्दावली
  15. अभ्यास प्रश्न

क्रिया (सरान) और उसकी विशेषता

जिस शब्द से काम करने या होने का बोध हो, उसे क्रिया (सरान) कहते हैं — मोहन पढ़ेइस आहे (मोहन पढ़ता है)।

कुरमाली क्रिया की सबसे बड़ी विशेषता: क्रिया लिंग के अनुसार भी बदलती है और काल (बेरा), वचन (लेखा) और पुरुष (झन / पुरूस) के अनुसार भी।

'होना' के रूप और निषेध

'होना' (हेवा) क्रिया के कई रूप हैं, और हर रूप का अर्थ थोड़ा अलग है: आहे, आहों, आहेइक, हेके, आहिस।

निषेध (बारनबाची) रूप

क्रियानिषेध रूप
हेकेइकनहेइक
हेतेइकनिहेतेइक
हेकेनहे
आहेनेखे

कुरमाली में निषेध के लिए न, ना, नि, निहिं, नेहिं, ठेपो प्रयोग होते हैं: मोंय नि खाल आहों (मैंने नहीं खाया है)।

सबसे पूछा जाने वाला"आहे" का निषेध रूप "नेखे" है (नहीं है), "नि आहे" नहीं। "हेके" का निषेध "नहे"।

बनावट से भेद: गड़ा और मेसाल सरान

भेदकुरमाली नामपहचानउदाहरण
मूल धातुगड़ा सरानजो किसी दूसरे शब्द से न बनेखा, जा, गुच, लेग, हुलुक, चुंगर, इड़िक
यौगिक धातुजड़ाल / मेसाल सरानकिसी दूसरे शब्द या प्रत्यय के मेल से बनेखा → खायेक

यौगिक धातु के तीन भेद हैं:

(क) प्रेरणार्थक क्रिया (हुड़न सरान)

जब कर्ता खुद काम न करके दूसरे से करवाए। आव, उहेन जैसे प्रत्यय जोड़कर बनती है।

मूल क्रियाप्रेरणार्थक
लेग (ले जाना)लेगवाउ / लेजावाउ / लेगआउ
कड़ा (खोदना)कड़ावहेन
करा (करना)करावहेन, करावलेन
संपड़ा (तैयार करना)संपड़ाव / संपड़ाउ

(ख) नाम धातु (आंगिक सरान / सिरजान सरान)

संज्ञा, विशेषण या अव्यय से बनने वाली क्रिया।

आधारशब्दबनी क्रिया
संज्ञा (आंगा)हाथहेथिआउ / हेथिआव / हेथियावल
संज्ञा (आंगा)लाइत (लात)लेथिआव / लेथिआउ / लेथियावल
संज्ञा (आंगा)डहर (रास्ता)डहराव / डहराउ / डहरावल
विशेषण (गुनिन)चिकनचिकनाव / चिकनाउ / चिकनावल
विशेषण (गुनिन)आगुआगुआव / आगुआउ / आगुवावल
विशेषण (गुनिन)पेछुपेछुआव / पेछुआउ
अव्यय (तामान)उपरउपरिया

(ग) अनुकरण धातु (बे-सरा सरान)

ध्वनि की नकल वाले शब्दों से: ठकठक → ठकठकाव / ठकठाउ, हिरहिरी → हिरहिराव / हिरहिराउ।

भविष्यत् के प्रत्यय: भविष्यत् काल में म और ब प्रत्यय जुड़ते हैं: जाम, जाब, खाब, खेलब।

सहायक क्रिया (सता सरान) मुख्य क्रिया के साथ आती है: जेठुइं पथि पढ़ेइस आहे। ओंय घार जाइस आहे।

करमिक और बेकरमिक सरान

भेदकुरमाली नामपहचानउदाहरण
सकर्मककरमिक सरानक्रिया का फल कर्म परचइतुइं पथि पढ़ेइस आहे। ओंय टेमरस खाहेन।
अकर्मकबेकरमिक सरानक्रिया का फल कर्ता पर हीदामड़ाटा इड़के साहे। रितु संड़गेइस। लुखरी गिजड़ेइस।

ग्रंथ के अनुसार इड़का, गिजड़ा, संड़गा, कांदा, बसा बेकरमिक (अकर्मक) सरान हैं। गिजड़ा = हँसना, संड़गा = सोना।

संयुक्त क्रिया (दहरीसरान)

