पत्र 2 · जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (कुरमाली) · अध्याय 7
कुरमाली उपसर्ग और प्रत्यय (पेंउदा, पाइन)
कुरमाली · कुड़माली · Kurmali · Kudmali
शब्द के आगे जुड़ने वाले छोटे खंड (पेंउदा) और पीछे जुड़ने वाले खंड (पाइन)। कुरमाली में बे-, दर-, नि- उपसर्ग और -इया, -आल, -टा/-टी, -गिला प्रत्यय बहुत प्रचलित हैं।
अंतिम अपडेट: 2026-10-14
इस अध्याय में
उपसर्ग (पेंउदा)
जो छोटे शब्दांश मूल क्रिया (गड़ासरान), संज्ञा (आंगा) या विशेषण (गुनिन) के पहले जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, उन्हें उपसर्ग (पेंउदा या टुकु जुमुक) कहते हैं।
| उपसर्ग | उदाहरण | उपसर्ग | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| उ | उसट | आ | आजाड़ |
| अ | अभागा | नि | निठुर |
| अन | अनचिनहा | आड़ | आड़बेरा |
| आध | आधपाका | निर | निरबंसि |
| अप | अपजस | दर | दरफाड़ा |
| उपसर्ग | भाव (हमारी व्याख्या) | उदाहरण |
|---|---|---|
| बे- | बिना, रहित | बेसरम, बेहाल, बेकायदा, बेपाता, बेघाइत |
| दर- | आधा / अधूरा | दरपाका, दरकांचा, दरसीझा, दरबूढ़ा |
| नि-, निर- | बिना, रहित | निफिकिर, निकामिया, निरदंदी, निरबंसि |
| अ-, अन- | नहीं | अभागा, अबुझ, अनचिनहा, अनदेखा, अनठेकान |
| आध- | आधा | आधपाका, आधपुरवा, आधापेटा |
| बद- | बुरा | बदनाम, बदचलन, बदजाइत |
| सत- | सौतेला | सतमायं |
उपसर्ग वाले कुरमाली शब्द (88)
ग्रंथ में दी गई कुरमाली पेंउदा-सूची:
- अचेठा
- अहेला
- अबुझ
- अदिसा
- अभागा
- अभागी
- अपांइत
- अगनती
- आजाड़
- आथाउ
- आबस
- आकाट
- अकान
- आनदिन
- आदिखलाहा
- आपजाँची
- आड़बेरा
- आसांभाड़
- अनदेखा
- अनजाइत
- अनधन
- अनठेकान
- आनझन
- आधपुरवा
- आधापेटा
- उरिन
- उलबुधिया
- केजान
- काठबाप
- दरछाहाँ
- दरचिनहा
- दरफाड़ा
- दरबूढ़ा
- दरछला
- दरपाका
- दरकुचा
- दरसीझा
- दरपड़ा
- दरकांचा
- दरखावा
- दरपुरवा
- नापाता
- निरदंदी
- निफिकिर
- निसहा
- निजाला
- निछाड़
- निचुत
- निखउका
- निघात
- निकामिया
- निचाल
- निझूम
- नीमजुवान
- निआलिस
- परदुवारी
- बदनाम
- बदजाइत
- बदचलन
- बाथान
- बिजड़
- बिकल
- बेचारा
- बेलस
- बेपाता
- बेहया
- बेभरम
- बेछंद
- बेबहन
- बेजुइत
- बेघाइत
- बेगनती
- बेयाराम / बेआराम
- बेयाकुल
- बेबुधिया
- बेमानी
- बेचाइड़
- बेसरम
- बेखहड़
- बेलुरिया
- बेहाल
- बेदार
- बेढप
- बेकायदा
- बेजड़
- लिलज
- सथल
- सतमायं
प्रत्यय (पाइन) और उसके 4 भाग