जब दो मूल क्रियाएँ मिलकर एक क्रिया का काम करें: फगु कांदे लागल, ओंय चली गेल, रितुइं ढाढाइ देलेइक।

भेदउदाहरण (ग्रंथ से)हिंदी
आरंभबोधककांदे लागल; खेले लागलरोने लगा; खेलने लगा
समाप्तिबोधककमलाइं खाल हेती; रामे काम करल हेतकमला खा चुकी होगी; राम काम कर चुका होगा
अनुमतिबोधकमके जाइ दे; मके पढ़े नि देलमुझे जाने दो; मुझे पढ़ने नहीं दिया
आवश्यकताबोधकमके घारे काम करे हेइ; बेटी छवा के पढ़ा चाहीमुझे घर में काम करना पड़ता है; लड़कियों को पढ़ना चाहिए
इच्छाबोधकओंय आवे खजेइसवह आना चाहता है
शक्तिबोधकओंय चले पारेइ; तोंय पढ़े पारिसवह चल सकता है; तुम पढ़ सकते हो
निश्चयबोधकजेठु जागी गेल; फागु चली गेलजेठु जाग गया; फागु चला गया
नित्यताबोधकबासात बहे लागलेइक; धान फूटे लागलेइकहवा चलने लगी है; धान फलने लगा है
अवकाशबोधकओंय जाइ नि पावल; तोंय खेले नि पावलेवह नहीं जाने पाया; तुम नहीं खेल पाए
पुनरुक्तिओंय नित आवा-जावा करेइ; मर अकर संग उठा-बसा नि हेकवह रोज़ आया-जाया करता है; मेरा उसके साथ उठना-बैठना नहीं है
पहचान के संकेतलागल = लगा (आरंभ), पारेइ / पारिस = सकता (शक्ति), खजेइस = चाहता (इच्छा), चाही = चाहिए (आवश्यकता), नि पावल = न पाया (अवकाश)।

क्रिया के अन्य रूप (सरानेक दसर गढ़न)

रूपकुरमाली नामउदाहरणहिंदी
पूर्वकालिक क्रियाबेसरा सरानओंय पढ़ी के घार चली गेल। छवाटा हाबु हेइके भात खाताक।वह पढ़कर घर चला गया। लड़का नहाकर भात खाएगा।
क्रियार्थक संज्ञासरान आंगाअकर गिजड़ाटा मके बेस नि लागली। दिने संड़गा बेस ना लागेइक।उसका हँसना मुझे अच्छा नहीं लगा। दिन में सोना अच्छा नहीं।
द्विकर्मक क्रियादहरी करनि सरानरामे छवाटा के मिठाइ देलेइक।राम ने लड़के को मिठाई दी। (दो कर्म)
विधि क्रिया—तोंय जाइं। मके जाइ दे। तोंय ना जाइं।तुम जाओ (आज्ञा)। मुझे जाने दो (अनुमति)। तुम मत जाओ (निषेध)।

क्रिया की दशाएँ (सरानेक दासा)

दशाकुरमाली नामउदाहरणहिंदी
निश्चयार्थसटीक / ठउकामोंय खाहों। मोहन पढ़ेइस।मैं खा रहा हूँ। मोहन पढ़ता है।
संभावनार्थ—आइज हेइ पारेक पानी बरसतेइक। (अनुमान); तोंय बेसी दिन बांचे। (इच्छा)आज शायद वर्षा हो। तुम दीर्घायु हो।
संदेहार्थदगधाहेइ पारेक ओंय आवेस आहे। राम गेल हेताक।संभवतः वह आता होगा। राम गया होगा।
आज्ञार्थआढ़ानतोंय जाइं। बड़ऽ लगेक काथा सुना। तोंय ना करें।तुम जाओ। बड़ों की बात सुनो। तुम मत करो।
संकेतार्थ—पानी बरसे तेलेइक ताहेले धान हेइ तेलेइक।पानी बरसता तो धान होता।

काल (बेरा)

क्रिया के होने या करने का समय काल (बेरा) है। तीन भेद:

हिंदीकुरमालीभेदों की संख्या
वर्तमान कालचलती बेरा6
भूतकालबिती बेरा7
भविष्यत् कालआवती / आउती बेरा6
याद रखने का सूत्रचलती (चल रहा) – बिती (बीत गया) – आवती (आने वाला)। भेद: 6 – 7 – 6।

वर्तमान काल (चलती बेरा) — 6 भेद

भेदकुरमाली नामउदाहरणहिंदी
सामान्य वर्तमानटुकु चलती बेरामोंय जाहों। तोंय खाहिसे। करमा संड़गेइस।मैं जाता हूँ। तुम खाते हो। करमा सोता है।
तात्कालिक वर्तमान(Present Continuous)तोंय काहाँ जाइसला? मोंय जाउँला। अरा जात ला।तुम कहाँ जा रहे हो? मैं जा रहा हूँ। वे जा रहे हैं।
पूर्ण वर्तमानपूरन चलती बेराराम आवल आहे। ओंय आवल आही।राम आया है। वह (स्त्री) आई है।
पूर्ण तात्कालिक वर्तमानपूरन-अपूरन चलती बेरामेघु बिहान ले खेलते आहे।मेघु सुबह से खेल रहा है।
संदिग्ध वर्तमानदगधा चलती बेराओंय पढ़ेइत हेत। राम धान काटेइत हेत।वह पढ़ता होगा। राम धान काटता होगा।
आज्ञार्थ वर्तमानआढ़हान चलती बेरातरा जा। तोंय पढ़ें।तुम लोग जाओ। तुम पढ़ो।

भूतकाल (बिती बेरा) — 7 भेद

भेदकुरमाली नामउदाहरणहिंदी
सामान्य भूतटुकु बिती बेराकरमा गेलाक। मोंय खालों।करमा गया। मैंने खाया।
आसन्न भूतठाउनि बिती बेराओंय खाल आहे। जेठु बाजार गेल आहे।उसने खाया है। जेठु बाज़ार गया है।
पूर्ण भूतपूरन बिती बेराफागु हाट गेल रहे। राम हियाँ आवल रहे।फागु हाट गया था। राम यहाँ आया था।
अपूर्ण भूतबे-पूरन बिती बेराफागु जाइ हेलाक। बुधनीइं साग काटे हेली।फागु जा रहा था। बुधनी साग काट रही थी।
पूर्ण तात्कालिक भूतपूरन-अपूरन बिती बेरातोंय जनहाइर खाते रहे हेलीस।तुम जनहाइर खाते रहे थे।
संदिग्ध भूतदगधा बिती बेराराम आवल हेताक। हरि गेल हेत।राम आया होगा। हरि गया होगा।
हेतुहेतुमद् भूतहेइबगेइबगत बेरातोंय आवेतेलिस तऽ मोंय जाइतेलों।तुम आते तो मैं जाता।

भविष्यत् काल (आवती बेरा) — 6 भेद

भेदकुरमाली नामउदाहरणहिंदी
सामान्य भविष्यत्टुकु आवती बेरामोंय पढ़म। तोंय पढ़बे। हामरा पढ़ब। तरा पढ़बेहे।मैं पढ़ूँगा। तुम पढ़ोगे। हम पढ़ेंगे। आप लोग पढ़ेंगे।
तात्कालिक भविष्यत्अपूरन आवती बेराराम पढ़ते रहत। मोंय पढ़ते रहम।राम पढ़ता रहेगा। मैं पढ़ता रहूँगा।
पूर्ण भविष्यत्पूरन आवती बेरामोंय टाका जगाड़ करल हेम। ओंय … करल हेत।मैं रुपये जमा कर चुका होऊँगा। वह … कर चुका होगा।
पूर्ण तात्कालिक भविष्यत्पूरन-अपूरन आवती बेरामोंय टाका जगाड़ करते रहम।मैं रुपये जमा करता रहूँगा।
आज्ञार्थ भविष्यत्आढ़हान आवती बेरातोंय घारे रहबे। तोंय काइल जाबे।तुम घर में रहना। तुम कल जाना।
संदिग्ध भविष्यत्दगधा आवती बेराहेइ पारेइक ओंय पास करत।हो सकता है वह पास करे।
पहचान"हेत / हेताक" (होगा) से संदिग्ध; "रहे" (था) से पूर्ण भूत; "हेलाक / हेली" (रहा था) से अपूर्ण भूत; "-तेलों / -तेलिस / -तेलेइक" से हेतुहेतुमद्।

पुरुष-वचन से क्रिया का रूप: एक चार्ट ("जाना" क्रिया)