जो छोटे शब्दांश शब्द के बाद जुड़ते हैं, उन्हें प्रत्यय (पाइन) कहते हैं — लेका → लेकी (-ई), गरखी → गरखिया, भादर → भादरिया, सगड़ → सगड़िया (-इया), भउजि → भउजाइ (-आइ), देवर → देवरानी (-आनी), रिझ → रिझुआड़ (-आड़)।
| भाग | कुरमाली नाम | काम | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1. विभक्ति | परिकेक चिनहा | कारक बताने वाले चिह्न; काल और पुरुष के अनुसार क्रिया का रूप भी देते हैं | ए, के, ले, कर, तेहें, खातिर — रामे खाल (राम ने खाया), राम के मारलेइक (राम को मारा) |
| 2. कृत् | गड़ासरान बा सरान पाइन | क्रिया के अंत में जुड़कर | पिंधा → पिंधान, पढ़ा → पढ़ल, गढ़ा → गढ़ल |
| 3. तद्धित | आंगा-गुनिन पाइन | संज्ञा और विशेषण के अंत में | छटऽ → छटका, रंग → रेंगिया / रंगुवा, हेरेइद → हेरदिया |
| 4. स्त्री प्रत्यय | मादा पाइन | स्त्रीलिंग बनाने वाले | बाघ → बाघिन, सियार → सियारिन, देवर → देवरानी, काका → काकी |
प्रमुख पाइन उदाहरण सहित (67)
| पाइन | उदाहरण |
|---|---|
| -आइं | कानाइं, थानाइं, भरसाइं |
| -आउ | मेटाउ, जिजाउ, सिटकाउ |
| -आइन | दुखाइन |
| -आत | भिनात |
| -आक | थेचकलाक, डाकलाक, खालाक; बुताक, भरसाक, जाताक |
| -आल | लरूआल, रिठाल, लुकाल, बुढ़ाल, सेंखियाल, डांडाल |
| -आड़ी | एसवाड़ी, आंकवाड़ी, असवाड़ी |
| -आला | गठाला, पेतियाला |
| -आहि / -आही | गागालाहि, मरलाहि, छछड़ाही |
| -आउलेइक | कांदावलेइक, माथावलेइक, ठनकावलेइक |
| -आन | फेदान, सेंकान, सांधान |
| -आरि | सेंझियारी |
| -आहे | कांदेसाहे, जाइसाहे, मरेसाहे |
| -इया | उपासिया, गनगनिया, उपरिया |
| -इं | आगुइं, पेछुइं |
| -एक | गांवेक, घारेक, रामेक |
| -कहन | खाइकहन, नाभिकहन, धरिकहन |
| -कुहुन | ठेसाइकुहुन, फांड़ीकुहुन, हांकाइकुहुन |
| -गिला | गरूगिला, छवागिला, पाखनगिला |
| -टा | गरूटा, छवाटा, गाछटा |
| -टी | बाछुरटी, छवाटी, खुखड़ीटी |
| -टाक | गरूटाक, घारटाक, छवाटाक |
| -टाके | बाघटाके, मानुसटाके, गरूटाके |
| -टांइ | माचाटांइ, कुआँटाइं, घारटाइं |
| -गानी | आइजगानी, तबेगानी, हेलेगानी |
| -टाउ | इटाउ, उटाउ, सेटाउ |
| -टाकर | घारटाकर, गाछटाकर, काथाटाकर |
| -ठीन | तरठीन, अकरठीन, कनठीन, मामाठीन |
| -डुल | तरडुल, अकरडुल |
| -त | पारत, डेगत, हेंटत, खात, जात, खेलत |
| -तड़िक | जखनतड़िक, एखनतड़िक, घारतड़िक |
| -ताक | मारताक, कांदताक, मरताक |
| -तर | छांछातर, गाछतर |
| -तेला | पारेतेला, जाइतेला, खेलेतेला |
| -तेलि | जाइतेलि, खाइतेलि, रांधेतेलि |
| -तेन | धरतेन, देतेन, करतेन |
| -थिक | खालथिक, गेलथिक, कथिक |