वर्तमान (चलती)भूत (बिती)भविष्यत् (आवती)
मीरझन — एकवचनमोंय जाहोंमोंय गेलोंमोंय जाम
पिठियाझन — एकवचनतोंय जाहिसतोंय गेलेतोंय जाबे
आनझन — एकवचनओंय जाइसओंय गेलाकओंय जात
मीरझन — बहुवचनहामरा जाहियोहामरा गेल रहियोहामरा जाब
पिठियाझन — बहुवचनतरा / तहरा जाहियातहरा गेल रहियातहरा जाबेहे
आनझन — बहुवचनअरा / अखरा जाहातअखरा गेल रहतअखरा जाता

संज्ञा और क्रिया का परस्पर परिवर्तन

संज्ञा से क्रिया (आंगा ले सरान)

संज्ञाक्रियासंज्ञाक्रिया
पानीपेनिया, पेनियावसाबुनसाबनाव
हाथहेथिया, हेथिआवलाइतलेथिया, लेथिआव
उठानउठा, उठावाचुमानचुमा, चुमाव
बांधनबांधाडहरडहराव

क्रिया से संज्ञा (सरान ले आंगा)

क्रियासंज्ञाक्रियासंज्ञा
गनागनतीचलाचलन / चलती
उठाउठानमारामाइर
पीयापियास / पिआसलूटालुटेइया
गावागावेइयाबांटाबांटेइया

विशेषण से क्रिया (गुनिन ले सरान)

चिकन → चिकनाव, जवान → जवा, आगु → आगुआव, पेछु → पेछुआव, सझऽ → सझाव / सझाउ

पारिभाषिक शब्दावली

हिंदीकुरमालीEnglish
क्रियासरानVerb
मूल धातुगड़ा सरानRoot verb
यौगिक धातुजड़ाल / मेसाल सरानDerived verb
प्रेरणार्थकहुड़न सरानCausative
नाम धातुआंगिक / सिरजान सरानDenominative
अनुकरण धातुबे-सरा सरानImitative
सहायक क्रियासता सरानHelping verb
संयुक्त क्रियादहरीसरानCompound verb
सकर्मककरमिक सरानTransitive
अकर्मकबेकरमिक सरानIntransitive
पूर्वकालिकबेसरा सरानParticiple
निषेधबारन / बारनबाचीNegative
कालबेराTense
वर्तमान / भूत / भविष्यत्चलती / बिती / आवती बेराPresent / Past / Future
संदिग्धदगधाDoubtful

अभ्यास प्रश्न

  1. कुरमाली में क्रिया को क्या कहते हैं?

    1. (क) गुनिन
    2. (ख) सरान
    3. (ग) तामान
    4. (घ) परिक
    उत्तर देखें

    (ख) सरान = क्रिया।

  2. "सीता जाइस आही" — यहाँ "आही" किस कारण बदला है?

    1. (क) लिंग (स्त्रीलिंग)
    2. (ख) काल
    3. (ग) पुरुष
    4. (घ) कारक
    उत्तर देखें

    (क) पुल्लिंग में आहे, स्त्रीलिंग में आही।

  3. "आहे" का निषेधात्मक रूप है —

    1. (क) नहेइक
    2. (ख) निहेतेइक
    3. (ग) नहे
    4. (घ) नेखे
    उत्तर देखें

    (घ) आहे → नेखे।

  4. "हेकेइक" का निषेधात्मक रूप है —

    1. (क) नेखे
    2. (ख) नहे
    3. (ग) नहेइक
    4. (घ) ठेपो
    उत्तर देखें

    (ग) हेकेइक → नहेइक।

  5. प्रेरणार्थक क्रिया को कुरमाली में क्या कहते हैं?

    1. (क) गड़ा सरान
    2. (ख) हुड़न सरान
    3. (ग) सता सरान
    4. (घ) बे-सरा सरान
    उत्तर देखें

    (ख) हुड़न सरान।

  6. "खा, जा, गुच, लेग" किस प्रकार की धातुएँ हैं?

    1. (क) मूल (गड़ा सरान)
    2. (ख) यौगिक
    3. (ग) नाम धातु
    4. (घ) अनुकरण
    उत्तर देखें

    (क) मूल धातु।

  7. संयुक्त क्रिया का कुरमाली नाम है —

    1. (क) दहरी करनि सरान
    2. (ख) बेसरा सरान
    3. (ग) सरान आंगा
    4. (घ) दहरीसरान
    उत्तर देखें

    (घ) दहरीसरान।

  8. "ओंय चले पारेइ" (वह चल सकता है) — संयुक्त क्रिया का कौन-सा भेद है?

    1. (क) इच्छाबोधक
    2. (ख) आरंभबोधक
    3. (ग) शक्तिबोधक
    4. (घ) अनुमतिबोधक
    उत्तर देखें

    (ग) पारेइ = सकता है।

  9. "ओंय आवे खजेइस" (वह आना चाहता है) किस भेद का उदाहरण है?

    1. (क) अवकाशबोधक
    2. (ख) इच्छाबोधक
    3. (ग) निश्चयबोधक
    4. (घ) शक्तिबोधक
    उत्तर देखें

    (ख) खजेइस = चाहता है।

  10. अकर्मक क्रिया को कुरमाली में क्या कहते हैं?

    1. (क) बेकरमिक सरान
    2. (ख) करमिक सरान
    3. (ग) दहरी करनि सरान
    4. (घ) हुड़न सरान
    उत्तर देखें

    (क) बे + करमिक।

  11. पूर्वकालिक क्रिया को कुरमाली में क्या कहते हैं?

    1. (क) गड़ा सरान
    2. (ख) सता सरान
    3. (ग) सरान आंगा
    4. (घ) बेसरा सरान
    उत्तर देखें

    (घ) "पढ़ी के" जैसे रूप।

  12. "वर्तमान काल" का कुरमाली नाम है —

    1. (क) बिती बेरा
    2. (ख) आवती बेरा
    3. (ग) चलती बेरा
    4. (घ) टुकु बेरा
    उत्तर देखें

    (ग) चलती बेरा।

  13. ग्रंथ के अनुसार भूतकाल (बिती बेरा) के कितने भेद हैं?

    1. (क) 6
    2. (ख) 7
    3. (ग) 5
    4. (घ) 8
    उत्तर देखें

    (ख) वर्तमान 6, भूत 7, भविष्यत् 6।

  14. "राम गेल हेताक" किस काल का उदाहरण है?

    1. (क) संदिग्ध भूत (दगधा बिती बेरा)
    2. (ख) सामान्य भूत
    3. (ग) पूर्ण भूत
    4. (घ) आसन्न भूत
    उत्तर देखें

    (क) "होगा" का भाव — संदिग्ध।

  15. "फागु हाट गेल रहे" किस काल का उदाहरण है?

    1. (क) सामान्य भूत
    2. (ख) अपूर्ण भूत
    3. (ग) आसन्न भूत
    4. (घ) पूर्ण भूत
    उत्तर देखें

    (घ) गया था।

  16. "मोंय जाम" किस काल का रूप है?

    1. (क) सामान्य वर्तमान
    2. (ख) सामान्य भूत
    3. (ग) सामान्य भविष्यत्
    4. (घ) आज्ञार्थ वर्तमान
    उत्तर देखें

    (ग) भविष्यत् में "म" प्रत्यय।

  17. "तोंय आवेतेलिस तऽ मोंय जाइतेलों" किस काल का उदाहरण है?

    1. (क) संदिग्ध भविष्यत्
    2. (ख) हेतुहेतुमद् भूत
    3. (ग) पूर्ण भविष्यत्
    4. (घ) आज्ञार्थ
    उत्तर देखें

    (ख) "आते तो जाता" — हेतुहेतुमद्।

  18. "ओंय" (वह) के साथ सामान्य भूतकाल में "जाना" का रूप है —

    1. (क) गेलाक
    2. (ख) गेले
    3. (ग) गेलों
    4. (घ) जाइस
    उत्तर देखें

    (क) ओंय गेलाक।

  19. संदिग्धार्थ दशा को कुरमाली में क्या कहते हैं?

    1. (क) आढ़ान
    2. (ख) टुकु
    3. (ग) सटीक
    4. (घ) दगधा
    उत्तर देखें

    (घ) दगधा = संदेह।

  20. "हाथ" संज्ञा से बनी क्रिया है —

    1. (क) हाथाव
    2. (ख) हथियार
    3. (ग) हेथिआव
    4. (घ) हाथिया
    उत्तर देखें

    (ग) आंगा ले सरान।

संदर्भ

ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:

  • डॉ. हरदेव नारायण सिंह, "कुरमाली व्याकरण", झारखण्ड झरोखा, राँची, 2017 (ISBN 978-93-85595-21-9), पृ. 23–30, 43–49, 76–77