| -थिन | देबथिन, लेबथिन, करबेथिन |
| -थुन | देबथुन, खाबथुन, लेबथुन |
| -धाइर | घारधाइर, एकधाइर, चाइरोधाइर |
| -पुरति | राइतपुरति, घारपुरति |
| -नि | मलकनि, माथानि |
| -नियार | तरनियार, अकरनियार, बेटानियार |
| -ब | बसब, खेदब, जतब |
| -बहन | कहबहन, मारबहन, पिटबहन |
| -बेहे | पावबेहे, जाबेहे, आउबेहे |
| -बाटे | गाँवबाटे, बाड़ीबाटे, खेतबाटे |
| -म | जाम, खाम, घुरम, रहम, पारम |
| -मुंड़ि | गांवमुंड़ि, कुआँमुंड़ि |
| -माहान | सेइमाहान, अहेमाहान, छाइनमाहान |
| -ल | बसल, थकल, मरल, गुचल |
| -बेसिक | मारबेसिक, टानबेसिक |
| -लाक | इड़कलाक, हेंटलाक, मारलाक |
| -लाइ | खाइलाइ, मरेलाइ, आनेलाइ |
| -ई | लागली, मारली, सुतली, गेली |
| -लाहा | कुटलाहा, आदिखलाहा |
| -लेखे | तरलेखे, अकरलेखे, कनऽलेखे |
| -लेहे | करलेहे, मारलेहे, भांगलेहे |
| -लेन | मारलेन, कहलेन |
| -सिक | देबसिक, लेबसिक, खाबसिक |
| -सार | हेंड़सार, कुआँसार |
| -हान | आनलाहान, छाड़ीहान |
| -हेली | कांदेहेली, जाइहेली, खेलेहेली |
| -हार | करताहार, मरताहार |
| -हेलाक | खाइहेलाक, चरेहेलाक, जाइहेलाक |
| -हारी | तुलिनहारी, बन्ताहारी |
| -हात | खाहात, जाहात, निदाहात, देखाहात |
पारिभाषिक शब्दावली
| हिंदी | कुरमाली | English |
|---|---|---|
| उपसर्ग | पेंउदा / टुकु जुमुक | Prefix |
| प्रत्यय | पाइन | Suffix |
| विभक्ति | परिकेक चिनहा | Case marker |
| कृत् प्रत्यय | सरान पाइन | Verbal suffix |
| तद्धित प्रत्यय | आंगा-गुनिन पाइन | Nominal suffix |
| स्त्री प्रत्यय | मादा पाइन | Feminine suffix |
अभ्यास प्रश्न
कुरमाली में उपसर्ग को क्या कहते हैं?
- (क) पाइन
- (ख) पेंउदा
- (ग) चिनहा
- (घ) तामान
उत्तर देखें
(ख) पेंउदा / टुकु जुमुक।
कुरमाली में प्रत्यय को क्या कहते हैं?
- (क) पाइन
- (ख) पेंउदा
- (ग) एकुन
- (घ) परिक
उत्तर देखें
(क) पाइन।
"बेसरम" में कौन-सा उपसर्ग है?
- (क) बेस
- (ख) स
- (ग) सरम
- (घ) बे
उत्तर देखें
(घ) बे + सरम।
"अनचिनहा" में कौन-सा उपसर्ग है?
- (क) अ
- (ख) अनचि
- (ग) अन
- (घ) चिनहा
उत्तर देखें
(ग) अन + चिनहा।
"आड़बेरा" में उपसर्ग है —
- (क) आ
- (ख) आड़
- (ग) बे
- (घ) बेरा
उत्तर देखें
(ख) आड़ + बेरा।
"दरफाड़ा" में उपसर्ग है —
- (क) दर
- (ख) द
- (ग) फाड़ा
- (घ) दरफ
उत्तर देखें
(क) दर + फाड़ा।
"निरबंसि" में उपसर्ग है —
- (क) नि
- (ख) निरब
- (ग) बंसि
- (घ) निर
उत्तर देखें
(घ) निर + बंसि।
कुरमाली प्रत्ययों को कितने भागों में बाँटा गया है?
- (क) 2
- (ख) 3
- (ग) 4
- (घ) 5
उत्तर देखें
(ग) विभक्ति, कृत्, तद्धित, स्त्री प्रत्यय।
तद्धित प्रत्यय का कुरमाली नाम है —
- (क) सरान पाइन
- (ख) आंगा-गुनिन पाइन
- (ग) मादा पाइन
- (घ) परिकेक चिनहा
उत्तर देखें
(ख) संज्ञा-विशेषण के अंत में।
"बाघ → बाघिन" में कौन-सा प्रत्यय है?
- (क) स्त्री प्रत्यय (मादा पाइन)
- (ख) तद्धित
- (ग) कृत्
- (घ) विभक्ति
उत्तर देखें
(क) स्त्रीलिंग बनाने वाला।
"पढ़ा → पढ़ल" किस प्रत्यय का उदाहरण है?
- (क) विभक्ति
- (ख) तद्धित
- (ग) स्त्री
- (घ) कृत्
उत्तर देखें
(घ) क्रिया के अंत में।
"देवर → देवरानी" में प्रत्यय है —
- (क) -ई
- (ख) -इया
- (ग) -आनी
- (घ) -आइ
उत्तर देखें
(ग) -आनी।
"भादर → भादरिया" में प्रत्यय है —
- (क) -आ
- (ख) -इया
- (ग) -रिया
- (घ) -या
उत्तर देखें
(ख) -इया।
विभक्ति को कुरमाली में क्या कहते हैं?
- (क) परिकेक चिनहा
- (ख) मादा पाइन
- (ग) टुकु जुमुक
- (घ) पेंउदा
उत्तर देखें
(क) कारक के चिह्न।
"गरूगिला, छवागिला" में "-गिला" प्रत्यय क्या बताता है?
- (क) स्त्रीलिंग
- (ख) संबंध
- (ग) भूतकाल
- (घ) बहुवचन
उत्तर देखें
(घ) बहुवचन।
"जाम, खाम, रहम" में "-म" प्रत्यय किस काल का बोध कराता है?
- (क) वर्तमान
- (ख) भूत
- (ग) भविष्यत्
- (घ) संदिग्ध
उत्तर देखें
(ग) भविष्यत् (मीरझन)।
"गांवेक, घारेक, रामेक" में "-एक" प्रत्यय किस कारक का है?
- (क) कर्म
- (ख) संबंध
- (ग) करण
- (घ) अपादान
उत्तर देखें
(ख) का/के/की।
"छटऽ → छटका" किस प्रकार के प्रत्यय का उदाहरण है?
- (क) तद्धित (आंगा-गुनिन पाइन)
- (ख) कृत्
- (ग) स्त्री
- (घ) विभक्ति
उत्तर देखें
(क) विशेषण के अंत में।
"सियार" का स्त्रीलिंग है —
- (क) सियारी
- (ख) सियाराइन
- (ग) सियारनी
- (घ) सियारिन
उत्तर देखें
(घ) -इन।
"बदचलन" में उपसर्ग है —
- (क) ब
- (ख) चलन
- (ग) बद
- (घ) बदच
उत्तर देखें
(ग) बद + चलन।
संदर्भ
ये नोट्स हमने अपने शब्दों में लिखे हैं। नियमों और उदाहरणों का मिलान इन मानक स्रोतों से किया गया है:
- डॉ. हरदेव नारायण सिंह, "कुरमाली व्याकरण", झारखण्ड झरोखा, राँची, 2017 (ISBN 978-93-85595-21-9), पृ. 54–60